होम / बिजनेस / अपने इतिहास की सबसे बड़ी डील करने को तैयार है Google, इतने बिलियन से होगा अधिग्रहण

अपने इतिहास की सबसे बड़ी डील करने को तैयार है Google, इतने बिलियन से होगा अधिग्रहण

जिस कंपनी को गूगल खरीदने की तैयारी कर रही है उसके ग्राहकों फाइनेंशियल सेक्‍टर में काम करने वाले कई बड़े नाम मौजूद हैं. इनमें मार्गन स्‍टेनली और डॉक्‍यूसाइन शामिल हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

दुनिया की टॉप 5 सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल Google की पेरेंट कंपनी Alphabet आने वाले दिनों में अपने इतिहास की सबसे बड़ी डील करने जा रही है. Google साइबर सिक्‍योरिटी सेक्‍टर में काम करने वाली टेक कंपनी विज को खरीदने की तैयारी लगभग पूरी कर चुकी है. ये सौदा 23 बिलियन डॉलर में फाइनल हो सकता है. अगर ये सौदा फाइनल हुआ तो ये Google के इतिहास का सबसे बड़ा सौदा होगा. 

आखिर क्‍या करती है विज? 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गूगल जिस साइबर सिक्‍योरिटी कंपनी विज का अधिग्रहण करने जा रही है वो साइबर सिक्‍योरिटी के क्षेत्र में काम करने वाली एक कंपनी है. इस कंपनी की शुरुआत इजराइल में हुई थी. लेकिन अभी कंपनी का हेडऑफिस अमेरिका के न्‍यूयॉर्क में स्थित है. विज क्‍लाउड बेस्‍ड साइबर सिक्‍योरिटी सेवाएं देने का काम करती है. कंपनी के ग्राहकों की सूची को देखें तो उसमें फाइनेंशियल सेक्‍टर में काम करने वाले कई बड़े नाम मौजूद हैं. इनमें मार्गन स्‍टेनली(Morgan Stanley) और डॉक्‍यूसाइन (Docusign) शामिल हैं.  विज माइक्रोसॉफ्ट(Microsoft) और अमेजन (Amazon) जैसी दिग्‍गज कंपनी के साथ भी पार्टनर बनकर काम कर रही है. 

ये भी पढ़ें: क्‍या 25 हजार मिनिमम सैलरी का तोहफा देंगी वित्‍त मंत्री, श्रम मंत्रालय ने की है मांग

350 मिलियन से ज्‍यादा रहा है कंपनी का रेवेन्‍यू 
विज की विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2023 में कंपनी का रेवेन्‍यू 350 मिलियन डॉलर रहा था. कंपनी जिन देशों में काम करती है उनमें अमेरिका, एशिया, इजराइल, में काम करती है. कंपनी के इन देशों में 900 से ज्‍यादा कर्मचारी हैं. कंपनी अपनी क्षमताओं को बढ़ाते हुए 400 लोगों को और हायर करने की तैयारी कर रही है. कंपनी आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस का भी बड़े व्‍यापक स्‍तर पर इस्‍तेमाल करती है. इस तकनीक से कंपनी आने वाले खतरे की पहचान कर रही है. 

2012 में हुआ था सबसे बड़ा सौदा 
अगर ये डील हो जाती है तो गूगल के इतिहास की सबसे बड़ी डील होगी. बीते सालों में गूगल ने सबसे ज्‍यादा पैसे मोटोरोला मोबिलिटी को खरीदने में खर्च किए हैं. गूगल ने इस डील पर 12.5 बिलियन डॉलर खर्च किए थे. हालांकि इस सौदे में गूगल को नुकसान भी उठाना पड़ा. बाद में जब उसने मोटोरोला को बेचा तो उसे केवल 2.91 बिलियन डॉलर हासिल हुए थे. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

12 hours ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

13 hours ago

सीएम विजय का बड़ा दांव, ₹1 लाख करोड़ के निवेश से तमिलनाडु में 93 हजार नौकरियां

विजय सरकार ने वर्ष 2035 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है. इसी दिशा में शुरुआती महीनों में कई बड़े निवेश समझौते किए गए हैं.

14 hours ago

देश और अर्थव्यवस्था को लेकर आश्वस्त हैं शहरी भारतीय, इप्सोस रिपोर्ट में सामने आई सकारात्मक तस्वीर

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लोगों की प्रमुख चिंताओं में बेरोजगारी, वित्तीय और राजनीतिक भ्रष्टाचार, अपराध और हिंसा, शिक्षा, गरीबी तथा सामाजिक असमानता शामिल हैं.

16 hours ago

ऋषिकेश में शुरू होगा पहला कॉन्ट्रास्ट थेरेपी सर्किट

यह ऋषिकेश का पहला समर्पित कॉन्ट्रास्ट थेरेपी सर्किट होगा, जिसमें सॉना, आइस बाथ और गर्म पानी के पूल का अनुभव एक क्रमबद्ध थर्मल यात्रा के रूप में दिया जाएगा.

16 hours ago


बड़ी खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

12 hours ago

मिडिल ईस्ट प्रैक्टिस के लिए प्राइमस पार्टनर्स ने मोहन दोईफोडे को बनाया MD

पूर्व डेलॉइट कंसल्टिंग लीडर GCC क्षेत्र में कंपनी के विस्तार और क्लाइंट संबंधों को देंगे नई दिशा

12 hours ago

GDP से आगे: क्यों भारत की प्रगति का पैमाना सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि खुशहाली और जीवन गुणवत्ता भी होना चाहिए

पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव और लेखक आलोक रंजन का मानना है कि भारत की विकास यात्रा को केवल आर्थिक उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उनके अनुसार, खुशहाली, जीवन की गुणवत्ता, शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशी विकास को भी प्रगति का महत्वपूर्ण पैमाना बनाया जाना चाहिए.

17 hours ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

13 hours ago

दुनिया ने बनाया युवा संस्कृति का संग्रहालय, भारत को चाहिए ऐसे दर्जनों संग्रहालय

इस संग्रहालय को अलग बनाने वाली बात इसकी वस्तुओं को संग्रहित करने की सोच है. टीम अपने दृष्टिकोण को "बॉटम-अप क्यूरेशन" कहती है, जिसे जानबूझकर हस्तनिर्मित रखा गया है.

13 hours ago