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SEBI की चिंताओं के बीच EQUITY फंड में हो गया इतना इजाफा, जानिए कितना हुआ इजाफा

आंकड़े बता रहे हैं कि निवेश के इस आंकड़े में 23 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. जबकि सेबी इसे लेकर कई तरह के निर्देश जारी कर चुका है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

हाल ही में सेबी की ओर से इस बात को लेकर चिंता जताई गई थी कि मिड कैप और स्‍मॉल कैप फंड में पैसे को जो फ्लो हो रहा है. अब इसी को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं उन्‍होंने सभी की चिंता बढ़ा दी है.फरवरी के जो आंकड़े सामने आए हैं उसके अनुसार, इसमें 23 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और ये 26865 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है. इक्विटी फंड में सकारात्‍मकता पिछले 36 महीनों से लगातार बनी हुई है. 

आखिर फंरवरी में आया है कितना 
एसोसिएशन ऑफ म्‍यूचुवल फंड ऑफ इंडिया के अनुसार, फरवरी का जो आंकड़ा सामने आया है उसके अनुसार आंकड़ा 26865.78 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है जो 23 प्रतिशत ज्‍यादा है. सबसे बड़ी बात ये है कि फरवरी में सेबी की ओर से लगातार बढ़ रहे इस फंड को लेकर चिंता जताई गई थी. फरवरी के आंकड़ों पर नजर डालें तो मिडकैप फंड में निवेश 12 प्रतिशत कम होते हुए ये 1808 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा है. इसी तरह से स्‍मॉलकैप फंड में शुद्ध निवेश 10 प्रतिशत कम हुआ है लेकिन ये 2922 करोड़ रुपये पर आ गया है. 

सेबी ने म्‍यूचुअल फंडों को दिया था ये निर्देश 
सेबी की ओर से म्‍यूचुअल फंड हाउसों को ये निर्देश दिया गया था कि वो अपने स्‍मॉल कैप और मिड कैप फंडों के पोर्टफोलियो की ठीक से जांच करें ताकि उनके बारे में सही स्थिति सामने आ सके. यही नहीं सेबी ने निर्देश भी दिया था कि फंड कंपनियां निवेशकों को इसके बारे में विस्‍तार से जानकारी मुहैया कराएं. ताकि उन्‍हें फंड के जोखिम से लेकर स्‍कीम के बारे में विस्‍तार से पता चल सके. 

दूसरे फंड में क्‍या रही स्थिति 
वहीं अगर सलेक्‍टेड इनकम कैटेगिरी में देखें तो डेट फंडों में निवेश जनवरी के मुकाबले फरवरी में कम देखने को मिला है. जनवरी में जहां ये 73469 करोड़ रुपये था वहीं फरवरी में ये 63809 करोड़ रुपये था. वहीं अगर अल्‍पकालिक लिक्विड फंड की श्रेणी में 83642 करोड़ रुपये का निवेश हुआ जबकि कॉरपोरेटेड बॉन्‍ड में 3029 करोड़ रुपये का प्रवाह हुआ था. वहीं अगर लो ड्यूरेशन फंड में निकासी को देखें तो ये 4100 करोड़ रुपये की रही, जबकि फ्लोटर फंड में निकासी 3610 करोड़ रुपये रहा. वहीं ओपन एंडेड फंडों में प्रवाह जनवरी में जहां 1.23 ट्रिलियन रुपये था वहीं ये फरवरी में कम होकर 1.19 ट्रिलियन रुपये रहा है. 

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