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UPI लेनदेन से जुड़े नियमों में बदलाव, खत्म होगी ये सुविधा, धोखाधड़ी पर लगेगी रोक
'पुल ट्रांजैक्शन' को हटाने से फ्रॉड के मामलों की संख्या में कमी आ सकती है. लेकिन कुछ बैंकर्स का कहना है कि इससे सही लेनदेन भी प्रभावित होंगे और इसका असर एफिशिएंसी पर होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
डिजिटल पेमेंट में बढ़ते फ्रॉड (Digital Payment Fraud) को रोकने के लिए NPCI नए सख्त कदम उठा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक,डिजिटल फ्रॉड (Digital Frauds) को रोकने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) यूपीआई पर 'पुल ट्रांजैक्शन (Pull Transactions) को हटाने के लिए बैंकों से बातचीत कर रहा है.यूपीआई के माध्यम से ज्यादातर डिजिटल फ्रॉड पुल ट्रांजैक्शन के जरिए किए जाते हैं. अब NPCI की कोशिश इस फीचर को हटाकर फ्रॉड को कम करना है. आइए जानते हैं पूरी खबर...
पुल ट्रांजैक्शन क्या है?
पुल ट्रांजैक्शन वह प्रक्रिया होती है, जिसमें कोई व्यापारी या व्यक्ति ग्राहक से पेमेंट रिक्वेस्ट करता है. इसमें पेमेंट राशि पहले से भरी होती है, और ग्राहक को केवल अपने UPI ऐप में पिन दर्ज करके पेमेंट करना होता है. हाल के दिनों में स्कैमर इसी टेक्निक का यूज कर कर रहे हैं. RBI के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में पुल ट्रांजैक्शन से जुड़ी 27,000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं. इनमें अप्रैल-जून 2024 में 14,401 शिकायतें और जुलाई-सितंबर 2024 में 12,744 शिकायतें शामिल है.
UPI फ्रॉड कैसे होता है?
1. विशिंग (Vishing)- धोखेबाज बैंक प्रतिनिधि बनकर UPI पिन और पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते हैं.
2. नकली UPI पेमेंट
o फर्जी QR कोड: यूजर को नकली साइट या ऐप पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता है.
o नकली पेमेंट स्क्रीनशॉट: स्कैमर्स लेनदेन होने का झूठा दावा करते हैं.
3. फिशिंग (Phishing)- धोखेबाज नकली वेबसाइट के लिंक भेजते हैं, जहां यूजर अपनी बैंकिंग जानकारी डाल देता है.
4. फर्जी UPI हैंडल- धोखेबाज सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर नकली UPI ID बनाकर लोगों को पैसे भेजने का लालच देते हैं.
UPI फ्रॉड से बचने के तरीके
• अनजान कॉल या मैसेज से बचें– बैंक कभी पिन या पासवर्ड नहीं मांगते.
• पेमेंट रिक्वेस्ट पर ध्यान दें– पैसे प्राप्त करने के लिए पिन की जरूरत नहीं होती.
• स्पैम वॉर्निंग को नजरअंदाज न करें– अनजान अनुरोधों को ब्लॉक और रिपोर्ट करें.
• नकली ऐप से बचें– UPI ऐप केवल आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड करें.
• सुरक्षा फीचर्स ऑन करें– बायोमेट्रिक्स और एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का उपयोग करें.
• ईमेल को सत्यापित करें– किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले ऑथेंटिसिटी जांचें.
• बैंक स्टेटमेंट की नियमित समीक्षा करें– अनधिकृत लेनदेन पर नजर रखें.
• सार्वजनिक Wi-Fi से बचें– सुरक्षित कनेक्शन का ही उपयोग करें.
• बैंक मैसेज की जांच करें– OTP और लेनदेन अलर्ट को ध्यान से पढ़ें.
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