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हिंडनबर्ग ने SEBI चीफ पर लगाए गंभीर आरोप, माधबी पुरी बुच ने भी किया पलटवार, कहा- आरोप निराधार
हिंडनबर्ग रिसर्च ने नई रिपोर्ट में सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच के ऊपर कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग (Hindenburg) बीते साल 2023 की शुरुआत में ये नाम सुर्खियों में था और हो भी क्यों न आखिर इसने उस समय दुनिया के टॉप-3 अमीरों में शामिल रहे भारतीय अरबपति गौतम अडानी को लेकर ऐसा खुलासा किया था, कि वे देखते ही देखते टॉप-30 अरबपतियों की लिस्ट से भी बाहर हो गए थे. अब करीब 18 महीने बाद ये फिर से चर्चा में है और इसका कारण है कि इसने भारत में मार्केट रेग्युलेटर SEBI पर निशाना साधा है और इसकी चीफ माधबी पुरी बुच व उनके पति पर अडानी ग्रुप के साथ कनेक्शन का हवावा देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं.
सेबी चीफ पर लगाए गंभीर आरोप
हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक रिपोर्ट में SEBI प्रमुख माधबी पुरी और उनके पति धवल बुच पर कथित अडानी घोटाले के कनेक्शन का आरोप लगाया था. हिंडनबर्ग रिसर्च ने डॉक्यूमेंट्स का हवाला देते हुए कहा कि बुच और उनके पति के पास एक ऐसे ऑफशोर फंड में हिस्सेदारी थी जिसमें गौतम अडानी के भाई विनोद अडानी द्वारा बड़ी मात्रा में पैसा निवेश किया गया था. अपनी रिपोर्ट में हिंडनबर्ग ने बुच दंपति पर कई आरोप लगाए हैं. एक आरोप में दावा किया गया है कि जिस कंपनी में माधबी की बड़ी हिस्सेदारी है, उस कंपनी की सालाना कमाई माधबी की सालाना सैलरी से कई गुना ज्यादा है. हालांकि, अब इस मामले में सेबी चेयरपर्सन की ओर से सफाई दी गई है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ये सभी निराधार हैं और ये मात्र उन्हें बदनाम करने की कोशिश है.
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में क्या है खास?
गौरतलब है कि एक ब्लॉगपोस्ट में Hindenburg ने अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी पर अपनी रिसर्च रिपोर्ट के 18 महीने बाद उसने SEBI चीफ और उनके पति पर एक नहीं बल्कि कई गंभीर आरोप लगाए हैं. इनमें हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट का दावा है कि सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने बरमुडा और मॉरिशस के फंड में हिस्सेदारी ली, जो कि टैक्सहैवन देश हैं और इन्हीं दो फंडों का यूज गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी ने भी किया था.
कंसल्टिंग फर्म के जरिए तगड़ी कमाई का आरोप
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि हमें संदेह है कि सेबी ने अडानी ग्रुप से जुड़े ऑफशोर शेयरहोल्डर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई इसलिए नहीं की, क्योंकि उनमें मिलीभगत हो सकती है. इसमें कहा गया है कि माधबी पुरी बुच एक कंसल्टिंग फर्म Agora Advisory में 99% की स्टेक होल्डर थीं, लेकिन 16 मार्च, 2022 को सेबी के चेयरपर्सन पर नियुक्ति किए जाने से दो हफ्ते पहले उन्होंने कंपनी में अपने शेयर्स अपने पति धवल बुच के नाम ट्रांसफर कर दिए थे. इस कंपनी में उनके पति धवल बुच डायरेक्टर हैं. कंपनी की सालाना रिपोर्ट को देखें तो FY2022 में इसे कंसल्टिंग से 1.98 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जो कि माधबी पुरी बुच की सेबी की होल टाइम मेंबर की सैलरी का 4.4 गुना ज्यादा है.
आरोपों में नहीं है कोई सच्चाई- सेबी चीफ
सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने रविवार की सुबह जारी एक संयुक्त बयान में कहा- 10 अगस्त को आई हिंडनबर्ग रिपोर्ट में हमारे खिलाफ लगाए गए आरोपों के संदर्भ में हम बताना चाहते हैं कि हम रिपोर्ट में लगाए गए आधारहीन आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं. उसमें कहीं भी सच्चाई नहीं है. हमारा जीवन और फाइनेंस खुली किताब की तरह है. हमें जो भी खुलासे करने की जरूरत थी, वो सारी जानकारियां बीते सालों में सेबी को दी गई हैं.
सारे फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट कर सकते हैं जारी
सेबी चेयरपर्सन और उनके पति ने आगे कहा- हमें अपने किसी भी फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट को पब्लिक करने से कोई ऐतराज नहीं है. यहां तक कि हम जब प्राइवेट लाइफ जी रहे थे, उस समय के वित्तीय दस्तावेजों को भी जारी कर सकते हैं. हम किसी भी अथॉरिटी को सारे डॉक्यूमेंट उपलब्ध करा सकते हैं. उन्होंने हिंडनबर्ग के आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि यह सेबी के द्वारा भेजे गए कारण बताओ नोटिस के जवाब में चरित्रहनन करने का प्रयास है. सेबी चेयरपर्सन ने कहा कि पूरी पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए वह जल्दी ही इस मामले में विस्तार से बयान जारी करने वाली हैं.
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