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BlackRock ने HLEND फंड से निकासी पर लगाई सीमा, 1.2 अरब डॉलर के रिडेम्प्शन अनुरोध

ब्लैकरॉक ने बताया कि फंड के नियमों के अनुसार उसने 620 मिलियन डॉलर की निकासी को मंजूरी दी. यह फंड की कुल संपत्ति के 5 प्रतिशत की सीमा तक पहुंचता है, जिसके बाद फंड मैनेजर अतिरिक्त निकासी पर रोक लगा सकते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago

दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक ने अपने प्रमुख प्राइवेट क्रेडिट फंड में निवेशकों की बढ़ती निकासी मांग के बाद फंड से पैसे निकालने पर सीमा लगा दी है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक प्राइवेट क्रेडिट उद्योग को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ती जा रही है. कंपनी के अनुसार, उसके 26 अरब डॉलर के HPS कॉरपोरेट लेंडिंग फंड (HLEND) में पहली तिमाही के दौरान निवेशकों ने करीब 1.2 अरब डॉलर निकालने का अनुरोध किया, जो फंड की कुल नेट एसेट वैल्यू का लगभग 9.3 प्रतिशत है.

रिडेम्प्शन नियमों के तहत सीमित निकासी

ब्लैकरॉक ने बताया कि फंड के नियमों के अनुसार उसने 620 मिलियन डॉलर की निकासी को मंजूरी दी. यह फंड की कुल संपत्ति के 5 प्रतिशत की सीमा तक पहुंचता है, जिसके बाद फंड मैनेजर अतिरिक्त निकासी पर रोक लगा सकते हैं. कंपनी के मुताबिक, फंड शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब रिडेम्प्शन अनुरोध निर्धारित सीमा से ऊपर पहुंचे हैं.

शेयर बाजार में गिरावट

इस खबर के बीच ब्लैकरॉक के शेयरों में भी गिरावट देखी गई. कंपनी के शेयर BlackRock Inc. में न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर शुक्रवार को खबर लिखे जाने तक शेयर में 7.30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. यह गिरावट व्यापक बाजार बिकवाली के बीच आई, जिसका कारण उम्मीद से कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़े और मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव बताए जा रहे हैं.

क्या है HLEND फंड

HLEND एक बिजनेस डेवलपमेंट कंपनी (BDC) के रूप में संचालित होता है. इस संरचना के तहत फंड मुख्य रूप से रिटेल निवेशकों से पूंजी जुटाता है और मध्यम आकार की कंपनियों को कर्ज देता है. ऐसे कर्ज आम तौर पर कम तरल (इलिक्विड) होते हैं, यानी उन्हें तुरंत बेचना संभव नहीं होता. इसलिए यदि बड़ी संख्या में निवेशक एक साथ पैसा निकालने की कोशिश करते हैं तो फंड पर दबाव बढ़ सकता है.

HPS अधिग्रहण के बाद बना था फंड का हिस्सा

HLEND फंड 2024 में ब्लैकरॉक का हिस्सा बना था, जब कंपनी ने HPS Investment Partners का करीब 12 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया था. इस सौदे का उद्देश्य तेजी से बढ़ते प्राइवेट क्रेडिट बाजार में ब्लैकरॉक की मौजूदगी मजबूत करना था.

निवेशकों की चिंता क्यों बढ़ी

हाल के महीनों में प्राइवेट क्रेडिट सेक्टर को लेकर निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है. इसके पीछे कर्ज देने के मानकों और संभावित डिफॉल्ट जोखिम को लेकर बढ़ती चिंता है. पिछले वर्ष एक अमेरिकी ऑटो पार्ट्स सप्लायर और एक सबप्राइम ऑटो लेंडर के दिवालिया होने के साथ-साथ ब्रिटेन की एक मॉर्गेज लेंडिंग कंपनी के हालिया पतन ने भी सेक्टर के जोखिम प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं.

दूसरे फंड हाउस भी दबाव में

निवेशकों की निकासी का दबाव सिर्फ ब्लैकरॉक तक सीमित नहीं है. हाल ही में Blackstone ने अपने 82 अरब डॉलर के प्राइवेट क्रेडिट फंड में रिडेम्प्शन सीमा को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया, ताकि निवेशकों की निकासी मांग पूरी की जा सके. कंपनी और उसके कर्मचारियों ने फंड से निकासी सुनिश्चित करने के लिए लगभग 400 मिलियन डॉलर का निवेश भी किया. इसी तरह Blue Owl Capital ने जनवरी में अपने एक फंड का करीब 15.4 प्रतिशत हिस्सा वापस खरीद लिया था.

सॉफ्टवेयर सेक्टर में ज्यादा एक्सपोजर

कंपनी के खुलासे के मुताबिक HLEND के पोर्टफोलियो का लगभग 19 प्रतिशत हिस्सा सॉफ्टवेयर सेक्टर से जुड़ा हुआ है. हाल के समय में टेक कंपनियों के भविष्य को लेकर निवेशकों की धारणा में बदलाव और एआई आधारित स्टार्टअप्स से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण इस सेक्टर पर दबाव बना हुआ है.

बाजार की अस्थिरता भी बनी वजह

वैश्विक बाजारों में बढ़ती अस्थिरता ने भी निवेशकों को सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर जाने के लिए प्रेरित किया है. संभावित आर्थिक मंदी, मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से उद्योगों में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान कम हुआ है. हालांकि HPS Investment Partners का कहना है कि मौजूदा बाजार उतार-चढ़ाव के बीच भी निवेश के नए अवसर मौजूद हैं और कंपनी बाजार की स्थिति के बावजूद निवेश जारी रखने की योजना बना रही है.
 


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