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₹3000 करोड़ जुटाने की तैयारी में पंजाब एंड सिंध बैंक, QIP से घटेगी सरकार की हिस्सेदारी
बैंक के एमडी और सीईओ स्वरूप साहा ने बताया कि बोर्ड ने ₹3000 करोड़ तक पूंजी जुटाने को मंजूरी दे दी है. इसके लिए मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति भी कर दी गई है और जल्द ही निवेशकों के साथ बातचीत शुरू होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank) ने पूंजी आधार मजबूत करने और सरकार की हिस्सेदारी घटाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. बैंक ने ₹3000 करोड़ तक इक्विटी पूंजी जुटाने के लिए योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIP) की तैयारी शुरू कर दी है. इसके साथ ही बैंक ने चालू वित्त वर्ष में शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) सुधारने, आंतरिक आईटी सिस्टम मजबूत करने और वेंडर जोखिम कम करने पर भी जोर दिया है.
QIP के जरिए पूंजी जुटाने की तैयारी
बैंक के एमडी और सीईओ स्वरूप साहा ने बताया कि बोर्ड ने ₹3000 करोड़ तक पूंजी जुटाने को मंजूरी दे दी है. इसके लिए मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति भी कर दी गई है और जल्द ही निवेशकों के साथ बातचीत शुरू होगी. उन्होंने कहा कि पूंजी जुटाने की समयसीमा बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी. यह फंड जुटाव QIP के माध्यम से किया जाएगा.
सरकार की हिस्सेदारी घटाने की रणनीति
फिलहाल बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 93.85 प्रतिशत है, जिसे काफी ऊंचा माना जाता है. बैंक प्रबंधन के अनुसार पिछले वर्ष हिस्सेदारी में करीब 3 से 3.5 प्रतिशत की कमी लाई गई थी. अब QIP के साथ-साथ सरकार द्वारा संभावित ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए भी हिस्सेदारी घटाने की योजना पर काम किया जा सकता है. इससे बैंक में पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ेगी.
NIM में सुधार की उम्मीद
बैंक ने माना कि वित्त वर्ष 2026 में शुद्ध ब्याज मार्जिन दबाव में रहा. इसकी एक बड़ी वजह बैंक का कम CASA बेस और ब्याज दरों में बदलाव रहा. प्रबंधन का कहना है कि बैंक की करीब 50 प्रतिशत लोन बुक बाहरी बेंचमार्क से जुड़ी है. इसके बावजूद चालू वित्त वर्ष मार्च 2027 तक NIM बढ़कर 2.65 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है.
रिकॉर्ड मुनाफे के बाद बढ़ा डिविडेंड
बैंक ने प्रति शेयर 39 पैसे का लाभांश घोषित किया है, जो हाल के वर्षों में बेहतर स्तर माना जा रहा है. प्रबंधन के अनुसार बैंक की कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात 17 प्रतिशत से अधिक है, इसलिए शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न देना संभव हुआ. बैंक ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 में ₹1,322 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया गया, जो बैंक के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मुनाफा है.
साइबर जोखिम कम करने पर बोर्ड का फोकस
तेजी से बढ़ते डिजिटल बैंकिंग माहौल के बीच बैंक ने साइबर सुरक्षा और आईटी ढांचे को मजबूत करने का फैसला किया है. बोर्ड स्तर पर वेंडर जोखिम प्रबंधन के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार किया गया है.
बैंक का लक्ष्य बाहरी विक्रेताओं पर निर्भरता कम कर आंतरिक तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना है. हालांकि प्रबंधन ने माना कि वेंडर पर निर्भरता पूरी तरह खत्म करना व्यावहारिक नहीं है, लेकिन इसे सीमित किया जाएगा.
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