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BW MarketWorld: मार्केटिंग की दुनिया के दिग्गजों ने साझा किया अपनी सफलता का मंत्र
BW बिजनेसवर्ल्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मार्केटिंग की दुनिया के दिग्गजों ने बताया कि वह सफलता के लिए क्या करते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
BW Businessworld द्वारा दिल्ली में आयोजित मार्केटिंग इवेंट में सेक्टर की दिग्गज हस्तियां शिरकत कर रही हैं. आयोजन के दूसरे दिन विभिन्न कंपनियों के मार्केटिंग लीडर्स ने अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए यह भी बताया कि मार्केटिंग में करियर बनाने वाले युवाओं को सक्सेसफुल बनने के लिए क्या करना चाहिए. इस दौरान बिजनेस वर्ल्ड समूह के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा भी उपस्थित रहे.
पैनल डिस्कशन में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया गया, जिसमें NEC Corporation India के सीनियर GM एवं हेड - मार्केटिंग एंड कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन अरविंद सक्सेना, Metro Brands की मार्केटिंग हेड दीपिका दीप्ति, Spencer's Retail & Nature's Basket के VP, चीफ मार्केटिंग एवं ओमनीचैनल ऑफिसर हर्षवर्धन चौहान, LensKart के VP ईकॉमर्स मधुर आचार्य, MakeMyTrip के चीफ मार्केटिंग एवं बिजनेस ऑफिसर राज ऋषि सिंह, Bajaj Allianz General Insurance के मार्केटिंग हेड विक्रमजीत भयाना शामिल हुए. जबकि सेशन चेयर के रूप में BW Businessworld के रूहेल अमीन मौजूद रहे.
लीडरशिप पर कही ये बात
रूहेल अमीन के इस सवाल के जवाब में कि मार्केटियर के तौर पर आप अपना लीडरशिप स्टाइल कैसे परिभाषित करेंगे? आपके लिए प्रभावी लीडरशिप क्या है? NEC Corporation India के सीनियर GM एवं हेड - मार्केटिंग एंड कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन अरविंद सक्सेना ने कहा कि इसे केवल एक शब्द में परिभाषित किया जा सकता है और वो है - पीपल. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि बाय द पीपल, फॉर द पीपल. मार्केटिंग से जुड़े किसी भी शख्स को संगठन के भीतर और बाहर के लोगों के बारे में सोचना चाहिए. संगठन के भीतर के लोगों में कर्मचारी आते हैं और बाहर के लोगों में
ग्राहक, पार्टनर, थर्ड पार्टी आदि. जब हम सभी के बारे में सोचते हैं और उसके अनुरूप रणनीति तैयार करते हैं, तो सफलता सुनिश्चित है.
लोगों से जुड़ाव सबसे महत्वपूर्ण
Metro Brands की मार्केटिंग हेड दीपिका दीप्ति ने अरविंद सक्सेना से सहमति जताते हुए कहा कि सबकुछ इस पर निर्भर करता है कि आप लोगों से कैसा जुड़ाव रखते हैं, कैसे टीम निर्मित करते हैं. इसलिए जब मैं किसी को काम पर रखती हूं तो उसकी अलग-अलग क्वालिटी पर भी ध्यान देती हूं. जिसमें सॉफ्ट स्किल भी शामिल हैं और ये मार्केटिंग के लिए बेहद जरूरी है. वहीं, Spencer's Retail & Nature's Basket के VP, चीफ मार्केटिंग एवं ओमनीचैनल ऑफिसर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मेरे लिए हर कोई लीडर है. परिस्थितियां, अवसर, जोखिम लीडर का निर्माण करते हैं. यदि आप ऐसे शख्स हैं जो दूसरों को छोड़ खुद रिस्क लेते हैं तो आप लीडर हैं. ऐसा हर दिन होता है. मेरे लिए यह महत्वपूर्व है कि आप खुद से जुड़ाव रखने वाले लोगों में क्वालिटी कैसे जोड़ते हैं.
