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अमेजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, फ्यूचर ग्रुप डील पर लगा 202 करोड़ रुपये का जुर्माना रद्द
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अगर इन आदेशों के तहत अमेजन से कोई रकम जमा कराई गई थी या वसूली गई थी, तो उसे आठ सप्ताह के भीतर वापस किया जाए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 hours ago
अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन को फ्यूचर ग्रुप डील मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण के उन आदेशों को रद्द कर दिया, जिनमें अमेजन पर 202 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था और फ्यूचर ग्रुप के साथ उसकी निवेश डील पर रोक लगाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अमेजन को लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में अहम राहत मिली है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण का 13 जून 2022 का आदेश और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग का 17 दिसंबर 2021 का फैसला रद्द किया जाता है. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अगर इन आदेशों के तहत अमेजन से कोई रकम जमा कराई गई थी या वसूली गई थी, तो उसे आठ सप्ताह के भीतर वापस किया जाए.
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद अमेजन और फ्यूचर ग्रुप के बीच 2019 में हुए निवेश समझौते से जुड़ा है. अमेजन ने फ्यूचर कूपंस प्राइवेट लिमिटेड में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी, जो फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की प्रवर्तक कंपनी थी.
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने दिसंबर 2021 में आरोप लगाया था कि अमेजन ने डील से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं और निवेश के रणनीतिक उद्देश्यों का पूरा खुलासा नहीं किया. इसके बाद नियामक ने डील की मंजूरी निलंबित कर दी थी और अमेजन पर 202 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.
अपीलीय न्यायाधिकरण ने भी बरकरार रखा था फैसला
जून 2022 में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के फैसले को सही ठहराते हुए अमेजन की अपील खारिज कर दी थी. न्यायाधिकरण ने कहा था कि कंपनी ने फ्यूचर रिटेल से जुड़ी अपनी रणनीतिक योजनाओं और डील के वास्तविक उद्देश्य का पूरा खुलासा नहीं किया. न्यायाधिकरण ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 के तहत लगाए गए जुर्माने को भी बरकरार रखा था.
अमेजन की दलील क्या थी?
अमेजन का कहना था कि उसने निवेश से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के सामने पेश की थी. कंपनी ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा था कि डील के बारे में कोई तथ्य छिपाया नहीं गया. इसी के खिलाफ अमेजन सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जहां अब उसे राहत मिल गई है.
फ्यूचर ग्रुप और आयोग ने क्या कहा था?
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और फ्यूचर ग्रुप ने अदालत में दलील दी थी कि अमेजन ने डील के आर्थिक और रणनीतिक उद्देश्यों को पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया था. नियामक का कहना था कि कंपनी ने फ्यूचर रिटेल में अपनी वास्तविक रणनीतिक रुचि को छिपाया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अब दोनों आदेशों को रद्द करते हुए अमेजन के पक्ष में फैसला सुनाया है.
लंबे विवाद में अमेजन को राहत
अमेजन और फ्यूचर ग्रुप के बीच यह विवाद भारतीय कॉरपोरेट जगत के सबसे चर्चित कानूनी मामलों में शामिल रहा है. सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से अमेजन को बड़ी राहत मिली है और कंपनी पर लगा भारी जुर्माना भी हट गया है.
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