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बिककर ही रहेगी RINL, लेकिन इन 3 बीमा कंपनियों को मिलेगी बड़ी राहत! 

राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL), इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत आती है. कंपनी विशाखापत्तनम में करीब 70 लाख टन सालाना उत्पादन वाले इस्पात संयंत्र का संचालन करती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) को बेचने की मोदी सरकार की योजना में कोई बदलाव नहीं आया है. बीच में ऐसी खबरें आई थीं कि कंपनी के प्रदर्शन में सुधार को ध्यान में रखते हुए सरकार विनिवेश प्रक्रिया से पीछे हट गई है, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि सरकार ने अपने फैसले में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है. यानी सरकारी कंपनी RINL का निजी हाथों में जाना तय है.  

कही नहीं अटकी बात
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इस्पात मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड की विनिवेश प्रक्रिया जारी है और उस पर कोई विराम नहीं लगा है. मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि RINL की विनिवेश प्रक्रिया तय कार्यक्रम के तहत आगे बढ़ रही है, इसमें किसी तरह की कोई रुकावट नहीं है.हालांकि कंपनी अपने प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड को खरीदने में टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) के अलावा Adani Group और जेएसडब्ल्यू स्टील ने दिलचस्पी दिखाई थी. 

क्या करती है कंपनी?
राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL), इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत आती है. यह कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में करीब 70 लाख टन सालाना उत्पादन वाले इस्पात संयंत्र का संचालन करती है. इसकी स्थापना 18 फरवरी, 1982 को हुई थी. मार्च 2023 के आंकड़ों के अनुसार, RINL में कुल 14,880 कर्मचारी काम करते हैं. RINL देश की टॉप 6 स्टील उत्पादक कंपनियों में से एक मानी जाती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2021-22 में कंपनी का कुल टर्नओवर 28215 करोड़ रुपए था और कंपनी को 913 करोड़ रुपए का मुनाफा भी हुआ था. बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने जनवरी, 2021 में आरआईएनएल में सरकार की हिस्सेदारी के विनिवेश की सैद्धांतिक मंजूरी दी थी.

इन्हें मिलेगा अतिरिक्त निवेश!
वहीं, सरकार घाटे में चल रही तीन जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2023-24 में वित्त मंत्रालय इन बीमा कंपनियों को अपनी आर्थिक सेहत सुधारने के लिए अतिरिक्त 3 हजार करोड़ रुपए का निवेश देने की योजना बना रही है. रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इन कंपनियों के नाम नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी हैं. सरकार ने इन कंपनियों को अपना सॉल्वेंसी रेश्यो सुधारने को कहा है. सॉल्वेंसी रेश्यो से यह पता चलता है कि कोई कंपनी अपनी लंबी अवधि की देनदारियों से निपटने में कितनी सक्षम है.
 


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