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गंगा पर परिवहन क्रांति: पटना में वाटर मेट्रो, हाइब्रिड जहाज और 16 नए जेटी की योजना
सोनोवाल ने पटना में एक जहाज मरम्मत और निर्माण सुविधा स्थापित करने की भी घोषणा की, साथ ही राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान को एक Centre of Excellence के रूप में उन्नत करने की योजना बताई
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
केंद्रीय पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोमवार को बिहार में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) के तहत जल परिवहन के विकास के लिए कई अहम घोषणाएं कीं. इसमें पटना के लिए कोच्चि की तर्ज पर वाटर मेट्रो सेवा, दो हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कैटामरन जहाज, 16 सामुदायिक जेटी, और दो रो-पैक्स टर्मिनल जैसी योजनाएं शामिल हैं.
ये घोषणाएं पटना में आयोजित 'इनलैंड वॉटरवेज डेवलपमेंट पर परामर्श कार्यशाला' के उद्घाटन के दौरान की गईं, जहां मंत्री ने गंगा नदी को एक टिकाऊ और बहु-मॉडल परिवहन कॉरिडोर में बदलने के रोडमैप को साझा किया.
पटना में जहाज निर्माण और मरम्मत केंद्र, NINI बनेगा ‘Centre of Excellence’
सोनोवाल ने पटना में एक जहाज मरम्मत और निर्माण सुविधा स्थापित करने की भी घोषणा की, साथ ही राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान (NINI) को एक Centre of Excellence के रूप में उन्नत करने की योजना बताई. इससे स्किल डेवलपमेंट और जल परिवहन अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा, “पटना गंगा पर जल परिवहन का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। ये पहलें गंगा को आर्थिक और पारिस्थितिक प्रगति के कॉरिडोर में बदलने के हमारे मिशन का हिस्सा हैं.”
घोषित परियोजनाओं में शामिल हैं:
दो हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कैटामरन जहाज, जो ईंधन कुशल और पर्यावरण के अनुकूल होंगे
चार स्थानों पर क्विक पंटून ओपनिंग मैकेनिज्म (QPOMs) की स्थापना
दो Ro-Pax टर्मिनल, जो लोगों और वाहनों के आवागमन को बेहतर बनाएंगे
राज्यभर में 16 सामुदायिक जेटी, जिससे ग्रामीण जलमार्ग कनेक्टिविटी सुधरेगी
पटना में वाटर मेट्रो सेवा का मूल्यांकन, जो कोच्चि मॉडल पर आधारित होगी और शहरी गतिशीलता को गति देगी
संयुक्त टास्क फोर्स बनेगी
सोनोवाल ने बताया कि जलमार्ग विकास के लिए एक संयुक्त टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जिसमें बिहार सरकार, केंद्रीय पोत मंत्रालय, और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) शामिल होंगे। यह टास्क फोर्स बिहार में NW-1 के टिकाऊ विकास के अवसरों का मूल्यांकन करेगी।
जल परिवहन: आंकड़े और उपलब्धियां
केंद्रीय मंत्रालय के अनुसार, भारत में 2014 के बाद से इनलैंड वॉटरवेज सेक्टर में 700% से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है. चालू राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या 3 से बढ़कर 29 हो गई है, जो 11 राज्यों को कवर करती है. मंत्रालय ने बताया कि अब तक Rs 35,000 करोड़ की परियोजना पाइपलाइन तैयार की गई है, जिसे 2030 तक पूरा किया जाएगा. इसमें कई पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित प्रोजेक्ट शामिल हैं.
जल मार्ग विकास परियोजना (JMVP), जिसे 2018 में हाल्दिया से वाराणसी तक 1,390 किमी लंबे खंड के लिए शुरू किया गया था, अब 68.86% पूरा हो चुका है. इस मार्ग पर माल परिवहन FY15 में 5.05 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर FY25 में 16.38 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गया है.
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