होम / बिजनेस / G-20 में 500 इवेंट करने की अहम भूमिका निभाएगा ICCR : केन्द्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी
G-20 में 500 इवेंट करने की अहम भूमिका निभाएगा ICCR : केन्द्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी
भारतीय सांस्कृतिक परिषद के 74वें स्थापना दिवस पर इस साल भारत की जी-20 में प्रेसीडेंसी को लेकर बनाई गई भव्य रूपरेखा का ब्यौरा पेश किया गया. ICCR कार्यक्रमों की गुणवत्ता को देखने का काम कर रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) का 74वां स्थापना दिवस मनाया गया. इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि केन्द्रीय विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी मौजूद रहीं. इस मौके पर उन्होंने कहा कि ये बेहद खुशी की बात है कि इस साल भारत जिस जी-20 बैठक की अगुवानी करने जा रहा है उसमें ICCR महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है. ICCR के इस कार्यक्रम में पिछले कुछ अध्यक्ष और डीजी मौजूद रहे जिसमें कांग्रेस नेता कर्ण सिंह और ब्यूरोक्रेट लोकेश चंद्रा शामिल रहे.
क्या बोली मीनाक्षी लेखी
इस कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी की सरकार आने के बाद सभ्यता और संस्कृति को लेकर विस्तार से काम हुआ है. जो बजट था उसे भी बढ़ाया गया है. इसी का कारण है कि 1970 में जो हमारे सेंटर की संख्या 1 थी, आज वो 37 तक जा पहुंची है. उन्होंने ये भी कहा कि हमारे देश में जी-20 चल रहा है. इसे लेकर ICCR के जिम्मे 500 इवेंट हैं. इन सभी कार्यक्रमों को लेकर वो राज्यों के साथ सहयोग कर रहा है. भारतीय संस्कृति को देश और दुनिया में पहुंचाना ही हमारा लक्ष्य है. उसे ICCR बेहतर तरीके से कर रहा है.
पूर्व अध्यक्षों को किया गया सम्मानित
ICCR के इस कार्यक्रम में सभी पूर्व अध्यक्षों को आमंत्रित किया गया था. लेकिन उसमें प्रमुख तौरे पर कांग्रेसी नेता डॉ. कर्ण सिंह और भारतीय वेद, बौध धर्म के विद्वान लोकेश चंद्रा भी शामिल रहे. इस मौके पर अपनी बात रखते हुए कर्ण सिंह ने कहा कि ICCR को इस वृहद आकार में पहुंचाने के लिए मौजूदा प्रेसीडेंट और पूरी टीम को बहुत बहुत बधाई देना चाहूंगा. उन्होंने ये भी कहा कि वैसे तो मैने कई विभागों और परिष्दों में काम किया है लेकिन यहां बीता समय अपने आप में विशेष था.
क्या बोले ICCR के प्रेसीडेंट
74वें स्थापना दिवस के मौके पर बिजनसे वर्ल्ड से बात करते हुए आईसीसीआर के प्रेसीडेंट विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि भारत के सांस्कृतिक संबंधों में हमारे पुरखों ने तो पहुंचाया ही था, लेकिन रामायण महाभारत पहुंचना, हमारे रेस्टोरेंट पहुंचना, फिल्मों का पहुंचना इससे हमारी संस्कृति को लेकर आंकर्षण जरूर बढ़ता है लेकिन उसका आंकलन नहीं हो पाता है. सही आंकलन जरूरी है. इसी को कहते हैं कल्चरल संबंध और इसी को कहते हैं सॉफ्ट पॉवर, और उस दिशा में हमने जो कार्यक्रम चलाए हैं उससे इसमें काफी मदद मिली है. जी 20 में जो प्रस्तुतियां हो रही हैं आईसीसीआर उसमें उन कार्यक्रमों की गुणवत्ता का आंकलन कर रहा है.
टैग्स