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साइबर अपराध के लिए केन्द्र सरकार ने उठाया बड़ा कदम, अब नहीं मिलेंगी बल्क सिम
दुनियाभर में होने वाले साइबर अपराधों में सबसे ज्यादा मोबाइल के जरिए किए जाते हैं, अब केन्द्र सरकार ने बल्क सिम जारी करने पर रोक लगा दी है. सरकार ने हजारों सिम डीलरों को भी ब्लैक लिस्ट कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
साइबर से जुड़े अपराधों का दायरा इतना फैल चुका है कि इससे कोई एक राज्य नहीं बल्कि पूरा देश परेशान है. इसी साइबर अपराध के बढ़ते दायरे को खत्म करने के लिए केन्द्र सरकार ने जहां डेटा प्रोटेक्शन से जुड़े कानून में कई प्रावधान किए हैं, वहीं सरकार ने अब एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने इस दिशा में बल्क सिम जारी करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है. सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए 67 हजार सिम डीलरों को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया है.
लाखों कनेक्शन किए गए ब्लॉक
सरकार की ओर से की गई इस कार्रवाई में सरकार ने सिर्फ डीलरों पर ही कार्रवाई नहीं की है बल्कि 52 लाख फर्जी कनेक्शनों को पूरी तरह से डीएक्टिवेट कर दिया है. सरकार ने इसमें एक और कदम उठाते हुए कहा है कि अब जो भी व्यक्ति सिम डीलर बनेगा उसका पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा. उसके आपराधिक रिकॉर्ड से लेकर दूसरी जानकारियों का पुलिस वेरिफिकेशन होगा तभी उसे डीलर माना जाएगा.
क्या है सरकार की नई गाइडलाइन?
सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार अब बल्क कनेक्शन केवल बिजनेस हाउसेस को दिए जाएंगे उसके लिए भी पहले वेरिफिकेशन किया जाएगा.हर सिम का केवाईसी अनिवार्य कर दिया है. सरकार का कहना है कि बल्क कनेक्शन में 80 प्रतिशत तो सही होते हैं जबकि 20 प्रतिशत ऐसे होते हैं जिन्हें फर्जी लोगों को दे दिया जाता है.
देश में बड़ा है साइबर अपराध का जाल
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हमारे देश में झारखंड का जामतारा ही ऐसी जगह नहीं है जो साइबर अपराध का गढ़ हो. बल्कि नौ राज्य ऐसे हैं जहां साइबर अपराध बड़ी संख्या में होता है. इनमें हरियाणा, दिल्ली, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, गुजरात उत्तर प्रदेश, झारखंड और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य हैं. इन राज्यों में कई ऐसी जगहें जो आज साइबर अपराध का गढ़ बन गई हैं और वहां से बड़े पैमाने पर अपराध किया जाता है.
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