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EV और ड्रोन इंडस्‍ट्री को लेकर सरकार ने किया ये फैसला, बेहतर होगी क्‍वॉलिटी 

सरकार अभी तक 300 से ज्‍यादा प्रोडक्‍ट ऐसे हैं जिस पर QCO लागू कर चुकी है. अब सरकार EV और ड्रोन सेक्‍टर को भी इसके दायरे में लाने जा रही है जिससे उपभोक्‍ताओं को अव्‍वल दर्जे के प्रोडक्‍ट मिल सकें.

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

 केन्‍द्र सरकार देश में बनने वाले सामानों की गुणवत्‍ता में सुधार लाने के लिए लगातार QCO (Quality Control Order) ला रही है. इसी कड़ी में सरकार ने अब लेदर के बाद EV और ड्रोन इंडस्‍ट्री के लिए भी QCO लाने की तैयारी कर ली है. उम्‍मीद की जा रही है सरकार इन दोनों सेक्‍टरों के लिए जल्‍द ही नियमों को नोटिफाई कर देगी जिसके बाद ये दोनों सेक्‍टर में बनने वाले प्रोडक्‍ट को एक तय मानक के अनुसार ही बनाना होगा.

5 सालों में आ चुके हैं 101 QCO 
केन्‍द्रीय उपभोक्‍ता एवं कॉमर्स मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार अब चलता है के रवैये को बिल्‍कुल बर्दाश्‍त नहीं करने वाली है. उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी ने देश को विकसित बनाने के लिए कई तरह के प्रयास कर रहे हैं जिसमें देश में बनने वाले सामान को क्‍वॉलिटी लेवल का बनाया जाना भी शामिल है. उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2014 तक जहां देश में सिर्फ 15 QCO थे जो सिर्फ 106 प्रोडक्‍ट को कवर करते थे. जबकि पिछले 8 सालों में हमारी सरकार 101 QCO ला चुकी है जिसके अंतर्गत 493 प्रोडक्‍ट कवर होते हैं. उन्‍होंने कहा कि ये लाने के पीछे हमारी सरकार का मकसद देश में उच्‍च क्‍वॉलिटी के प्रोडक्‍ट का निर्माण और घटिया इंपोर्ट को रोकना है. 

अब EV और ड्रोन सेक्‍टर में भी आएगा QCO
दरअसल सरकार का मानना है कि अभी मौजूदा समय में जिस इंडस्‍ट्री का विस्‍तार हो चुका है वहां कई बार QCO को लाने में समय लग जाता है. लेकिन क्‍यूंकि ड्रोन और EV ऐसे सेक्‍टर हैं जहां अभी ज्‍यादा इंडस्ट्री नहीं हैं. ऐसे में इस सेक्‍टर में अगर शुरुआत में ही इसे ला दिया जाएगा तो उसके बाद आने वाले समय में सभी को उसी क्राइटेरिया के तहत इसे बनाना होगा. मौजूदा सम में बीआईएस अभी तक EV में पांच तरह के QCO को पहले ही ला चुका है. इसमें लिथियम ऑयन बैट्री, ट्रैक्‍शन मोटर, चार्जिंग सिस्‍टम और बैट्री स्‍वैपिंग सिस्‍टम शामिल हैं.

ड्रोन के लिए भी तैयार हो रही हैं गाइडलाइन 
केन्‍द्र सरकार का बीआईएस अभी तक ड्रोन सेक्‍टर में कृषि के लिए बनाए जाने वाले उपकरणों को लेकर पहले ही गाइडलाइन बना चुका है, जिसमें साइल टेस्टिंग, इरीगेशन, क्रॉप मैनेजिंग और पेस्‍ट मैनेजमेंट शामिल है. केन्‍द्र सरकार की ओर से ड्रोन के लिए कुछ स्‍टैंडर्ड बना भी दिए गए हैं. इनमें ड्रोन के कंट्रोल और सुरक्षा, उसके फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम और फेनसिंग जैसी चीजें शामिल हैं. इससे पहले केन्‍द्र सरकार ने कुछ दिन पहले ही टेक्‍सटॉइल सेक्‍टर, केमिकल और पेट्रोकेमिकल, और यार्न्‍स पर  भी QCO लागू किया है.
 


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