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Future Retail की इनसॉल्वेंसी प्रोसेस की तारीख बढ़ी आगे, ये रही वजह
कर्ज न चुका पाने के बाद Future Retail Limited के खिलाफ 20 जुलाई 2022 को NCLT द्वारा CIRP शुरू की गई थी. CIRP की प्रक्रिया आरंभ होने की तारीख से इसे 330 दिनों में खत्म करना जरूरी होता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
किशोर बियानी के ग्रुप फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) की इंसॉल्वेंसी प्रोसेस को NCLT ने अगस्त तक आगे बढ़ा दिया है. दरअसल इस मामले में FRL ने उसे इस प्रक्रिया से अगले कुछ दिनों के लिए बाहर रहने की मांग की थी. अदालत के इस याचिका को स्वीकार कर लिया है. अब इस मामले की सुनवाई 17 अगस्त को होगी.
कंपनी ने एक्सचेंज को दी है ये जानकारी
फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) की ओर से ये जानकारी एक्सचेंज को दी गई है. इसमें बताया गया है कि मुंबई पीठ में चल रही इस दिवालियापन की कार्रवाई से उसे 33 दिनों तक बाहर रहने की अनुमति दे दी है. इसमें आगे कहा गया है इस आदेश के बाद अब एफआरएल (FRL) के सीआईआरपी(corporate insolvency resolution process) को पूरा करने की अंतिम तिथि 17 अगस्त, 2023 है. FRL के अनुसार, यह NCLT पीठ द्वारा मौखिक घोषणा पर आधारित है और अभी एक लिखित आदेश की प्रतीक्षा है.
इससे पहले अप्रैल में, NCLT पीठ ने FRL को सीआईआरपी को खत्म करने के लिए 15 जुलाई, 2023 तक 90 दिनों का एक्सटेंशन दिया था. दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के तहत सीआईआरपी को इसे 330 दिनों के भीतर पूरा करना होता है, जिसमें मुकदमेबाजी के दौरान लगने वाला समय भी शामिल है.
अब तक 6 खरीददारों से प्राप्त हुई हैं बोलियां
इससे पहले, FRL ने कहा था कि समाधान योजना जमा करने की आखिरी तारीख तक संबंधित खरीददारों से 6 बोलियां मिली हैं. 48 कंपनियों के लिए समाधान योजनाएं जमा करने की आखिरी तारीख 15 मई, 2023 थी. ये 6 बोलियां तब आइ जब FRL के कर्जदाताओं द्वारा संशोधित एक्सप्रेसन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) दिए गए थे. फ्यूचर रिटेल पर करीब 30,000 करोड़ रुपये का कर्ज है और कंपनी सीआईआरपी से गुजर रही है.
एक समय में 430 शहरों में थे 1500 आउटलेट
फ्यूचर रिटेल लिमिटेड बिग बाजार, ईज़ीडे और फूडहॉल जैसे ब्रैंड के तहत हाइपरमार्केट सुपरमार्केट और होम सेगमेंट दोनों में कई रिटेल कारोबारों को ऑपरेट कर चुकी है. जब ये कंपनी अपने चरम पर थी, उस वक्त इसके 430 शहरों में 1,500 से अधिक आउटलेट चल रहे थे. यह रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग सेगमेंट में काम करने वाली 19 फ्यूचर ग्रुप कंपनियों का हिस्सा था. जिन्हें अगस्त 2020 में घोषित हुए 24,713 करोड़ रुपये के सौदे के हिस्से के रूप में रिलायंस रिटेल में स्थानांतरित किया जाना था. अमेजन (Amazon) द्वारा कानूनी चुनौती के बीच कर्जदाताओं ने रिलायंस द्वारा FRL समूह की 19 कंपनियों के अधिग्रहण को अस्वीकार कर दिया था.
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