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विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट, 6.48 अरब डॉलर गिरकर 675.65 अरब डॉलर पर आया
इस दौरान गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 1.94 अरब डॉलर घटकर 67.81 अरब अमेरिकी डॉलर रह गयी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange) में इस महीने लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. शुक्रवार को रिजर्व बैंक
ऑफ इंडिया ने फॉरेक्स रिजर्व के ताजा आंकड़े जारी किए. इन आंकड़ों के मुताबिक 8 नवंबर को खत्म हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 6.4 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इतनी बड़ी गिरावट के बाद अब यह 675.65 अरब डॉलर हो चुका है. 27 सितंबर को फॉरेक्स रिजर्व 705 अरब डॉलर के सबसे निम्न स्तर पर रहा। इसके बाद से इसमें लगातार गिरवाट आ रही है. शीर्ष स्तर से पिछले 6 सप्ताह में अब तक विदेशी मुद्रा भंडार में 29.35 अरब डॉलर की कमी आ चुकी है.
दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार
रिजर्व बैंक की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक 8 नवंबर को खत्म हुए सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार की विदेशी मुद्रा संपत्तियों (FCA) के मूल्य में भारी कमी आई है. इस दौरान देश के गोल्ड रिजर्व में भी कमी आई है. लगातार 6 सप्ताह की गिरावट के बाद भी भारत के पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार है. रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 8 नवंबर को खत्म हुए सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 6.47 अरब डॉलर घटकर 675.63 अरब डॉलर रहा. इस दौरान एफसीए में 4.46 अरब डॉलर की कमी आई, यह अब घटकर 585.38 अरब डॉलर रह गया है.
गोल्ड रिजर्व में भी 1.93 अरब डॉलर की गिरावट
पिछले कुछ सप्ताह से जहां कुल फॉरेक्स रिजर्व में कमी आ रही थी, वहीं गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी हो रही थी. लेकिन, पिछले दिनों गोल्ड रेट में आई भारी गिरावट के चलते गोल्ड रिजर्व में भी 1.93 अरब डॉलर की कमी आई है. यह अब घटकर 67.81 अरब डॉलर हो गया है. इसके अलावा एसडीआर में इस दौरान 6 करोड़ डॉलर की गिरावट आई, जो अब घटकर 18.15 अरब डॉलर हो गया है. आईएमएफ रिजर्व में 1.4 करोड़ डॉलर की कमी आई है. यह अब घटकर 4.2 अरब डॉलर हो गया है.
क्या है गिरवाट की वजह?
डॉलर के लगातार मजबूत होने से तमाम मुद्राएं इसकी तुलना में कमजोर हो रही हैं. फॉरेक्स रिजर्व में एफसीए के तौर पर यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-डॉलर मुद्राएं होती हैं. अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से इन मुद्राओं के मूल्य में कमजोरी आ रही है, इसकी वजह से विदेशी मुद्रा का आउटफ्लो भारत के फॉरेक्स रिवर्ज में तेजी से कमी आ रही है.
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