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9 सालों में बंद हुए 14.56 लाख करोड़ के लोन, किसका था सबसे बड़ा हिस्सा?
वित्त वर्ष 2014-15 से लेकर वित्त वर्ष 24 के दौरान भारत में मौजूद बैंकों द्वारा 14.56 लाख करोड़ रूपए के NPAs बंद किए गए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
किसी बैंक द्वारा दिए गए लोन पर अगर 90 दिनों तक किसी प्रकार का इंटरेस्ट या फिर मूल नहीं दिया जाता तो ऐसे लोन को बैंक द्वारा NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया जाता है. NPAs को ही सामान्य बोलचाल में ‘Bad Loans’ भी कहा जाता है.
कितने NPAs हुए बंद
हाल ही में संसद में जानकारी दी गई है कि वित्त वर्ष 2014-15 से लेकर वित्त वर्ष 24 के बीच पिछले 9 वित्त-वर्षों के दौरान भारत में मौजूद बैंकों द्वारा 14.56 लाख करोड़ रूपए के NPAs बंद किए गए हैं. इसके साथ ही संसद में यह भी बताया गया है कि बैंकों द्वारा बंद किए गए कुल NPAs में से 7,40,968 करोड़ रूपए की के NPA, बड़े उद्योगों और सर्विस के हिस्से में थे . केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने संसद को दिए अपने लिखित जवाब में कहा है कि ‘अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (Scheduled Commercial Banks) द्वारा 2,04,668 करोड़ रूपए की कीमत के लोन रिकवर कर लिए गए हैं. रिकवर किए गए इन लोन्स में कॉर्पोरेट लोन्स भी शामिल हैं.
NPAs की विस्तृत जानकारी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ‘अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक’, ऐसे बैंकों को कहा जाता है जो भारत के केंद्रीय बैंक, RBI यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के RBI एक्ट की दूसरी सूची में लिस्ट किये गए हैं. केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 18 के दौरान पब्लिक सेक्टर के बैंकों द्वारा 1.18 लाख करोड़ रूपए की कीमत के NPAs को रिकवर किया गया था जबकि वित्त वर्ष 22 के दौरान यह कम होकर 0.91 लाख करोड़ पर पहुंच गया. इसके साथ ही भगवत कराड ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 23 के दौरान बैंकों द्वारा 2.09 लाख करोड़ रूपए की कीमत के NPAs को बंद किया था.
NPAs की संख्या होगी कम
इसके साथ ही भागवत कराड ने अपने जवाब में आगे कहा कि भारत सरकार और RBI द्वारा NPAs को रिकवर करने और इनकी संख्या कम करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. इसी विषय के बारे में बात करते हुए भागवत कराड ने आगे कहा कि NPAs की रिकवरी करने और उनकी संख्या में कमी करने के लिए सिक्योरिटी इंटरेस्ट एक्ट 2002 को भी लागू किया गया है.
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