होम / बिजनेस / HCLTech के समर्थन से Sarvam बना यूनिकॉर्न, 234 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई
HCLTech के समर्थन से Sarvam बना यूनिकॉर्न, 234 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई
चेन्नई स्थित फुल-स्टैक सॉवरेन AI कंपनी Sarvam ने घोषणा की है कि उसने अपनी 300 मिलियन डॉलर की सीरीज-B फंडिंग के पहले चरण में 234 मिलियन डॉलर जुटाए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत के सॉवरेन AI इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए AI स्टार्टअप Sarvam ने अपनी सीरीज-B फंडिंग के पहले चरण में 234 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. इस निवेश के साथ कंपनी का मूल्यांकन 1.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया है और वह यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हो गई है. फंडिंग राउंड में HCLTech ने प्रमुख रणनीतिक निवेशक के रूप में भाग लिया है.
सीरीज-B फंडिंग में जुटाए 234 मिलियन डॉलर
चेन्नई स्थित फुल-स्टैक सॉवरेन AI कंपनी Sarvam ने घोषणा की है कि उसने अपनी 300 मिलियन डॉलर की सीरीज-B फंडिंग के पहले चरण में 234 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. कंपनी का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 1.5 अरब डॉलर आंका गया है. इस निवेश दौर में HCLTech और Bessemer Venture Partners शामिल हुए हैं, जबकि मौजूदा निवेशकों Khosla Ventures और Peak XV Partners ने भी अपना समर्थन जारी रखा है.
HCLTech करेगा 150 मिलियन डॉलर का निवेश
इस फंडिंग राउंड में HCLTech 150 मिलियन डॉलर का निवेश कर रहा है. कंपनी का कहना है कि HCLTech की वैश्विक उपस्थिति, एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन विशेषज्ञता, डेटा और सॉफ्टवेयर क्षमताएं Sarvam को भारत और वैश्विक बाजारों के लिए मजबूत AI इकोसिस्टम विकसित करने में मदद करेंगी.
HCLTech के सीईओ और प्रबंध निदेशक सी. विजयकुमार ने कहा कि यह निवेश भारत के भरोसेमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी AI इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि Sarvam की AI रिसर्च और HCLTech की वैश्विक पहुंच मिलकर एंटरप्राइज और सरकारी संस्थानों के लिए सुरक्षित, स्केलेबल और जिम्मेदार AI समाधान विकसित करेंगी.
भारत के लिए सॉवरेन AI प्लेटफॉर्म बनाने पर फोकस
Sarvam के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य ऐसे AI मॉडल विकसित करना है जो भारतीय भाषाओं, दस्तावेजों और स्थानीय जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ सकें. उनका कहना है कि कंपनी एंटरप्राइज और सरकारों को अपना स्वयं का सॉवरेन AI विकसित और संचालित करने में सक्षम बनाने के लिए फुल-स्टैक AI समाधान तैयार कर रही है.
नए निवेश का उपयोग कंपनी अपने अगले फ्रंटियर AI मॉडल के विकास, एजेंटिक AI, कोडिंग और साइबर सुरक्षा से जुड़े उपयोग मामलों पर शोध तथा बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने में करेगी.
भारत में विकसित किए कई उन्नत AI मॉडल
Sarvam ने पिछले कुछ महीनों में कई फाउंडेशन मॉडल लॉन्च किए हैं, जिन्हें पूरी तरह भारत में विकसित और प्रशिक्षित किया गया है. कंपनी के अनुसार, Sarvam 105B मॉडल ज्ञान, तर्क क्षमता और एजेंटिक AI बेंचमार्क पर कई बड़े मॉडलों के बराबर या उनसे बेहतर प्रदर्शन करता है. वहीं Sarvam 30B को उपभोक्ता हार्डवेयर पर चलने के लिए अनुकूलित किया गया है.
इसके अलावा Sarvam Vision प्लेटफॉर्म हस्तलिखित दस्तावेजों और भारतीय भाषाओं के रिकॉर्ड को डिजिटाइज करने में इस्तेमाल हो रहा है. कंपनी अब तक बीमा फॉर्म से लेकर पुराने भूमि अभिलेखों तक 3.5 करोड़ से अधिक पन्नों का डिजिटलीकरण कर चुकी है.
बैंकिंग, बीमा और रक्षा क्षेत्र में बढ़ रही पहुंच
Sarvam के AI समाधान तेजी से बैंकिंग, बीमा, सरकारी प्रौद्योगिकी और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनाए जा रहे हैं. कंपनी का संवादात्मक AI प्लेटफॉर्म प्रतिदिन 20 लाख से अधिक इंटरैक्शन संभाल रहा है और पिछले दो महीनों में इसका उपयोग दोगुना हो गया है. वहीं कंपनी का इन्फरेंस प्लेटफॉर्म भारत में रोजाना लगभग 1 करोड़ API कॉल प्रोसेस कर रहा है.
किसानों और बीमा ग्राहकों तक पहुंचा AI
Sarvam की तकनीक का उपयोग बड़े पैमाने पर सामाजिक प्रभाव पैदा करने के लिए भी किया जा रहा है. कंपनी के बहुभाषी वॉयस एजेंट प्लेटफॉर्म ने 1.7 करोड़ किसानों से डेटा एकत्र कर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई हैं.
इसके अलावा भारत की एक प्रमुख बीमा कंपनी के लिए Sarvam ने 4.5 करोड़ पॉलिसीधारकों तक पहुंचने वाले कम लागत वाले वॉयस अभियान को भी समर्थन दिया है.
AI को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का लक्ष्य
Sarvam के सह-संस्थापक विवेक राघवन ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य AI तकनीक को भारत में व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि नागरिकों, छोटे व्यवसायों, उद्योगों और राज्य व केंद्र सरकारों को इसका लाभ मिल सके. उन्होंने कहा कि HCLTech के साथ साझेदारी इस बात का उदाहरण है कि भारतीय कॉरपोरेट समूह देश में AI की बुनियादी क्षमता निर्माण में कैसे योगदान दे सकते हैं.
भारत के AI क्षेत्र के लिए बड़ा संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि Sarvam की यह फंडिंग भारत के उभरते सॉवरेन AI इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. HCLTech जैसे बड़े तकनीकी समूह के समर्थन से कंपनी भारतीय भाषाओं, सरकारी उपयोग और एंटरप्राइज AI समाधानों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकती है.
टैग्स