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पश्चिम एशिया संकट के बीच निर्यातकों को बड़ी राहत, ₹497 करोड़ की ‘RELIEF’ योजना को मंजूरी
सरकार की ‘RELIEF’ योजना के तहत खाड़ी और पश्चिम एशिया के प्रमुख देशों जैसे संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत, बहरीन, इराक, ईरान, इज़राइल और यमन को भेजे जाने वाले निर्यात को कवर किया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और महंगी होती लॉजिस्टिक्स लागत से जूझ रहे भारतीय निर्यातकों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है. सरकार ने ₹497 करोड़ की रीलीफ (RELIEF-Resilience & Logistics Intervention for Export Facilitation) योजना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य निर्यातकों के जोखिम को कम करना और शिपमेंट को सुचारु बनाए रखना है.
संकट की वजह से बढ़ीं निर्यातकों की मुश्किलें
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के कारण भारतीय निर्यातकों को बीते कुछ समय से भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. जहाजों के मार्ग बदलने, लंबी दूरी तय करने, ट्रांसशिपमेंट हब पर बढ़ती भीड़ और युद्ध-जोखिम प्रीमियम में उछाल ने लॉजिस्टिक्स लागत को काफी बढ़ा दिया है. इससे शिपमेंट की समयबद्धता और विश्वसनीयता पर भी असर पड़ा है.
किन देशों के निर्यात को मिलेगा कवर
सरकार की ‘RELIEF’ योजना के तहत खाड़ी और पश्चिम एशिया के प्रमुख देशों जैसे संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत, बहरीन, इराक, ईरान, इज़राइल और यमन को भेजे जाने वाले निर्यात को कवर किया जाएगा. यह योजना सीधे निर्यात और ट्रांसशिपमेंट दोनों तरह के माल पर लागू होगी.
पहला घटक: मौजूदा शिपमेंट को अतिरिक्त सुरक्षा
योजना के पहले घटक के तहत, जिन निर्यातकों ने पहले से ECGC बीमा कवर लिया है, उन्हें 14 फरवरी से 15 मार्च 2026 के बीच की शिपमेंट पर अतिरिक्त सुरक्षा दी जाएगी. सरकार मौजूदा कवर के ऊपर 100% तक जोखिम कवर प्रदान करेगी, जिससे पहले से भेजे गए माल को अधिक सुरक्षा मिलेगी.
दूसरा घटक: आने वाले निर्यात के लिए 95% जोखिम कवर
दूसरे घटक में 16 मार्च से 15 जून 2026 तक की शिपमेंट के लिए निर्यातकों को ECGC कवर लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इस दौरान सरकार 95% तक अतिरिक्त जोखिम कवर देगी, जिससे निर्यातकों का भरोसा बना रहेगा और शिपमेंट का प्रवाह जारी रहेगा.
तीसरा घटक: MSME निर्यातकों को सीधी राहत
योजना का तीसरा हिस्सा MSME निर्यातकों के लिए है, जिन्होंने बीमा कवर नहीं लिया लेकिन बढ़े हुए माल भाड़े और बीमा शुल्क का बोझ झेला है. ऐसे पात्र निर्यातकों को 50% तक की आंशिक प्रतिपूर्ति दी जाएगी, जिसकी सीमा प्रति निर्यातक ₹50 लाख तक होगी.
₹497 करोड़ का प्रावधान और निगरानी तंत्र
सरकार ने इस योजना के लिए कुल ₹497 करोड़ का बजट निर्धारित किया है. इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा. साथ ही एक इंटर-मंत्रालयी समूह (IMG) योजना की समीक्षा करेगा और जरूरत के अनुसार बदलाव की सिफारिश करेगा.
निर्यातकों के लिए भरोसे की पहल
वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ते जोखिम के बीच ‘RELIEF’ योजना भारतीय निर्यातकों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हो सकती है. इससे न केवल लागत का दबाव कम होगा, बल्कि निर्यात गतिविधियों में स्थिरता और विश्वास भी बना रहेगा.
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