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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कोल इंडिया में 2% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, जानिए OFS की पूरी डिटेल
DIPAM के मुताबिक, OFS 27 मई को गैर-रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा, जबकि 29 मई को रिटेल निवेशक इसमें बोली लगा सकेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 15 hours ago
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की अस्थिरता के बीच केंद्र सरकार ने सरकारी कंपनी कोल इंडिया (Coal India Limited) में अपनी हिस्सेदारी बेचने का बड़ा फैसला लिया है. सरकार ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के जरिए कंपनी में 2 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचेगी. इसके लिए फ्लोर प्राइस मौजूदा बाजार भाव से करीब 10 प्रतिशत कम रखा गया है. यह OFS 27 मई से शुरू होगा और इसमें रिटेल निवेशकों के लिए भी हिस्सा लेने का मौका रहेगा.
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
केंद्र सरकार ने कोल इंडिया में 2 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बिक्री की घोषणा की है. यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी. इसमें 1 प्रतिशत का बेस ऑफर शामिल है, जबकि ओवरसब्सक्रिप्शन की स्थिति में अतिरिक्त 1 प्रतिशत हिस्सेदारी ‘ग्रीन शू ऑप्शन’ के तहत बेची जा सकेगी. इस फैसले की जानकारी DIPAM सचिव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी.
Government of India announces OFS in Coal India Limited with a base offer of 1% of its equity and an additional 1% Green Shoe Option in case of oversubscription. Floor price fixed at ₹412 per share. OFS opens for non-retail investors on 27 May 2026 and for retail investors on 29… pic.twitter.com/yhDSdr6LRx
— Secretary, DIPAM (@SecyDIPAM) May 26, 2026
क्या रखा गया है फ्लोर प्राइस?
सरकार ने OFS के लिए 412 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है. मंगलवार 26 मई को कोल इंडिया का शेयर 455.90 रुपये पर बंद हुआ था, यानी फ्लोर प्राइस बाजार भाव से करीब 10 प्रतिशत कम रखा गया है, ताकि निवेशकों को आकर्षित किया जा सके.
कब खुलेगा OFS?
DIPAM के मुताबिक, OFS 27 मई को गैर-रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा, जबकि 29 मई को रिटेल निवेशक इसमें बोली लगा सकेंगे. सरकार का कहना है कि मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन, लगातार डिविडेंड और स्थिर वित्तीय स्थिति के चलते कोल इंडिया लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर बना हुआ है.
कितने शेयर बेचे जाएंगे?
कोल इंडिया की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कोयला मंत्रालय बेस ऑफर के तहत 6.16 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेगा, जो कंपनी की कुल पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 1 प्रतिशत है. अगर OFS को अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है तो सरकार के पास अतिरिक्त 6.16 करोड़ शेयर बेचने का विकल्प भी रहेगा. ऐसे में कुल ऑफर साइज बढ़कर 12.32 करोड़ शेयर यानी 2 प्रतिशत हिस्सेदारी तक पहुंच सकता है.
कर्मचारियों को भी मिलेगा मौका
कंपनी ने बताया कि OFS गाइडलाइंस के तहत योग्य कर्मचारियों को भी इक्विटी शेयर खरीदने का मौका दिया जाएगा. इसके तहत कर्मचारी अधिकतम 5 लाख रुपये तक के शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे.
बाजार की नजर रहेगी OFS पर
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार का यह OFS निवेशकों की प्रतिक्रिया के लिहाज से काफी अहम माना जाएगा. फ्लोर प्राइस पर डिस्काउंट और कोल इंडिया के मजबूत डिविडेंड ट्रैक रिकॉर्ड की वजह से इस इश्यू पर बाजार की नजर बनी रहेगी.
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