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SEZ यूनिट्स को बड़ी राहत, कम शुल्क पर घरेलू बाजार में बिक्री की मंजूरी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में इस विशेष उपाय का प्रस्ताव रखा था. इसके तहत योग्य SEZ यूनिट्स को घरेलू टैरिफ एरिया (DTA) में सीमित मात्रा में कम शुल्क पर बिक्री की अनुमति दी गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सरकार ने विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) में काम कर रही मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने एक बार की छूट के तहत इन यूनिट्स को घरेलू बाजार में कम शुल्क पर सामान बेचने की अनुमति दी है, जिससे उनके अतिरिक्त उत्पादन के बेहतर उपयोग और नकदी प्रवाह में सुधार की उम्मीद है.
किन यूनिट्स को मिलेगा फायदा
सरकार की इस राहत का लाभ केवल उन SEZ यूनिट्स को मिलेगा जिन्होंने 31 मार्च 2025 या उससे पहले उत्पादन शुरू किया है. इसके साथ ही, इन यूनिट्स को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जिन उत्पादों पर छूट का दावा किया जा रहा है, वे निर्धारित शर्तों को पूरा करते हों और उनमें कम से कम 20 प्रतिशत वैल्यू एडिशन हुआ हो.
क्यों लिया गया यह फैसला
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब वैश्विक व्यापार में सुस्ती और अनिश्चितता के कारण कई कंपनियां अपने उत्पादों का निर्यात नहीं कर पा रही हैं. ऐसे में उनके पास अतिरिक्त उत्पादन क्षमता बची रह जाती है. सरकार का यह कदम इस समस्या को दूर करने और कंपनियों को घरेलू बाजार में अवसर देने के लिए उठाया गया है.
बजट में किया गया था ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में इस विशेष उपाय का प्रस्ताव रखा था. इसके तहत योग्य SEZ यूनिट्स को घरेलू टैरिफ एरिया (DTA) में सीमित मात्रा में कम शुल्क पर बिक्री की अनुमति दी गई है. हालांकि, यह बिक्री उनके निर्यात के एक तय हिस्से तक ही सीमित रहेगी.
शुल्क में कितनी मिली राहत
विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले के तहत अलग-अलग सेक्टर्स में शुल्क दरों को घटाकर करीब 6.5 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत के बीच कर दिया गया है. इसमें बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेस (AIDC) में कटौती शामिल है, जो उत्पाद के अनुसार अलग-अलग होगी.
इंडस्ट्री को कैसे होगा फायदा
इस फैसले से SEZ यूनिट्स को अपने अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू बाजार में बेचने का मौका मिलेगा, जिससे न केवल उनका स्टॉक कम होगा बल्कि आयात पर निर्भरता भी घटेगी. इससे कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होने और उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग की उम्मीद है.
भारत के SEZ सेक्टर की स्थिति
देश में इस समय 276 सक्रिय SEZ हैं, जिनमें 6,279 से अधिक इकाइयां काम कर रही हैं. 2024-25 में इन क्षेत्रों से कुल निर्यात 7.37 प्रतिशत बढ़कर 172.27 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो भारत के निर्यात में इनकी अहम भूमिका को दर्शाता है.
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