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DP World और DPA की पहल, पोर्ट में मैगरेल तकनीक से होगी स्वचालित माल ढुलाई
राष्ट्रीय स्तर पर यह पहली पायलट परियोजना है जो भारत में स्मार्ट और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स को तेज करने के लिए पोर्ट में अगली पीढ़ी की माल ढुलाई को बढ़ावा देगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
डीपी वर्ल्ड (DP World) , दीनदयाल पोर्ट प्राधिकरण (DPA) और नेवोमो (Nevomo) ने एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य नेवोमो की मैगरेल तकनीक का उपयोग करते हुए रेल आधारित माल और फ्रेट के स्व-प्रेरित संचलन के लिए संभावित सहयोग के अवसरों का अन्वेषण करना है. यह परियोजना मौजूदा पोर्ट इकोसिस्टम के भीतर पायलट के रूप में लागू की जाएगी.
डीपी वर्ल्ड, जो स्मार्ट एंड-टू-एंड सप्लाई चेन समाधानों में विश्व नेता है, भारत में माल ढुलाई के क्षेत्र में क्रांतिकारी तकनीक लाने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है. दीनदयाल पोर्ट प्राधिकरण, जो भारत सरकार के तहत एक प्रमुख मल्टी-कॉरगो पोर्ट है, कंडला टर्मिनल पर इस तकनीक की व्यवहार्यता का मूल्यांकन करने के लिए सहयोग कर रहा है.
यह पहल पोर्ट और हिन्टरलैंड कनेक्टिविटी को तेज, कुशल और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह भारत की राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति और प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के साथ भी मेल खाती है, जिसका लक्ष्य देश के लॉजिस्टिक्स ढांचे का आधुनिकीकरण और एकीकरण है.
एमओयू पर 15 जुलाई 2025 को गुजरात के कंडला में दीनदयाल पोर्ट प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, डीपी वर्ल्ड के मध्य पूर्व, उत्तर अफ्रीका और भारतीय उपमहाद्वीप के सीईओ और प्रबंध निदेशक रिजवान सूमर, और नेवोमो ग्रुप के सीईओ प्रजेमेक (बेन) पाचेग ने हस्ताक्षर किए.
एमओयू के तहत, दीनदयाल पोर्ट पर मैगरेल तकनीक का 750 मीटर लंबा पायलट प्रोजेक्ट संचालित किया जाएगा. यह भारत में पहली बार ऐसा प्रयास होगा जो पोर्ट के जीवंत वातावरण में स्व-प्रेरित माल ढुलाई का प्रदर्शन करेगा. इस तकनीक के माध्यम से इलेक्ट्रिक पावर्ड स्वायत्त वैगनों को लाइनियर मोटर तकनीक के साथ मौजूदा रेल ट्रैकों पर चलाया जाएगा, जिससे कंटेनर और बल्क कार्गो की क्षमता, गति और दक्षता बढ़ेगी, लागत और CO₂ उत्सर्जन कम होंगे, और लॉजिस्टिक्स प्रणाली अधिक हरी, तेज और इंटरऑपरेबल बनेगी.
दीनदयाल पोर्ट प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुशील कुमार सिंह ने कहा, “यह सहयोग पोर्ट अवसंरचना में एक रणनीतिक उन्नति है, जो बढ़ती माल ढुलाई मांगों को पूरा करने के लिए क्षमता और संचालन दक्षता बढ़ाएगा. डीपी वर्ल्ड एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में इस पहल को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जो भारत के लॉजिस्टिक्स फ्रेमवर्क को मजबूत करने और व्यापार सुगमता सुनिश्चित करने के हमारे प्रयासों के अनुरूप है.”
डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुल्तान अहमद बिन सुलायम ने कहा, “डीपी वर्ल्ड में हम नवाचार तकनीकों को अपनाकर अपने टर्मिनलों को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. मैगरेल जैसे समाधानों का पायलट हमारे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में गति, दक्षता और स्थिरता बढ़ाने के उद्देश्य से मेल खाता है. इससे ट्रांजिट समय कम होगा, अवसंरचना का बेहतर उपयोग होगा और हम ग्राहकों के लिए अधिक मूल्य सृजित कर सकेंगे.”
रिजवान सूमर, डीपी वर्ल्ड के मध्य पूर्व, उत्तर अफ्रीका और भारतीय उपमहाद्वीप के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक ने कहा, “हम मानते हैं कि परिवहन अवसंरचना में परिवर्तन सहयोग और दीर्घकालिक सोच से आता है. डीपी वर्ल्ड, दीनदयाल पोर्ट प्राधिकरण और नेवोमो के बीच यह साझेदारी भारत में माल ढुलाई के भविष्य की कल्पना करने का एक अनूठा अवसर है. हमारा संकल्प केवल व्यक्तिगत परियोजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि यह भारत की पोर्ट-आधारित लॉजिस्टिक्स प्रणाली के विस्तार और समेकन तथा कार्बन न्यूट्रैलिटी प्राप्ति को तेजी से आगे बढ़ाने का प्रयास है.”
नेवोमो ग्रुप के सीईओ प्रजेमेक (बेन) पाचेग ने कहा, “हमें दीनदयाल पोर्ट पर इस अभिनव पहल में भागीदारी करते हुए गर्व है, जो मैगरेल की वास्तविक क्षमता को दिखाएगी और माल ढुलाई की दक्षता, क्षमता और लचीलापन बढ़ाएगी. डीपी वर्ल्ड और दीनदयाल पोर्ट प्राधिकरण जैसे विश्व स्तरीय संस्थानों के साथ सहयोग करना हमारे लिए महत्वपूर्ण है.”
यह ऐतिहासिक साझेदारी दिखाएगी कि मैगरेल तकनीक कैसे शॉर्ट-हॉल कार्गो ट्रांसफर को स्वचालित कर सकती है, डीजल वाहनों पर निर्भरता कम कर सकती है और यार्ड दक्षता में सुधार कर सकती है. दीनदयाल पोर्ट में यह पायलट परियोजना दक्षता और स्थिरता में नए मानक स्थापित करेगी और दिखाएगी कि नवाचार कैसे पोर्ट्स को आर्थिक विकास और वैश्विक व्यापार प्रतिस्पर्धा के इंजन में बदल सकता है.
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