होम / बिजनेस / पेट्रोल-डीजल पर सरकार बदल सकती है ये नियम, ऐसे होगा आपको फायदा
पेट्रोल-डीजल पर सरकार बदल सकती है ये नियम, ऐसे होगा आपको फायदा
मौजूदा व्यवस्था में पेट्रोल-डीजल के दाम की हर दिन समीक्षा होती है, इसकी शुरुआत एक मई, 2017 से पांच शहरों में हुई थी. तब से यही व्यवस्था लागू है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
पेट्रोल-डीजल के दाम कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का हवाला देकर बढ़ाए जाते हैं, लेकिन जब कच्चे तेल में नरमी का रुख होता है, तो उसका फायदा आम जनता को नहीं दिया जाता. उस स्थिति में तेल कंपनियां पुराने घाटे का हवाला देने लगती हैं. मौजूदा व्यवस्था में पेट्रोल-डीजल के दाम की हर दिन समीक्षा होती है, इसकी शुरुआत एक मई, 2017 से पांच शहरों में हुई थी. तब से यही व्यवस्था लागू है, जैसे ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के महंगा होने की खबर आती है, भारतीय कंपनियां पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा देती हैं.
जनता को नहीं मिला फायदा
रोजाना दाम निर्धारित करने की इस व्यवस्था से जनता को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है, क्योंकि कीमतें तुरंत चढ़ तो जाती हैं, लेकिन नीचे नहीं आतीं. अब सरकार इस व्यवस्था की समीक्षा करना चाहती है. मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सरकार मौजूदा वाहन ईंधन मूल्य निर्धारण व्यवस्था की समीक्षा कर सकती है, क्योंकि सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने सात अप्रैल से पेट्रोल पंपों पर दरों में दैनिक बदलाव बंद कर दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है.
कंपनियों ने अपने हाथ बांधे
मई में सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की थी, तब कंपनियों ने केवल उतनी ही राशि कीमतों में कम की और अपनी ओर से कोई रियायत नहीं दी. सूत्र बताते हैं कि सरकार इससे नाराज है कि कच्चे तेल की कीमतें अप्रैल में 130 डॉलर प्रति बैरल थीं और तब से अब तक कई बार 100 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे जा चुकी हैं. इसके बावजूद कंपनियों ने दाम नहीं घटाए. हालांकि, सोमवार को वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 102.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यदि सरकार प्रतिदिन समीक्षा का नियम बदलती है, तो इससे पेट्रोल-डीजल के दाम में तेज उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी.
टैग्स