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Daikin India ने नए R&D सेंटर में किया ₹500 करोड़ का निवेश, जानें कंपनी को क्या होगा फायदा?
यह भारत में HVAC और रेफ्रिजरेशन क्षेत्र में सबसे बड़ा रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) निवेश होगा, जहां डाईकिन इंडिया भारत में बने प्रोडक्ट्स तैयार करेगा और उन्हें दुनिया भर में एक्सपोर्ट करेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत में अपने काम को और मज़बूत करने के इरादे से डाईकिन इंडिया ने 15 अप्रैल 2025 को राजस्थान के नीमराना में अपना तीसरा रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) सेंटर शुरू किया. इस मौके पर जापान की डाईकिन इंडस्ट्रीज़ के प्रेसिडेंट और COO नाओफुमी ताकेनाका, ग्लोबल ऑपरेशंस और ट्रेनिंग हेड शोजी उएहारा, डाईकिन इंडिया के चेयरमैन और MD के.जे. जावा, और डिप्टी MD शोगो एंडो मौजूद थे.
छह एकड़ में फैला यह नया R&D सेंटर 500 से ज्यादा इंजीनियरों को काम देगा, जो भारत और दुनिया के ग्राहकों के लिए खास तौर पर बने, ऊर्जा-किफायती और नई तकनीक वाले प्रोडक्ट्स पर काम करेंगे. इस सेंटर में 22 नई टेस्टिंग लैब्स होंगी, जहां HVACR (हीटिंग, वेंटिलेशन, एयर कंडीशनिंग और रेफ्रिजरेशन) से जुड़े सभी सॉल्यूशंस तैयार किए जाएंगे। इसका मकसद डाईकिन की मैन्युफैक्चरिंग ताकत को बढ़ाना और विदेशी बाजारों में एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना है. 500 करोड़ रुपये के निवेश से बने इस नए सेंटर के साथ, डाईकिन का यह तीसरा डेवेलपमेंट सेंटर है. पहले से ही डाईकिन के पास नीमराना और हैदराबाद में एक मैकेनिकल R&D सेंटर और एक AI-IoT लैब मौजूद हैं.
इस मौके पर डाईकिन इंडस्ट्रीज़ के प्रेसिडेंट और COO नाओफुमी ताकेनाका ने कहा, "हम डाईकिन में हमेशा नई खोज (इनोवेशन) में विश्वास रखते हैं. यह नया R&D सेंटर हमें उन्नत और टिकाऊ (सस्टेनेबल) तकनीक वाले प्रोडक्ट्स को सोचने और बनाने में मदद करेगा. भारत हमारे लिए बहुत ज़रूरी मार्केट है, और इस सेंटर को बनाने का मकसद ऐसे टेक्नोलॉजी में निवेश करना है जो भारत और दुनिया, दोनों जगहों के लिए सही हो, और ग्राहकों की ज़रूरतों के हिसाब से प्रोडक्ट्स तैयार किए जा सकें.”
इस पर डाईकिन इंडिया के चेयरमैन और MD के.जे. जावा ने कहा, “डाईकिन इंडिया अब तक भारत में वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये का निवेश कर चुका है, जो हमारे लंबे समय के वादे को दिखाता है. यह नया R&D सेंटर इस सफर में एक बड़ी उपलब्धि है और यह डाईकिन को भारत में इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में लीडर बनाने में मदद करेगा.”
डाईकिन इंडिया का नया R&D सेंटर
• निवेश: 500 करोड़ रुपये
• कुल क्षेत्रफल: 6 एकड़
• लैब्स: 22 नई टेस्टिंग सुविधाएं
• कर्मचारी: 500 से ज़्यादा इंजीनियर
• स्थान: नीमराना, राजस्थान
जावा के अनुसार, यह अत्याधुनिक (state-of-the-art) सेंटर खासतौर पर भारतीय ग्राहकों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर प्रोडक्ट्स बनाने के लिए तैयार किया गया है. इसके साथ ही इसका मकसद पर्यावरण के अनुकूल (eco-friendly) और टिकाऊ (sustainable) तकनीकों को दुनिया भर के बाज़ारों के लिए विकसित करना भी है. उन्होंने कहा, "यह डाईकिन के उस विज़न को दर्शाता है, जिसमें HVAC और रेफ्रिजरेशन के भविष्य को लोकल समझ और इनोवेशन के ज़रिए बेहतर बनाया जा रहा है."
इस निवेश के साथ, डाईकिन ने भारत में मज़बूत R&D क्षमताएं विकसित करने और देश को एक भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. जावा ने यह भी कहा कि, हम लगातार रिसर्च और डेवलपमेंट पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे ऐसे नए प्रोडक्ट्स बन सकें जो पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाएं और इंडस्ट्री के लिए नए स्टैंडर्ड तय करें. कंपनी ने अपने बयान में बताया कि डाईकिन इंडिया की R&D टीम दुनियाभर में हो रहे इनोवेशन से अपडेट रहती है. इसके लिए वह इंटरनेशनल टेक्निकल वर्कशॉप्स में हिस्सा लेती है.
यह टीम ऊर्जा की बचत, लेबलिंग स्टैंडर्ड्स और पर्यावरण के अनुकूल रेफ्रिजरेंट्स पर ध्यान देती है और इलेक्ट्रॉनिक्स व HVAC डिज़ाइन में एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर काम करती है. कंपनी ने यह भी कहा कि डाईकिन जापान सहित कई बड़े टेक्निकल संस्थानों के साथ भी अच्छे संबंध बनाए रखती है ताकि लगातार इनोवेशन होता रहे. नीमराना में बनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के पास ही R&D सेंटर होने से प्रोडक्शन टीम के साथ तालमेल अच्छा रहता है, जिससे कामकाज और उत्पादकता दोनों बेहतर होती है.
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