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मुकेश अंबानी से 24,490 करोड़ रुपये वसूलेगी सरकार, जानिए क्या है पूरा मामला?
यह मामला RIL और केंद्र सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाई बन गया है, जो ना केवल गैस निकालने के अधिकार से जुड़ा है, बल्कि इसके आर्थिक और राजनीतिक पहलू भी हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
एशिया के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) से भारत सरकार को 2.81 अरब डॉलर (करीब 24,490 करोड़ रुपये) की वसूली करनी है. दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने रिलायंस और उसके साझेदारों द्वारा नेचुरल गैस एक्सट्रैक्शन से जुड़े मामले में अब सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया है. इस मामले को लेकर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट बयान दिया है कि सरकार यह राशि वसूलने के लिए हर संभव प्रयास करेगी. तो आइए जानते हैं ये पूरा मामला क्या है?
क्या है पूरा मामला?
यह मामला रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी पार्टनर फर्म्स द्वारा कृष्णा-गोदावरी बेसिन के KG-D6 ब्लॉक से गैस निकालने से जुड़ा है. बता दें, कृष्णा-गोदावरी बेसिन के KG-D6 ब्लॉक से रिलायंस को नेचुरल गैस एक्सट्रैक्शन का अधिकार प्राप्त है, लेकिन सरकार की कंपनी ओएनजीसी (ONGC) का आरोप है कि रिलायंस ने KG-DWN-98/2 ब्लॉक से गैस को ट्रांसफर किया है, जो ओएनजीसी को आवंटित किया गया था. सरकार का दावा है कि रिलायंस और उसकी पार्टनर कंपनियों ने बिना किसी अधिकार के एक अन्य गैस फील्ड से गैस निकाली, जो कि उनके उपयोग के लिए नहीं था. इसके चलते भारत सरकार ने रिलायंस से 1.55 अरब डॉलर की राशि चुकाने की मांग की थी.
सरकार ने रिलायंस को भेजा डिमांड नोटिस
रिलायंस ने इस मामले को अंतर्राष्ट्रीय आर्बिट्रेशन कोर्ट में ले जाकर इसे चुनौती दी, और जुलाई 2018 में आर्बिट्रेशन कोर्ट ने सरकार के दावे को खारिज कर दिया था. इसके बाद सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसमें अब सरकार के पक्ष में फैसला आया. 14 फरवरी 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार के पक्ष में निर्णय सुनाया, जिसके बाद सरकार ने रिलायंस से 2.81 अरब डॉलर की डिमांड नोटिस जारी कर दी है.
पेट्रोलियम मंत्री का बयान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि सरकार की यह मांग पूरी तरह से कानूनी और न्यायपूर्ण है. उन्होंने कहा, "हमने पहले ही 2.81 अरब डॉलर की डिमांड की मांग की है, और हम इस अधिकार को प्राप्त करने के लिए अंत तक कोशिश करेंगे." मंत्री ने यह भी कहा कि फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करना किसी का भी अधिकार है, लेकिन सरकार इस मामले में अपने अधिकार की पूरी वसूली के लिए प्रतिबद्ध है.
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