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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर आया बड़ा अपडेट, RBI ने प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन तारीखों का किया ऐलान
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) एक सुरक्षित और स्थिर रिटर्न वाला निवेश विकल्प है, जिसमें प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के अवसर भी उपलब्ध होते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के प्रीमैच्योर रिडेम्पशन के लिए तारीखों का ऐलान किया है. आरबीआई द्वारा जारी इस अपडेट से निवेशकों को उनके गोल्ड बॉन्ड को समय से पहले नकद करने का मौका मिलेगा, बशर्ते वे सही समय पर आवेदन करें. अगर निवेशक अपने गोल्ड बॉन्ड को समय से पहले नकद करना चाहते हैं, तो अब वे जान सकेंगे कि उन्हें आवेदन कब और कहां देना होगा. तो आपको इस अपडेट के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं.
SGB गोल्ड में निवेश क्या है?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) सरकार की तरफ से जारी किए गए डिजिटल बॉन्ड हैं, जो सोने की कीमत पर आधारित होते हैं. इन बॉन्ड्स में निवेश करने से निवेशकों को न केवल सोने के मूल्य में वृद्धि का फायदा मिलता है, बल्कि यह सुरक्षा और स्थिर रिटर्न का भी एक अच्छा विकल्प है. इसके अलावा, SGB में निवेशकों को ब्याज भी मिलता है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है. ध्यान रहे कि SGB का प्रीमैच्योर रिडेम्पशन पांच साल पूरे होने के बाद ही संभव है.
RBI द्वारा जारी शेड्यूल
भारतीय रिजर्व बैंक ने 2025 के लिए SGB के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन का शेड्यूल जारी किया है. इस शेड्यूल में उन तारीखों का उल्लेख किया गया है, जिनके दौरान निवेशक अपने गोल्ड बॉन्ड को समय से पहले नकद कर सकते हैं. अगर किसी दिन सार्वजनिक छुट्टी होती है, तो इन तारीखों में बदलाव भी हो सकता है. निवेशकों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वे आवेदन कहां और कब करें, ताकि उनका रिडेम्प्शन सुचारु रूप से हो सके. इसके अलावा, प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की कीमत पिछले सप्ताह के औसत सोने की कीमत पर आधारित होती है.
SGB में कौन निवेश कर सकता है?
SGB में केवल वे लोग निवेश कर सकते हैं, जो भारत में निवास करते हैं। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति पहले भारतीय निवासी था और अब वह नॉन-रेजिडेंट हो गया है, तो वह अपने SGB को तब तक रख सकता है जब तक कि वह उसे रिडेम्प्ट या मैच्योरिटी नहीं कर लेता। भारतीय रिजर्व बैंक विभिन्न समयों में SGB जारी करता है, और पांच साल का लॉक-इन पीरियड पूरा होने के बाद ही प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन संभव होता है.
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