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गंगा एक्सप्रेसवे: 12 जिलों में विकास की रफ्तार तेज, उद्योग-खेती से रियल एस्टेट तक बड़ा असर
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के लिए केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि आर्थिक परिवर्तन का एक बड़ा इंजन बनकर उभर रहा है. यह परियोजना उद्योग, कृषि, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट को एक साथ गति देकर पूरे राज्य की विकास कहानी को नई दिशा दे रही है.
रितु राणा 3 hours ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन किया. उत्तर प्रदेश के विकास में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, यह परिवर्तनकारी बुनियादी ढांचा परियोजना कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी और पूरे उत्तर प्रदेश में प्रगति को गति देगी. बता दें, मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों को जोड़ते हुए यात्रा समय को 10–12 घंटे से घटाकर लगभग 6–7 घंटे कर देगा. इस परियोजना से राज्य में कनेक्टिविटी, उद्योग, कृषि, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है.
गाजियाबाद बना नया विकास केंद्र
बेहतर कनेक्टिविटी के चलते गाजियाबाद अब केवल एनसीआर का हिस्सा नहीं, बल्कि एक बड़े आर्थिक हब के रूप में उभर रहा है. कार्यन ग्रुप के डायरेक्टर वरुण गर्ग ने कहा, “गाजियाबाद आज जिस तरह से दिल्ली-एनसीआर के प्रवेश द्वार से आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास का एक मजबूत केंद्र बन रहा है, वह इस बात का संकेत है कि इंफ्रास्ट्रक्चर किस तरह किसी शहर की दिशा बदल सकता है. नमो भारत, मेट्रो और एक्सप्रेसवे जैसे आधुनिक कनेक्टिविटी नेटवर्क ने यहां रियल एस्टेट और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत आधार दिया है. अब गंगा एक्सप्रेसवे इस विकास को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का काम करेगा. यह कॉरिडोर राजनगर एक्सटेंशन और एनएच-24 जैसे क्षेत्रों को सीधे प्रयागराज और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े बाजारों से जोड़ देगा, जिससे अगले 5 से 10 वर्षों में पूरे क्षेत्र की आर्थिक और शहरी तस्वीर पूरी तरह बदलने की संभावना है.”
व्यापार, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को फायदा
मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर जैसे जिलों में माल ढुलाई तेज होगी और नए इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित होंगे. इससे रोजगार, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा.
किसानों और छोटे शहरों को बड़ा लाभ
कृषि आधारित जिलों में अब किसानों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने का अवसर मिलेगा. गन्ना, आम और आंवला जैसे उत्पादों की सप्लाई चेन मजबूत होगी. छोटे शहरों में औद्योगिक विकास और शहरीकरण की गति भी बढ़ेगी.
रियल एस्टेट में तेज उछाल
अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीएफओ, संतोष अग्रवाल ने कहा, “गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. लगभग ₹36,000 करोड़ के निवेश से बना यह 594 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर यात्रा समय को घटाकर लगभग 5–6 घंटे तक सीमित करने की क्षमता रखता है. 12 जिलों से गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे नए माइक्रो-मार्केट्स को जन्म दे रहा है, जहां रियल एस्टेट विकास, निवेश और एंड-यूज़र डिमांड तेजी से बढ़ेगी. मेरठ जैसे शहरों में इसे एक सैटेलाइट हब के रूप में विकसित होते देखना इस क्षेत्र की दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती को दर्शाता है.”
रिहायशी कीमतों में 20-30% की तेजी
ओमैक्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित गोयल कहते हैं गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ प्रयागराज कॉरिडोर में प्रॉपर्टी की कीमतों में शुरुआती मजबूती के संकेत दिखने लगे हैं. इसकी वजह बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और एक प्रमुख धार्मिक शहर के रूप में इसकी पहचान है, सरकार द्वारा मंदिर शहरों के विकास के लिए प्रस्तावित 5,000 करोड़ रुपये के निवेश से पर्यटन और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा, जिससे रियल एस्टेट की मांग और मजबूत होने की उम्मीद है. फिलहाल प्रयागराज के प्रमुख इलाकों में रिहायशी कीमतें करीब 7,900 से 8,000 रुपये प्रति वर्ग फुट के आसपास हैं. कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ अगले 3 से 5 साल में इसमें 20–30% तक बढ़ोतरी की उम्मीद है, खासकर उन इलाकों में जहां इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है.
अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल ने कहा, “टियर-2 शहर आज रिहायशी विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रहे हैं और जमीन के सौदों में बढ़ोतरी इसका स्पष्ट संकेत है. गंगा एक्सप्रेसवे के कारण नए डेवलपमेंट कॉरिडोर खुल रहे हैं, जिससे मेरठ जैसे शहरों में संगठित रियल एस्टेट गतिविधियां तेज हो रही हैं. फिलहाल मेरठ में कीमतें लगभग 6,400 से 6,600 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच हैं, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित मांग बढ़ने पर मध्यम अवधि में 25–35% तक कीमतों में वृद्धि की संभावना बन सकती है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जो एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित हो रहे हैं.”
निवेश और सप्लाई चेन होगी मजबूत
जे इंफ्राटेक लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित जांदू ने कहा, “गंगा एक्सप्रेसवे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर रोडमैप में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स की दक्षता को बढ़ाकर आर्थिक गतिविधियों को गति देगा. इसके साथ ही निवेश का दायरा भी बढ़ेगा और सप्लाई चेन अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगी.”
एसीई (एक्शन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट लिमिटेड) के सीईओ-क्रेन्स, मनीष माथुर ने कहा, “यह परियोजना भारत के अगली पीढ़ी के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रतीक है, जिसमें गति, तकनीक और दक्षता को प्राथमिकता दी गई है. एक्सेस-कंट्रोल्ड डिजाइन और बेहतर टोलिंग सिस्टम यात्रा को अधिक सुरक्षित और पूर्वानुमानित बनाएंगे, जिससे लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय विकास दोनों को लाभ मिलेगा.”
विशेषज्ञों के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के लिए केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि आर्थिक परिवर्तन का एक बड़ा इंजन बनकर उभर रहा है. यह परियोजना उद्योग, कृषि, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट को एक साथ गति देकर पूरे राज्य की विकास कहानी को नई दिशा दे रही है.
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