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68 साल पुराने Pizza Hut की विदाई! 2.7 अरब डॉलर में बिकेगी दुनिया की मशहूर पिज्जा चेन

यम ब्रांड्स के अनुसार, पिज्जा हट का वैश्विक कारोबार (चीन को छोड़कर) निजी इक्विटी फर्म LongRange Capital लगभग 1.5 अरब डॉलर में खरीदेगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago

दुनिया की सबसे पहचान वाली पिज्जा चेन में शुमार पिज्जा हट (Pizza Hut) अब नए मालिकों के हाथों में जाने वाली है. इसकी मूल कंपनी यम ब्रांड्स (Yum Brands) ने 2.7 अरब डॉलर (करीब 25,500 करोड़ रुपये) में पिज्जा हट कारोबार बेचने का फैसला किया है. लगातार घटती बिक्री, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बदलती उपभोक्ता पसंद के दबाव के बीच कंपनी ने अपने इस ऐतिहासिक ब्रांड से अलग होने का निर्णय लिया है. इस सौदे के बाद यम ब्रांड्स अपना पूरा ध्यान KFC और Taco Bell जैसे अधिक लाभदायक ब्रांड्स के विस्तार पर केंद्रित करेगी.

दो हिस्सों में होगी डील

यम ब्रांड्स के अनुसार, पिज्जा हट का वैश्विक कारोबार (चीन को छोड़कर) निजी इक्विटी फर्म LongRange Capital लगभग 1.5 अरब डॉलर में खरीदेगी. वहीं मुख्य भूमि चीन में संचालित पिज्जा हट रेस्तरां को Yum China Holdings करीब 1.2 अरब डॉलर में अपने अधीन लेगी. दोनों सौदों के वर्ष की तीसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है.

चीन पिज्जा हट के लिए अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा बाजार है और कंपनी की कुल बिक्री में उसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है. ऐसे में कारोबार को दो हिस्सों में विभाजित कर अलग-अलग खरीदारों को सौंपने का फैसला रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.

नवंबर से चल रही थी रणनीतिक समीक्षा

यम ब्रांड्स ने नवंबर 2025 में पिज्जा हट के भविष्य को लेकर रणनीतिक समीक्षा शुरू की थी. कंपनी की चिंता का मुख्य कारण लगातार कमजोर होती बिक्री और प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बाजार हिस्सेदारी में गिरावट थी. समीक्षा के दौरान कंपनी ने कई विकल्पों पर विचार किया और अंततः बिक्री का फैसला लिया.

क्यों कमजोर पड़ा Pizza Hut?

पिज्जा हट की मुश्किलों की सबसे बड़ी वजह बदलता बाजार और बढ़ती प्रतिस्पर्धा रही है. Domino's और Papa John's जैसी कंपनियों ने डिजिटल ऑर्डरिंग, तेज डिलीवरी और आक्रामक मार्केटिंग के जरिए ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित किया. दूसरी ओर पिज्जा हट लंबे समय तक अपने पारंपरिक डाइन-इन मॉडल पर निर्भर रहा, जिससे वह बदलती उपभोक्ता जरूरतों के अनुरूप तेजी से खुद को नहीं ढाल पाया.

महंगाई, कच्चे माल की बढ़ती लागत और उपभोक्ताओं की खर्च करने की आदतों में बदलाव ने भी कंपनी के मुनाफे पर दबाव बढ़ाया. पिछले साल पिज्जा हट की कुल वैश्विक बिक्री में वृद्धि हुई, लेकिन पिज्जा हट की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई.

68 साल का गौरवशाली सफर

पिज्जा हट की शुरुआत 1958 में अमेरिका के कंसास राज्य के विचिटा शहर में हुई थी. दो भाइयों ने अपनी मां से 600 डॉलर उधार लेकर पहला रेस्तरां शुरू किया था. देखते ही देखते यह दुनिया की सबसे बड़ी पिज्जा चेन बन गई. 1969 में इसकी पहचान बनी लाल छत और 1971 तक यह बिक्री के मामले में वैश्विक बाजार की अग्रणी पिज्जा कंपनी बन चुकी थी.

1977 में इसे PepsiCo ने खरीदा और बाद में 1997 में इसके रेस्टोरेंट कारोबार को अलग कर यम ब्रांड्स का गठन हुआ. हालांकि बदलते बाजार और नई प्रतिस्पर्धा के दौर में Pizza Hut अपनी पुरानी चमक बरकरार नहीं रख सका.

Yum Brands की नई रणनीति

कंपनी का मानना है कि पिज्जा हट की वापसी के लिए बड़े निवेश और व्यापक पुनर्गठन की जरूरत है. ऐसे में यम ब्रांड्स ने अपने संसाधनों को KFC और Taco Bell जैसे तेजी से बढ़ते ब्रांड्स पर केंद्रित करने का फैसला किया है.

इस सौदे से मिलने वाली राशि का उपयोग शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन, शेयर बायबैक और भविष्य की विकास योजनाओं में किया जाएगा. वहीं नए मालिक पिज्जा हट को फिर से प्रतिस्पर्धी बनाने और उसकी खोई हुई बाजार हिस्सेदारी वापस पाने की कोशिश करेंगे.

बदलते फूड बिजनेस की बड़ी मिसाल

पिज्जा हट की बिक्री केवल एक कारोबारी सौदा नहीं, बल्कि यह वैश्विक फूड इंडस्ट्री में तेजी से बदलते उपभोक्ता व्यवहार और डिजिटल युग की चुनौतियों का भी संकेत है. कभी पिज्जा बाजार का पर्याय मानी जाने वाली यह चेन आज ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां उसे नई रणनीति और नए नेतृत्व के सहारे अपनी पहचान दोबारा स्थापित करनी होगी.


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