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मार्च में कंज्यूमर सेंटिमेंट में हुआ सुधार; 29 देशों में भारत बना नंबर एक
उपभोक्ता भावना चारों श्रेणियों में बढ़ी है, खासकर अर्थव्यवस्था और नौकरियों को लेकर बड़ा सुधार हुआ है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मार्च 2025 में उपभोक्ता भावना (कंज्यूमर सेंटिमेंट) में सुधार देखा गया, जो 2.2 प्रतिशत अंक बढ़ गई. यह सुधार चारों उप-श्रेणियों में दिखा, खासकर अर्थव्यवस्था और नौकरियों को लेकर लोगों का विश्वास ज्यादा मजबूत हुआ. LSEG-Ipsos प्राइमरी कंज़्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स (PCSI) की मार्च रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 29 देशों में दो स्थान ऊपर चढ़कर टॉप पर पहुंच गया है. PCSI का आर्थिक उम्मीदों वाला उप-सूचकांक (Economic Expectations Sub-Index) 5.6 प्रतिशत अंक बढ़ा.
नौकरियों से जुड़ा PCSI इंडेक्स 4.4 प्रतिशत अंक ऊपर गया, जबकि व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति से जुड़ा इंडेक्स (Surrent Conditions Sub-Index) 0.9 प्रतिशत अंक बढ़ा। निवेश से जुड़ा इंडेक्स (Investment Climate Sub-index) हल्की बढ़त के साथ 0.2 प्रतिशत अंक ऊपर गया. Ipsos इंडिया के सीईओ अमित अडारकर ने कहा, "अर्थव्यवस्था के संकेतक सकारात्मक हैं. घरेलू मांग और भारतीय कंपनियों की मजबूती के चलते यह सुधार हुआ है, भले ही वैश्विक परिस्थितियां कठिन रही हों. नौकरियों के क्षेत्र में भी सुधार दिख रहा है.”
29 देशों में, भारत (60.2) सबसे ऊंचे राष्ट्रीय इंडेक्स स्कोर पर है और 60 अंक या उससे ऊपर स्कोर करने वाला इकलौता देश है. नौ अन्य देशों का इंडेक्स 50 अंक या उससे अधिक है. इसके विपरीत, चार देशों का स्कोर 40 से नीचे है - दक्षिण कोरिया (39.4), हंगरी (35.8), जापान (35.7) और तुर्किये (35).
अडारकर ने यह भी बताया कि 2024 नौकरियों और अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मुश्किल साल था क्योंकि दुनिया को युद्धों और वैश्विक आर्थिक मंदी जैसी कई समस्याओं (Polycrisis) का सामना करना पड़ा. लेकिन मार्च 2025 में उपभोक्ता भावना बेहतर हुई है, खासतौर पर व्यक्तिगत वित्त, निवेश, बचत और अतिरिक्त खर्चों (Discretionary Spends) को लेकर.
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