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अब तक 19, हिंडनबर्ग ने खुलासों के कई बम फोड़े, लेकिन कौनसा धमाका था सबसे बड़ा?
पिछले साल अडानी समूह की परेशानी की वजह बनी हिंडनबर्ग भारत में फिर कोई बड़ा खुलासा करने की तैयारी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
हिंडनबर्ग रिसर्च ने कुछ ऐसा कह दिया है कि भारतीय कारोबारियों की नींद उड़ना लाजमी है. इस अमेरिकी शॉर्ट सेलिंग कंपनी ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि भारत में जल्दी ही कुछ बड़ा होने वाला है. हिंडनबर्ग का इतिहास बताता है कि उसके इस तरह के मैसेज कारोबारी दुनिया में किसी बड़ी सुनामी की वजह बनते हैं. लिहाजा, कारोबारियों का सहमना लाजमी है.
दौलत का पहाड़ दरक गया
पिछले साल हिंडनबर्ग न अडानी समूह पर बम फोड़ा था, जिसके प्रभाव से बाहर निकलने में उसे पूरा साल लग गया. शॉर्ट सेलिंग फर्म के आरोपों से अडानी ग्रुप का मार्केट कैप में 150 अरब डॉलर तक गिर गया था. समूह के चेयरमैन गौतम अडानी जो दुनिया के नंबर 1 रईस बनने की राह पर थे, वह अरबपतियों के लिस्ट में लुढ़ककर बहुत नीचे पहुंच गए. अडानी की कंपनियों के शेयरों में आई सुनामी से पूरा शेयर बाजार हिल गया. हालांकि, ये हिंडनबर्ग का सबसे बड़ा धमाका नहीं था.
यूएस और चीन भी निशाने पर
अडानी समूह से पहले पहले हिंडनबर्ग अमेरिका, कनाडा और चीन की लगभग 18 कंपनियों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट प्रकाशित कर चुकी है. इससे शेयर बाजारों में काफी घमसान मचा था, लेकिन ज्यादा प्रभाव अमेरिका में देखने को मिला, क्योंकि खुलासे की जद में आईं अधिकांश कंपनियां अमेरिकी थीं. इस तरह, हिंडनबर्ग रिसर्च अब तक कुल 19 रिपोर्ट जारी कर चुकी है.
हिल उठा था अमेरिका
हिंडनबर्ग की सबसे बड़ा धमाका करने वाली रिपोर्ट सितंबर 2020 में जारी हुई थी. इसमें निकोला नाम की अमेरिकी इलेक्ट्रिक ऑटो कंपनी से जुड़े खुलासे किए गए थे. इस खुलासे के बाद निकोला के शेयर 80 प्रतिशत तक टूट गए थे. इस खुलासे से पहले तक निकोला का मार्केट कैप 30 अरब डॉलर था. दरअसल, निकोला ने ज़ीरो कॉर्बन उत्सर्जन के भविष्य का सपना दिखाया था. इसी सिलसिले में उसने जनवरी 2018 में हाइवे पर बैटरी से चलने वाले 'निकोला वन सेमी ट्रक' की तेज रफ्तार का वीडियो जारी किया. हिंडनबर्ग की जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि सेमी-ट्रक को पहाड़ के पहले ऊपरी हिस्से पर घसीटकर ले जाया गया और फिर ढलान पर छोड़ा गया. इससे जो रफ़्तार निर्मित हुई, उसे शूट करके दिखाया गया कि ट्रक ने बैटरी से स्पीड पकड़ी है.
देना पड़ा था इस्तीफा
निकोला ने हिंडनबर्ग के आरोपों से इंकार किया, लेकिन बवाल इतना अधिक बढ़ गया कि कंपनी के संस्थापक और कार्यकारी अध्यक्ष ट्रेवर मिल्टन को इस्तीफा देना पड़ा. इस दिग्गज कंपनी पर 12 करोड़ डॉलर से अधिक का जुर्माना भी लगा था. इससे बाद से कारोबारी संस्थानों में हिंडनबर्ग का खौफ पैदा हो गया, जो समय के साथ बढ़ता गया. जनवरी 2023 में अडानी समूह पर रिपोर्ट प्रकाशित करके हिंडनबर्ग रिसर्च भारत में भी फेमस हो गई.
हादसे से जुड़ा है नाम
हिंडनबर्ग रिसर्च एक फाइनेंशियल रिसर्च करने वाली कंपनी है. यह कंपनी इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव मार्केट के आंकड़ों का विश्लेषण करती है. नाथन एंडरसन ने 2017 में हिंडनबर्ग रिसर्च की स्थापना की थी. इसके साथ ही हिंडनबर्ग हेज फंड के कारोबार से भी जुड़ी हुई है. बताया जाता है कि अडानी समूह पर शॉर्ट सेलिंग से इस कंपनी ने मोटी कमाई की थी. नाथन एंडरसन की इस कंपनी का नाम हिंडनबर्ग हादसे पर आधारित है. हिंडनबर्ग एक जर्मन एयरशिप था, जिसमें 1937 में आग लग गई थी और करीब 35 लोग मारे गए थे. जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से अमेरिका के न्यू जर्सी की यात्रा के दौरान लैंडिंग के समय इसमें आग लग गई थी.
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