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Budget 2024: बड़े काम की है NPS Vatsalya योजना, जानें इससे जुड़ी हर बात
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में एनपीएस वात्सल्य योजना का ऐलान किया है. यह योजना बच्चों के भविष्य को सुरक्षित कर सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आज अपने बजट में नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) के तहत एनपीएस वात्सल्य (NPS Vaatsalya) योजना का ऐलान किया है. यह एक ऐसी योजना है, जिसमें निवेश करके आप अपने बच्चे का भविष्य सुरक्षित बना सकते हैं. एनपीएस वात्सल्य के तहत आप अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर भी NPS अकाउंट खोलकर इन्वेस्टमेंट कर पाएंगे. बच्चे के बालिग यानी 18 साल का हो जाने के बाद एनपीएस वात्सल्य को रेगुलर एनपीएस प्लान में तब्दील करवाया जा सकेगा.
समाधान योजना होगी पेश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को लेकर सरकारी कर्मचारियों की चिंता का भी जिक्र किया. साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि एनपीएस को लेकर सरकार कर्मचारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए जल्द ही एक समाधान योजना के साथ सामने आएगी. बता दें कि अधिकांश सरकारी कर्मचारी एनपीएस से नाखुश हैं. वे ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme) की बहाली की मांग का रहे हैं. हालांकि, सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि OPS की बहाली की कोई संभावना नहीं है.
वात्सल्य एक अच्छी शुरुआत
फाइनेंस मिनिस्टर ने बजट पेश करते हुए बताया कि एनपीएस को रिव्यू करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसने काफी काम कर लिया है. समिति की फाइनल रिपोर्ट मिलते ही NPS को आकर्षक बनाने से जुड़े फैसले लिए जाएंगे. वहीं, एक्सपर्ट्स का मानना है कि एनपीएस वात्सल्य एक अच्छी शुरुआत है. इससे पैरेंट्स अपने बच्चों के लिए भी पेंशन की व्यवस्था कर सकते हैं. अच्छी बात यह है कि बच्चे के 18 वर्ष का होने के बाद यह अकाउंट अपने आप रेगुलर NPS अकाउंट में कन्वर्ट हो जाएगा.
क्या है NPS?
माना जा रहा है कि वित्त मंत्री NPS में सुधार को लेकर कुछ बड़े ऐलान कर सकती हैं. उम्मीद जताई जा रही थी कि NPS में शामिल कर्मचारियों को उनकी आखिरी सैलरी का 50% पेंशन के रूप में देने का प्रावधान बजट में किया जा सकता है. लेकिन फिलहाल सरकारी कर्मचारियों को केवल आश्वासन मिला है. यह स्कीम 2004 में लागू की गई थी, इसलिए उसके बाद के सभी सरकारी कर्मचारी इसी के दायरे में आते हैं. NPS के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की सैलरी से 10% की कटौती की जाती है. कहने का मतलब है कि कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 10 फीसदी कंट्रीब्यूशन देता है, जिसमें राज्य या केंद्र भी योगदान देते हैं. नई पेंशन स्कीम में GPF की सुविधा उपलब्ध नहीं है.
क्या है चिंता?
शेयर बाजार पर आधारित इस स्कीम में पैसा पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा एप्रूव्ड कई पेंशन फंड्स में से एक में निवेश किया जाता है और रिटर्न बाजार से जुड़ा होता है. इसलिए इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती. इसी को लेकर कर्मचारी सबसे ज्यादा आशंकित हैं. उन्हें लग रहा है कि भविष्य में यदि बाजार डूबता है, तो उनकी मेहनत की कमाई भी डूब जाएगी और उनकी रिटायरमेंट लाइफ मुश्किल में पड़ जाएगी.
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