प्रोडक्ट का एसेंस पता होना जरूरी
LensKart के VP ईकॉमर्स मधुर आचार्य ने कहा कि मार्केटियर का मतलब है एक ऐसा व्यक्ति जिसके पास वजन हो. जो सबकी सुने, सबसे फीडबैक ले और सुनिश्चित करें कि सभी उसके साथ हैं. वहीं, MakeMyTrip के चीफ मार्केटिंग एवं बिजनेस ऑफिसर राज ऋषि सिंह ने कहा कि आजकल मार्केटिंग बहुत व्यापक हो गई है और हमें बहुत सी बातों का ध्यान रखना पड़ता है. Bajaj Allianz General Insurance के मार्केटिंग हेड विक्रमजीत भयाना ने अपने लीडरशिप मंत्र पर बोलते हुए कहा कि मार्केटियर के तौर पर हमें अपनी कंपनी के प्रोडक्ट का एसेंस पता होना चाहिए. दूसरी फील्ड से इतर हमारी फील्ड में प्रोडक्ट का मतलब है क्लेम. क्लेम की स्थिति तब आती है जब किसी के साथ कुछ बुरा होता है. उस समय आपको वहां उनके साथ होना होता है. इसलिए यदि आप अपनी कंपनी के प्रोडक्ट के एसेंस को समझते हैं और अपनी टीम को भी इसका अहसास दिलाते हैं तो आपकी सफलता निश्चित है. हमारा 14 करोड़ का कस्टमर बेस है, हम कर्मचारियों के लिए एक ऐसा वातावरण बनाते हैं कि उन्हें ये अहसास हो कि वो हजारों-लाखों लोगों की मदद कर रहे हैं.
सभी को प्रोएक्टिव रहना चाहिए
इनोवेशन के लिए समय निकालने से जुड़े सवाल पर अरविंद सक्सेना ने कहा कि हम सभी को प्रोएक्टिव रहना चाहिए, खासतौर पर फिजिकली. स्टाफ के पहुंचने से 15 मिनट पहले ऑफिस पहुंचें, क्योंकि इससे आपको सामान्य दिनचर्या शुरू होने से पहले सोचने के लिए कुछ समय मिल जाएगा. अरविंद ने आगे कहा- मेरे दिन की शुरुआत ब्रह्म काल यानी सुबह के 3.40 बजे होती है. इसलिए मेरे पास अपने लिए काफी समय होता है. मैं बहुत कुछ सोच सकता हूं. दीपिका दीप्ति ने कहा कि मैं आर्टिस्ट बैकग्राउंड से हूं इसलिए कल्चरल शिफ्ट पर ध्यान देती हूं. टीम के युवाओं से बात करती हूं, क्योंकि उनके पास अपेक्षाकृत ज्यादा आईडिया होते हैं. हर्षवर्धन चौहान के मुताबिक, वह सामान्य लोगों की तरह ही उठते हैं. वह कुछ भी प्लान नहीं करते. उन्हें वर्तमान में जीना पसंद है और वह मानते हैं कि प्लान न होने से आप हर चीज के लिए खुले रहते हैं. गलतियों से सीखते हैं.
एक दिन एडवांस रहना अच्छा
मधुर आचार्य ने कहा - मैं 3.40 बजे सोता हूं. मैं अपने अगले दिन की तैयारी पहले ही कर लेता हूं. मेरा व्हट्सऐप ग्रुप है, जो कुछ मुझे पसंद आता है मैं उसमें डाल देता हूं और जब भी सही समय मिलता है, मैं उस पर विचार करता हूं. टीम को एडवांस में टास्क देता हूं. इनोवेशन पर सोचने का कोई समय नहीं होता, ये कभी हो सकता है. राज ऋषि सिंह का मानना है कि इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप कब सोते हैं, जब जागते हैं. समय सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति है. समय के महत्व को पहचानना महत्वपूर्ण है. मैं आयरन मैन की तैयारी कर रहा हूं, उस दौरान अपने बिजनेस के बारे में सोचता हूं.
इनसे मिलती है इनोवेशन
विक्रमजीत भयाना ने बताया कि उन्हें इनोवेशन के लिए सोचने का समय ट्रेवलिंग के दौरान मिलता है. उन्होंने कहा - मैं महीने में 15 दिन ट्रेवल करता हूं. मुझे ट्रेवलिंग से प्रेरणा मिलती है. मैं इस दौरान कई लोगों से मिलता हूं, उनसे बात करना पसंद है. मेरा मानना है कि असली इनोवेशन आपको कैब ड्राइवर, पान टपरी वाले या होटल में आपका लगेज उठाने वाले से मिलती है. यदि आप उनसे 5 मिनट ही बात कर लें, तो आपको शहर, वहां के लोगों के बारे में इतना कुछ पता चल जाएगा जो आपको किसी न्यूजपेपर में नहीं मिल सकता. मैंने कुछ समय में ही 10 कैब ड्राइवर्स को इंश्योरेंस एडवाइजर बनाया है. जितनी ज्यादा आप लोगों से बात करेंगे, उनकी जरूरत जानेंगे और उसके अनुसार समाधान प्रदान करेंगे, उतने ही ज्यादा वे आपके साथ जुड़ाव महसूस कर पाएंगे.
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