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AI हाइप और गवर्नेंस का सामना: Puch AI की विश्वसनीयता पर सवालों ने यूपी सरकार के 25,000 करोड़ के MoU को रोका

Puch AI एक स्टार्टअप है जो बड़े पैमाने पर सार्वजनिक उपयोग के लिए AI उपकरण विकसित करता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

उत्तर प्रदेश सरकार ने बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Puch AI के साथ किए गए 25,000 करोड़ रुपये के मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) को रद्द कर दिया है, क्योंकि वित्तीय विश्वसनीयता, क्षमता और गवर्नेंस के मानकों की जांच के दौरान गंभीर चिंताएं सामने आईं.

इस निवेश की घोषणा 23 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी, जिन्होंने कहा था कि यह साझेदारी राज्य में एक प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम बनाने में मदद करेगी. योजना में AI पार्क, बड़े डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, गवर्नेंस एप्लीकेशंस के लिए AI Commons प्लेटफॉर्म और युवाओं के कौशल विकास के लिए AI विश्वविद्यालय शामिल थे.

अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के तहत लखनऊ एयरपोर्ट के पास एक 'AI सिटी' भी विकसित की जा सकती थी, और प्रौद्योगिकी अवसंरचना नोएडा, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज तक विस्तारित हो सकती थी. यह परियोजना राज्य की उभरती तकनीकों के हब बनने की महत्वाकांक्षा में एक प्रमुख कदम मानी जा रही थी.

वित्तीय और गवर्नेंस चिंताएं

Invest UP के आधिकारिक हैंडल से जारी पोस्ट के अनुसार, “आवश्यक विवरण SOP के अनुसार निवेशक से मांगे गए थे, लेकिन समय पर प्रदान नहीं किए गए. ड्यू डिलिजेंस में परियोजना के पैमाने के लिए नेट वर्थ और विश्वसनीय वित्तीय लिंक की कमी पाई गई. राज्य सरकार के निर्देश पर MoU आज से रद्द किया जाता है. अब किसी भी अधिकार या दायित्व का अस्तित्व नहीं है.”

Puch AI क्या है?

Puch AI एक स्टार्टअप है जो बड़े पैमाने पर सार्वजनिक उपयोग के लिए AI उपकरण विकसित करता है. कंपनी की स्थापना सिद्धार्थ भाटिया और अर्जित जैन ने की. कंपनी ने WhatsApp पर एक AI सेवा लॉन्च की है, जो कई भारतीय भाषाओं में वॉइस-आधारित इंटरैक्शन की सुविधा देती है. यह प्लेटफ़ॉर्म उपयोगकर्ताओं को अलग ऐप डाउनलोड किए बिना सीधे WhatsApp के माध्यम से AI उपकरणों से जुड़ने की अनुमति देता है.

सोशल मीडिया जांच और सवाल

घोषणा के तुरंत बाद ही तकनीकी विशेषज्ञ और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने सवाल उठाए कि क्या यह अपेक्षाकृत कम-ज्ञात स्टार्टअप इतनी बड़ी निवेश राशि जुटाने में सक्षम है. ऑनलाइन चर्चाओं में कंपनी के सीमित सार्वजनिक वित्तीय विवरण, मामूली परिचालन प्रभाव और बड़े संस्थागत निवेशकों की अनुपस्थिति पर ध्यान दिया गया. 23 मार्च को मुख्यमंत्री के पोस्ट पर जुड़े एक नोट में स्टार्टअप की परियोजना निष्पादन क्षमता पर संदेह व्यक्त किया गया.

पोस्ट में लिखा गया, “Puch AI केवल 1 साल पुराना स्टार्टअप है, जिसकी सालाना आय 50 लाख रुपये से कम है. उनके पास इस पैमाने का MoU निष्पादित करने की वास्तविक क्षमता नहीं है. संस्थापक वायरल विवादों पर जीवित रहते हैं; पहले उन्होंने Perplexity ($20 बिलियन मूल्य) खरीदने का प्रस्ताव रखा था.”

स्टार्टअप का बचाव

Puch AI के सह-संस्थापक Siddharth Bhatia ने कहा कि निवेश निजी निवेशकों से आएगा, न कि सार्वजनिक निधियों से. उन्होंने बताया कि यह परियोजना सार्वजनिक-निजी साझेदारी के रूप में डिजाइन की गई थी और इसे चरणबद्ध तरीके से बाहरी वित्तीय समर्थन के साथ लागू किया जाएगा. हालांकि, उद्योग विशेषज्ञों के बीच स्टार्टअप की ट्रैक रिकॉर्ड और अपेक्षित निवेश जुटाने की क्षमता पर संदेह बना रहा.

ड्यू डिलिजेंस और MoU रद्द

विवाद के बाद अधिकारियों ने मानक प्रोटोकॉल के तहत वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा शुरू की. राज्य सरकार के अनुसार, ड्यू डिलिजेंस प्रक्रिया में परियोजना के पैमाने के लिए पर्याप्त नेट वर्थ और विश्वसनीय वित्तीय लिंक की कमी पाई गई. कंपनी ने निर्धारित समय सीमा में सभी दस्तावेज प्रदान नहीं किए.

इसलिए सरकार ने 27 मार्च को MoU रद्द कर दिया, यह स्पष्ट करते हुए कि अब दोनों पक्षों के बीच कोई अधिकार या दायित्व शेष नहीं है. अधिकारियों ने कहा कि यह कदम पारदर्शिता बनाए रखने और निवेश प्रस्तावों का मूल्यांकन करते समय गवर्नेंस मानकों को बनाए रखने के लिए लिया गया.

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और नीतिगत सवाल

इस घटना पर तुरंत राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार बड़ी निवेश घोषणाओं का प्रचार-प्रसार के लिए इस्तेमाल कर रही है और प्रशासन द्वारा किए गए समान MoU की समीक्षा करने की मांग की.

राज्य सरकार ने तर्क दिया कि रद्द करना उनके ड्यू डिलिजेंस तंत्र की प्रभावशीलता को दर्शाता है, लेकिन विवाद ने यह सवाल भी खड़ा किया कि उच्च-मूल्य समझौतों की घोषणा निवेशकों की कठोर जांच से पहले क्यों की जाती है.

व्यवसाय और स्टार्टअप के लिए सबक

यह मामला तकनीकी क्षेत्र में एक व्यापक प्रवृत्ति को भी दर्शाता है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बड़े निवेश दावों और महत्वाकांक्षी घोषणाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है.

विशेषज्ञों का कहना है कि Puch AI की घटना यह सिखाती है कि वित्तीय सत्यापन, संस्थागत जांच और वास्तविक परियोजना मूल्यांकन महत्वपूर्ण हैं, खासकर सार्वजनिक-निजी साझेदारी के लिए.

स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए यह याद दिलाने वाला संदेश है कि बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के साझेदारियों को सुरक्षित करने के लिए विश्वसनीयता, पारदर्शिता और निष्पादन क्षमता अनिवार्य हैं, विशेषकर AI जैसे तेज़ी से विकसित होने वाले और उच्च-स्टेक सेक्टर में.


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