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चुनावी मौसम में सबको खुश कर रही सरकार, क्या अब पूरी होगी बैंकर्स की मुराद?

माना जा रहा है कि मोदी सरकार बैंक कर्मियों की दो मांगों को पूरा कर सकती है. इसमें वेतन वृद्धि और 5-डेज वर्किंग शामिल है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

चुनावी मौसम में सरकारें मेहरबान और दरियादिल हो जाती हैं. इस साल कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद अगले साल लोकसभा चुनाव होना है. ऐसे में मोदी सरकार खुद को दयावान साबित करने में लगी है. केंद्रीय कर्मचारियों का DA 42 प्रतिशत से बढ़कर 46 प्रतिशत कर दिया गया है. रेलकर्मियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर बोनस का ऐलान भी हो चुका है और अब माना जा रहा है कि मोदी सरकार बैंकर्स के लिए भी खुशखबरी सुन सकती है. बैंककर्मी लंबे समय से 5-डेज बैंकिंग और वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं. 

इतनी बढ़ेगी सैलरी!
केंद्र सरकार की निजीकरण की योजना से बैंककर्मी पहले से ही नाराज चल रहे हैं. बैंक यूनियन इसे लेकर प्रदर्शन भी कर चुकी हैं. ऐसे में सरकार यदि सबको कुछ न कुछ देकर बैंक कर्मियों को नजरंदाज करती है, तो चुनावी मौसम में उसे नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. इसीलिए माना जा रहा है कि जल्द ही वित्त मंत्रालय बैंकर्स की मांग पर मुहर लगा सकता है. इंडियन बैंक्स एसोसिएशन की ओर से वेतन में 15% बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया था. साथ ही सप्ताह में पांच दिन कामकाज का प्रस्ताव भी सरकार के पास विचाराधीन है. 

IBA कर चुका है स्वीकार
इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि बैंक कर्मचारी यूनियनों द्वारा सभी शनिवारों को साप्ताहिक अवकाश घोषित करने की मांग को लेकर 28 जुलाई की एक बैठक हुई थी, जिसमें बैंक इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने मांग को स्वीकार कर लिया था. इसके बाद प्रस्ताव को मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेज दिया गया था. अब यदि वित्त मंत्रालय भी इसे मंजूरी दे देता है तो बैंक सप्ताह में सिर्फ पांच दिन ही खुलेंगे और बैंकर्स को पहले और चौथे शनिवार को काम नहीं करना पड़ेगा. बता दें कि मौजूदा व्यवस्था के तहत रविवार के अलावा बैंक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं.

कैसी होगी व्यवस्था?
5-डेज वर्किंग के प्रस्ताव के अमल में आने के बाद बैंकों में 45 मिनट अधिक कामकाज किया जाएगा. ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) ने भरोसा दिलाया है कि 5-डेज वर्किंग से बैंकों का कामकाज प्रभावित नहीं होगा, क्योंकि सप्ताह में 5 कार्यदिवस की समयावधि में 45 मिनट तक बढ़ोतरी की जा सकती है. वहीं, माना जा रहा है कि सरकार को इस प्रस्ताव से कोई आपत्ति नहीं है और जल्द ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से इसे हरी झंडी मिल सकती है. गौरतलब है कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से 5-डेज वर्किंग और सैलरी बढ़ाने की मांग करते आ रहे हैं.

बैंकर्स ने दिया ये तर्क
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि बीते कुछ समय में काम का बोझ काफी बढ़ गया है. जब LIC सहित कई कंपनियां हफ्ते में 5 दिन कामकाज की पॉलिसी अपना रही हैं, तो बैंकों में भी इसे अमल में लाया जा सकता है. पिछले साल बैंक यूनियनों की तरफ से सरकार के सामने काम के घंटे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था. इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) को लिखे पत्र में ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) ने इस प्रस्ताव के संबंध में बताते हुए कहा था कि रोजाना काम के घंटे को करीब आधा घंटा बढ़ाकर हफ्ते में 5 दिन काम की पॉलिसी लागू की जा सकती है. यानी बैंकों के कामकाज का समय आधा घंटा पहले शुरू किया जा सकता है, इससे हफ्ते में 5 दिन की नीति से कोई नुकसान नहीं होगा.
 


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