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भारत में Google का नया ऑफिस 'अनंत', जानिए क्या है इसकी खासियत?
Google का नया कैंपस 'अनंत' केवल एक ऑफिस नहीं है, बल्कि यह गूगल के वैश्विक विस्तार और भारतीय टेक्नोलॉजी क्षेत्र में इसके योगदान को रेखांकित करता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
गूगल इंडिया ने बेंगलुरु में एक शानदार नया कैंपस तैयार किया है, जिसका नाम ‘अनंत’ रखा गया है. इस कैंपस का उद्घाटन 19 फरवरी को किया गया, जोकि गूगल के नए वर्कप्लेस डिजाइन का एक बेहतरीन उदाहरण है. ‘अनंत’ गूगल के सबसे बड़े ऑफिसों में से एक है और कंपनी ने इसे अपने वैश्विक प्रोडक्ट्स और प्लेटफार्म्स को और बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना है. यह कैंपस पूर्वी बेंगलुरु के महादेवपुरा इलाके में स्थित है. यह गूगल के भारत में किए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश का अहम हिस्सा है. गूगल ने इसे “एक बड़ा मील का पत्थर” बताया है, क्योंकि यह भारत के छोटे-बड़े बिजनेस और करोड़ों लोगों को ऑनलाइन जोड़ने में मदद करेगा. तो आइए जानते हैं इस कैंपस में क्या खास है?
‘अनंत’ नाम और इसका महत्व
गूगल इंडिया और उसकी स्थानीय डेवेलपमेंट टीम ने मिलकर ‘अनंत’ कैंपस का निर्माण किया है. 'अनंत’ नाम संस्कृत से लिया गया है, इसका मतलब है जिसका कोई अंत न हो या ‘जिसकी कोई सीमा न हो’, इस कैंपस में इलेक्ट्रोक्रोमिक ग्लास की सबसे बड़ी इंस्टॉलेशन की गई है, और इसका आर्किटेक्चर आधुनिक और आकर्षक है. यह ऑफिस गूगल के नए वर्कप्लेस डिजाइन को दर्शाता है और कंपनी के सबसे बड़े कैंपसों में से एक है.
पर्यावरण अनुकूल कैंपस
यह इमारत दिखने में बेहद आधुनिक है और पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाई गई है. यहां एक अनोखी मूर्तिकला जैसी डिजाइन भी बनी है, जो इमारत को खास बनाती है. यह कैंपस 1.6 मिलियन वर्ग फुट (यानी करीब 1.5 लाख वर्ग मीटर) में फैला है. इसमें 5,000 से ज्यादा लोग एक साथ बैठकर काम कर सकते हैं. इस कैंपस में खास तरह के शीशे (इलेक्ट्रो-क्रोमिक ग्लास) लगाए गए हैं, जो सूरज की रोशनी के हिसाब से खुद को एडजस्ट कर लेते हैं. इससे बिजली की खपत कम होती है. पर्यावरण का ध्यान रखते हुए यह कैंपस अपने इस्तेमाल किए गए पानी को फिर से साफ करके दोबारा उपयोग करता है. यहां बारिश के पानी को भी बड़े टैंकों में इकट्ठा किया जाता है, ताकि इसे बाद में इस्तेमाल किया जा सके.
कर्मचारियों की सेहत और सुविधा का ध्यान
यह कैंपस कर्मचारियों की सेहत और सुविधा का भी ध्यान रखता है. यहां टहलने और दौड़ने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं. यहां गूगल के कई अलग-अलग प्रोडक्ट से जुड़ी टीमें काम करेंगी, जैसे एंड्रॉयड (मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम), सर्च (गूगल का खोज इंजन), पे (ऑनलाइन भुगतान ऐप), क्लाउड (डाटा स्टोरेज सेवा), मैप्स (नक्शा ऐप), प्ले (मोबाइल ऐप स्टोर) और गूगल डीपमाइंड (AI से जुड़ी रिसर्च टीम). यहां नए तरह के ऑफिस बनाए गए हैं, जो टीम वर्क को बढ़ावा देंगे. इसके अलावा, शांति से काम करने के लिए छोटे-छोटे केबिन भी हैं. एक बड़ा हॉल भी है, जिसे “सभा” नाम दिया गया है, जहां लोग बैठकर चर्चा कर सकते हैं. दृष्टिहीन लोगों के लिए फर्श पर खास डिजाइन बनाई गई है, जिससे वे आसानी से रास्ता पहचान सकें.
भारत में तेजी से बढ़ता टेक हब
गूगल के डीपमाइंड के वाइस प्रेसिडेंट आनंद रंगराजन ने इस बात पर जोर दिया कि भारत सिर्फ एक देश नहीं है, बल्कि यहां के प्रोडक्ट्स और प्लेटफॉर्म्स को भारतीय रचनात्मकता से आकार देने का अवसर है. उन्होंने कहा कि इस तरह से, गूगल अपनी सेवाओं को वैश्विक उपयोगकर्ताओं के लिए और भी उपयोगी बना सकता है. बेंगलुरु, जो अब दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते टेक हब्स में से एक बन चुका है, गूगल के लिए उपयुक्त स्थान है.
सुंदर पिचाई का बयान
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बताया कि ‘अनंता’ गूगल को बेहतरीन प्रोडक्ट्स देने, ग्राहकों के साथ मजबूत साझेदारी बनाने, और भारत व दुनिया भर के यूजर्स, बिजनेस और स्टार्टअप्स की समस्याओं का समाधान करने में मदद करेगा. उन्होंने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के द्वारा आने वाले अवसरों पर भी चर्चा की, और बताया कि भारत इस क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है.‘अनंता’ के उद्घाटन के साथ गूगल अपने प्रोडक्ट्स और सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपनी उपस्थिति को और मजबूत करेगा, और भारत के टेक हब के रूप में अपनी अहम भूमिका को आगे बढ़ाएगा.
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