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उत्तर प्रदेश सरकार की ग्रीन बिल्डिंग रणनीति, हरित भवनों का निर्माण होगा अनिवार्य
UP में ग्रीन बिल्डिंग आंदोलन को एक नई दिशा मिल रही है. सरकार की प्रतिबद्धता और आईजीबीसी के सहयोग से पर्यावरण सुरक्षा के साथ भारत के शहरी परिदृश्य को भी सुधारने में मदद मिलेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से लखनऊ, अब भारत में ग्रीन बिल्डिंग निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है. इस दिशा में प्रदेश सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर अधिक से अधिक पर्यावरण अनुकूल भवनों का निर्माण किया जाए. प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस प्रतिबद्धता को सार्वजनिक करते हुए बताया कि राज्य सरकार सभी सरकारी भवनों को हरित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) के साथ मिलकर प्रयास कर रही है. ये बात उन्होंने लखनऊ में आयोजित आईजीबीसी कार्यकारी बोर्ड की बैठक में कही. इस बैठक में ग्रीन बिल्डिंग के निर्माण में भारत की प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया.
भारत में हरित भवन आंदोलन को गति देने का संकल्प
इस बैठक में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने यह स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्रों में भी ग्रीन बिल्डिंग रेटिंग सिस्टम को लागू किया जा रहा है. बैठक में देशभर से विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिन्होंने ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन और टिकाऊ निर्माण के विषय पर गहन विचार-विमर्श किया.
आईजीबीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. त्यागराजन ने इस मौके पर कहा कि ग्रीन बिल्डिंग आंदोलन भारत के सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उनका मानना है कि ग्रीन बिल्डिंग्स को सिर्फ एक प्रवृत्ति नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बनाना है. यह आंदोलन सरकारी, उद्योग और समुदायों के सहयोग से तेज होगा और देशभर में ऊर्जा-कुशल और टिकाऊ शहरों का निर्माण होगा.
ग्रीन बिल्डिंग निर्माण में दूसरे स्थान पर उत्तरप्रदेश
उत्तरप्रदेश ने ग्रीन बिल्डिंग निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है और अब यह भारत में इस पहल को अपनाने में दूसरे स्थान पर है. राज्य में 1,400 से अधिक ग्रीन बिल्डिंग परियोजनाएं पंजीकृत हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 1.6 बिलियन वर्ग फुट है. इसके अलावा, उत्तरप्रदेश भारत का पहला राज्य बन चुका है जिसने हरित भवन प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं, जिनके तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अतिरिक्त एफएआर की सुविधा प्रदान की जा रही है.
ग्रीन बिल्डिंग निर्माण का केंद्र बन रहा लखनऊ
लखनऊ, जो अब ग्रीन बिल्डिंग के निर्माण का केंद्र बन चुका है, आईजीबीसी की 2025 की वार्षिक बैठक का मेजबान शहर बना. लखनऊ में मेट्रो रेल स्टेशन, चारबाग रेलवे स्टेशन, एकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, और अन्य प्रमुख परियोजनाएं ग्रीन और नेट ज़ीरो बिल्डिंग के रूप में बनाई जा रही हैं.
नेट जीरो और ऊर्जा दक्षता के प्रति प्रतिबद्धता
आईजीबीसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सी. शेखर रेड्डी ने उत्तरप्रदेश सरकार की सराहना करते हुए कहा कि हरित भवन भारतीय शहरी परिदृश्य को बदलने की कुंजी हैं. उन्होंने उत्तरप्रदेश के सतत विकास के प्रति दृष्टिकोण को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्पद बताया. आईजीबीसी ने ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और कार्बन न्यूट्रलिटी के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और नेट जीरो भवनों को तेजी से अपनाने पर जोर दिया. आईजीबीसी का उद्देश्य केवल ग्रीन बिल्डिंग निर्माण को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि इसे हर निर्माण परियोजना का अनिवार्य हिस्सा बनाना है. इसके तहत 15,410 से अधिक पंजीकृत परियोजनाओं और 13.26 बिलियन वर्ग फुट क्षेत्रफल के साथ यह भारत में ग्रीन बिल्डिंग आंदोलन को आगे बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभा रहा है.
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