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जानते हैं सबसे ज्यादा भारतीय क्या देखकर चुनते हैं नौकरी, जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे
सबसे ज्यादा भारतीयों को अपनी नौकरी के दौरान काम के समय को लेकर लचीलापन पसंद है. वो नौकरी को कुछ विशेष परिस्थितियों को देखते हुए ही चुनना पसंद करते हैं. ऐसा करने वाले लगभग 71 प्रतिशत हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
जब कभी भी हमें अपनी इच्छाओं के विपरीत काम करना पड़ता है तो अक्सर कहा जाता है कि ‘जो अपने मन की ना हो वो नौकरी है, क्या करें करना ही पड़ेगा’. लेकिन आज ये कहावत काफी हद तक बदल चुकी है. आज युवा किसी भी नौकरी को करने से पहले उसमें कई तरह की परिस्थितियों को तलाश रहे हैं. इसे लेकर हुए एक सर्वे में सामने आया है कि हमारे देश में युवा नौकरी के लिए सबसे ज्यादा अपने पसंद के वर्किंग ऑवर, वर्क फ्रॉम होम, बेहतरीन सैलरी, और खुद के वर्किंग समय पर ज्यादा विचार कर रहे हैं.
किन-किन मानदंडों को देते हैं प्राथमिकता
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आज नौकरी चाहने वाले युवा भर्ती प्रक्रिया के दौरान अधिक स्पष्टता और बेहतर कम्युनिकेशेन को प्राथमिकता दे रहे हैं. काम को लेकर लचीलापन और वेतन आज के समय में नौकरी चाहने वालों के प्रमुख मानदंडों में से एक हैं. नौकरी चाहने वालों के लिए, जब नौकरी खोजने की बात आती है, तो वो सबसे पहले हाइब्रिड या डिस्टेंस वर्किंग, नौकरी की जगह और कंपनी की ओर से मिलने वाले प्रॉफिट को देखते हैं.
लगभग 71 प्रतिशत भारतीय नौकरी के दौरान इन बातों पर सबसे ज्यादा फोकस कर रहे हैं. इसके बाद लगभग 70 प्रतिशत लोग रिमोट या डिस्टेंस वर्किंग को प्राथमिकता देते हैं. द जॉब सर्च प्रोसेस: ए लुक फ्रॉम द इनसाइड आउट नामक एक इनडीड सर्वेक्षण के अनुसार, इनमें से लगभग 63 प्रतिशत हाइब्रिड सेटिंग में काम करना पसंद करते हैं.
क्या होता है हाईब्रिड वर्क प्लेस
हाइब्रिड वर्किंग सेटिंग एक ऐसी वर्किंग सेटिंग है जिसमें कर्मचारी कुछ दिनों में घर से और कुछ दिनों में कार्यालय से काम कर सकते हैं. जबकि 51 प्रतिशत कपंनियों का कहना है कि वे कर्मचारियों को लचीले कामकाजी विकल्प प्रदान करते हैं. लगभग 69 प्रतिशत भारतीय नौकरी चाहने वाले ऑफिस से अपने घर के बीच की दूरी पर भी विचार करते हैं.
67 प्रतिशत भारतीय वेतन, लाभ, स्वास्थ्य बीमा, पारिवारिक अवकाश नीतियों और सीखने और विकास परियोजनाओं सहित नौकरी के लिए दिए जाने वाले मुआवजे को ध्यान में रखते हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सर्वेक्षण से पता चला कि इसमें शामिल 48 प्रतिशत नौकरी चाहने वाले किसी पद के लिए आवेदन करने से पहले अपनी कंपनी से वेतन सीमा जानना चाहते हैं.
नौकरी चाहने वाले चाहते हैं बेहतर संचार
कई बार ऐसा भी देखने में आता है कि जब नौकरी चाहने वालों को भर्ती प्रक्रिया के दौरान कंपनी की ओर से बेहतर स्पष्टता से जवाब नहीं मिल पाता है. सर्वेक्षण में शामिल केवल 15 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें 10-15 दिनों के भीतर भर्तीकर्ताओं से जवाब मिल गया है, जबकि 63 प्रतिशत लोगों का यही कहना था कि उन्हें इसके लिए काफी इंतजार करना पड़ा.
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