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Crypto फ्रॉड केस में बड़ा एक्शन, CBI ने 60 जगहों पर की छापेमारी
यह Crypto Currecy फ्रॉड न केवल निवेशकों के लिए एक बड़ा वित्तीय संकट बना है, बल्कि यह देशभर में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में भी एक बड़ी मिसाल बन गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने देशभर में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े एक बड़े फ्रॉड मामले में 60 स्थानों पर छापेमारी की है. दरअसल, यह कार्रवाई फर्जी वेबसाइटों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए किए गए इस घोटाले के आरोपियों के खिलाफ की जा रही है, जिन्होंने लाखों निवेशकों को ठगा. यह स्कैम 2015 में शुरू हुआ था और इसके आरोपियों ने पोंजी स्कीम के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेशकों से पैसे जुटाए थे. तो आइए जानते हैं ये पूरा मामला क्या है?
इन जगहों पर की छापेमारी
सीबीआई द्वारा यह कार्रवाई दिल्ली, पुणे, चंडीगढ़, नांदेड़, कोल्हापुर, बेंगलुरु समेत अन्य प्रमुख शहरों में की गई. बता दें, इससे पहले 15 फरवरी 2025 को, सीबीआई ने दिल्ली और हरियाणा में 11 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें भारी मात्रा में नकद, विदेशी मुद्रा, सोना और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किए गए थे.
कैसे हुआ क्रिप्टोकरेंसी स्कैम?
यह क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड 2015 में शुरू हुआ था, जिसमें कई लोग शामिल थे. इस स्कैम का मुख्य आरोपी अमित भारद्वाज (जो अब मृतक हो चुके हैं), अजय भारद्वाज और उनके एजेंट थे. इन्होंने 'GainBitcoin' और अन्य नामों से फर्जी वेबसाइटें बनाई थीं, जिनके माध्यम से लोगों को पोंजी स्कीम के तहत क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए फंसाया गया था. इन वेबसाइटों का संचालन एक कंपनी, 'Variabletech Pte. Ltd' द्वारा किया जाता था.
रिटर्न देने के जाल में फंसाकर की धोखाधड़ी
इस धोखाधड़ी के तहत, निवेशकों को 18 महीने में बिटकॉइन में निवेश करने के बदले 10 प्रतिशत रिटर्न का वादा किया गया था. इसके बाद, निवेशकों को बिटकॉइन खरीदने और "क्लाउड माइनिंग" के माध्यम से गेनबिटकॉइन के साथ निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया गया. शुरुआत में कुछ निवेशकों को रिटर्न भी दिया गया, जिससे उनका विश्वास और बढ़ गया. लेकिन 2017 में, जब नए निवेशकों की संख्या में कमी आई, तो ये योजना असफल हो गई. इसके बाद, आरोपियों ने निवेशकों के घाटे को कवर करने के लिए उनकी रकम को अपनी इन-हाउस 'MCAP क्रिप्टोकरेंसी' में बदल दिया, जिसका वास्तविक मूल्य बिटकॉइन से बहुत कम था.
सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
इस क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड के मामले में देशभर में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत कई एफआईआर दर्ज की गई हैं. इस मामले का आकार इतना बड़ा था कि विभिन्न राज्यों, जैसे जम्मू और कश्मीर, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में दर्ज मामलों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया. अब सीबीआई इस घोटाले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.
सीबीआई की छापेमारी और बरामदगी
सीबीआई ने 25 फरवरी 2025 को देशभर के 60 स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज, कंप्यूटर डेटा और अन्य सामग्री बरामद की गई है. इससे पहले 15 फरवरी को सीबीआई ने दिल्ली और हरियाणा में छापेमारी की थी, जिसमें 1.08 करोड़ रुपये नगद, 1000 अमेरिकी डॉलर, 252 ग्राम सोना, छह लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन और एक आईपैड जब्त किया गया था.
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