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सरकार ने आगे बढ़ाई MPS मेंटेन करने की समयसीमा, इन 5 बैंको को मिली राहत
प्राइवेट सेक्टर बैंकों को MPS मेंटेन करने के लिए 1 अगस्त 2024 तक का समय दिया गया था. अब सरकार ने इस समयसीमा को 2 साल यानी अगस्त 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
प्राइवेट सेक्टर के सभी बैंकों के लिए मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) को मेंटेन करना अनिवार्य है. इसके लिए सरकार ने सभी बैंकों को 1 अगस्त 2024 तक का समय दिया था, लेकिन अब भी कुछ बैंकों ने एमपीएस मेंटेन नहीं किया है. ऐसे में इन बैंकों के लिए अब एक राहत भरी खबर सामने आई है. दरअसल, सरकार ने पब्लिक सेक्टर के बैंक और वित्तीय संस्थान को एमपीएस मेंटेन करने के लिए 2 साल का एक्सटेंशन दे दिया है. इसका मतलब है कि अब उनके पास अगस्त 2026 तक का समय है. तो आइए जानते हैं ये बैंकों कौन-से हैं और इन्हें किना एमपीएस मेंटेन करना है?
25 प्रतिशत एमपीएस मेंटेन करना अनिवार्य
केंद्रीय सरकार द्वारा दी गई छूट के अनुसार अब बैंक और वित्तीय संस्थान 1 अगस्त 2026 तक एमपीसीएस मेंटेन कर सकते हैं. आपको बता दें, मार्केट रेगुलेटरी सेबी (SEBI) ने हर लिस्टेड कंपनी की कम से कम 25 प्रतिशत एमपीएस मेंटेन करने का आदेश दिया था. जिन बैंकों की सार्वजनिक हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से कम है, उन्हें प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) नियम 1957 के नियम 19 ए में निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी सार्वजनिक हिस्सेदारी को कम से कम 25 प्रतिशत तक करने का आदेश दिया गया है. अब इस काम के लिए बैंकों के पास अतिरिक्त दो साल का समय है. सरकार द्वारा जारी पिछले आदेश के अनुसार बैंक को 1 अगस्त 2024 तक एमपीएस मेंटेन करना था.
सरकार के पास एमपीएस में रहेगी 75 प्रतिशत हिस्सेदारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 12 पब्लिक सेक्टर बैंकों में से 5 बैंकों का अभी भी एमपीएस 25 प्रतिशत से कम है. इन बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत से ज्यादा है. वहीं, सरकार ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को कहा है कि वह आवश्यक कार्रवाई करें और इसे संबंधित स्टॉक एक्सचेंजों के ध्यान में लाए.
इन बैंकों ने नहीं मेंटेन किया एमपीएस
1. पंजाब एंड सिंध बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 98.25 प्रतिशत है.
2. चेन्नई में स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 96.38 प्रतिशत है.
3. यूको बैंक में 95.39 प्रतिशत की हिस्सेदारी सरकार के पास है.
4. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 93.08 प्रतिशत हिस्सेदारी सरकार के पास है.
5. बैंक ऑफ महाराष्ट्र की 86.46 प्रतिशत हिस्सेदारी सरकार के पास है.
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