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बिहार में इन्वेस्टमेंट की बहार, कंपनियों ने किया 1.8 लाख करोड़ का रिकॉर्ड निवेश
बिहार इन्वेस्टर्स समिट काफी सफल रहा. अलग-अलग कंपनियों की तरफ से 1.8 लाख करोड़ रुपए के मेगा इन्वेस्टमेंट का करार किया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
बिहार बिजनेस कनेक्ट इन्वेस्टर्स समिट ने एक बड़ी सफलता हासिल की, जहां विभिन्न क्षेत्रों में ₹1.8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले. बिहार के उद्योग और पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने इस दो दिवसीय आयोजन के अंत में मीडिया से बात करते हुए इसे राज्य के औद्योगिक विकास के लिए एक बड़ा कदम बताया. इस साल का निवेश पिछले साल के ₹53,000 करोड़ के मुकाबले लगभग तीन गुना ज्यादा है, जो बिहार की बढ़ती निवेश क्षमता को दिखाता है.
इन कंपनियों ने किया निवेश
समिट के दौरान बड़ी कंपनियों ने बिहार सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. इनमें सबसे बड़ा निवेश अडानी ग्रुप ने किया, जो ₹20,000 करोड़ लगाएगा. यह पैसा एक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट बनाने और सीमेंट उत्पादन, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स में विस्तार के लिए इस्तेमाल होगा.
NHPC ने भी बड़ी घोषणा की, जिसमें ₹5,500 करोड़ का निवेश कर राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं शुरू करने की योजना है. खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में, एसएलएमजी बेवरेज ने ₹3,000 करोड़ का निवेश करने का वादा किया, जबकि श्री सीमेंट और हल्दीराम स्नैक्स ने क्रमशः ₹800 करोड़ और ₹300 करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है.
प्रमुख क्षेत्रों में निवेश
निवेशों को बढ़ावा देने वाले प्रमुख क्षेत्र बिहार के उद्योग विभाग की सचिव बंडाना प्रेयाशी ने निवेशों के क्षेत्रवार वितरण की जानकारी दी. पर्यटन सबसे प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरा, जिसमें 2,900 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले. वस्त्र उद्योग में भी 24 इकाइयों ने 1,300 करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया. इसके अतिरिक्त, प्लास्टिक और रबर उत्पादन क्षेत्र को 665 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र में 35 से अधिक कंपनियों ने 3,360 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव दिया.
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र निवेशकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बना. प्रेयाशी ने बताया कि 17 कंपनियों ने राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा संरचना विकसित करने के लिए 90,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव दिये हैं, जो बिहार की हरित ऊर्जा और सततता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
आने वाले बदलाव
बंदना प्रेयशी ने कहा कि समिट में हुए समझौतों के नतीजे एक साल के अंदर दिखने लगेंगे, जब ये परियोजनाएं शुरू होंगी. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए सहयोगपूर्ण माहौल बना रही है और कंपनियों को जल्द काम शुरू करने के लिए ऑफर लेटर जारी कर रही है.
मंत्री नीतीश मिश्रा ने भी कहा कि सरकार ठोस और प्रभावशाली प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे रही है. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वास्थ्य कारणों से समिट में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उनकी नीतियों और पहल ने राज्य को निवेश के लिए एक आकर्षक स्थान बनाने में मदद की है.
300 से ज्यादा कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई और ₹1.8 लाख करोड़ का निवेश मिला. यह समिट बिहार के उज्जवल आर्थिक भविष्य की दिशा में एक नया मील का पत्थर है. सरकार की रणनीति, जिसमें स्थिरता, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विविधता पर जोर है, बिहार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए एक प्रमुख स्थान बनाने में मदद करेगी.
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