होम / बिजनेस / टाटा संस की लिस्टिंग को बोर्ड की मंजूरी, चंद्रशेखरन को 5 साल का एक्सटेंशन
टाटा संस की लिस्टिंग को बोर्ड की मंजूरी, चंद्रशेखरन को 5 साल का एक्सटेंशन
टाटा संस के बोर्ड की गुरुवार को करीब तीन घंटे तक बैठक हुई. बैठक में कंपनी की लिस्टिंग और चेयरमैन के कार्यकाल से जुड़े अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई. बोर्ड की मंजूरी के बाद टाटा संस के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के भविष्य को लेकर गुरुवार को बोर्ड बैठक में दो अहम फैसले किए गए. बोर्ड ने कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की दिशा में आगे बढ़ने को मंजूरी दे दी है. साथ ही एन चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए चेयरमैन बनाए रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है. उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होने वाला है.
लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ेगी टाटा संस
टाटा संस के बोर्ड की गुरुवार को करीब तीन घंटे तक बैठक हुई. बैठक में कंपनी की लिस्टिंग और चेयरमैन के कार्यकाल से जुड़े अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई. बोर्ड की मंजूरी के बाद टाटा संस के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है.
टाटा संस लंबे समय से लिस्टिंग को लेकर चर्चा में रही है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के चलते भी कंपनी की लिस्टिंग का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है. टाटा संस टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है और समूह की कई बड़ी कंपनियों में इसकी हिस्सेदारी है.
नोएल टाटा की राय से अलग रहा बोर्ड का फैसला
सूत्रों के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा दोनों मुद्दों पर बोर्ड के अन्य सदस्यों से अलग राय रखते थे. वह टाटा संस को निजी कंपनी के तौर पर बनाए रखने के पक्ष में थे. इसके अलावा वह एन चंद्रशेखरन को पांच साल का एक और कार्यकाल दिए जाने के पक्ष में भी नहीं थे. हालांकि, बोर्ड के अन्य सदस्यों के समर्थन के चलते लिस्टिंग और चंद्रशेखरन के कार्यकाल से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई.
RBI के नियमों से बढ़ा लिस्टिंग का दबाव
टाटा संस की लिस्टिंग का मुद्दा भारतीय रिजर्व बैंक के नियामकीय ढांचे से भी जुड़ा है. कंपनी ने कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन खत्म करने की मांग की थी, जिसे RBI ने स्वीकार नहीं किया. इसके बाद कंपनी की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग को लेकर चर्चा तेज हुई.
टाटा संस की बाजार में लिस्टिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह टाटा समूह की मुख्य होल्डिंग कंपनी है. कंपनी के पास समूह की कई प्रमुख कंपनियों में हिस्सेदारी है. ऐसे में लिस्टिंग होने पर यह भारतीय शेयर बाजार की बड़ी लिस्टिंग में शामिल हो सकती है.
चंद्रशेखरन को मिलेगा पांच साल का नया कार्यकाल
बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को पांच साल का नया कार्यकाल देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होना है. इससे पहले चंद्रशेखरन ने अगले कार्यकाल के लिए पद पर बने रहने की इच्छा नहीं जताई थी. हालांकि, कंपनी की नॉमिनेशन एंड रिम्यूनरेशन कमेटी ने उनसे अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया था.
अब बोर्ड की मंजूरी के बाद चंद्रशेखरन के अगले कार्यकाल और टाटा संस की प्रस्तावित लिस्टिंग से जुड़े आगे के कदम महत्वपूर्ण होंगे.
टाटा संस की लिस्टिंग क्यों है अहम?
टाटा संस की लिस्टिंग से निवेशकों को टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी में सीधे निवेश का अवसर मिल सकता है. कंपनी की विभिन्न टाटा समूह कंपनियों में हिस्सेदारी को देखते हुए इसकी संभावित लिस्टिंग को बाजार में लंबे समय से करीब से देखा जा रहा है. हालांकि, लिस्टिंग की मंजूरी के बाद भी वास्तविक सूचीबद्धता तक नियामकीय मंजूरियों, प्रक्रिया और अन्य आवश्यक कदमों को पूरा करना होगा.
टैग्स