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बैंकर्स की मुराद पूरी होने के करीब, 5-डेज वर्किंग पर लगने वाली है मुहर!
सप्ताह में पांच दिन कामकाज के बैंक यूनियन के प्रस्ताव को अब वित्त मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
बैंकिंग सिस्टम (Banking System) में बड़ा बदलाव होने वाला है. यदि सबकुछ ठीक रहा, तो बैंक अब सप्ताह में केवल 5 ही खुलेंगे. बैंक कर्मचारी लंबे समय से 5-डेज वर्किंग पॉलिसी को अमल में लाए जाने की मांग करते आ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स एक अनुसार, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने बैंकर्स की मांग को स्वीकार कर लिया है और अब केवल वित्त मंत्रालय से हरी झंडी मिलने की देर है. यदि फाइनेंस मिनिस्ट्री इसे प्रस्ताव को मंजूर कर देती है, तो बैंकों में सप्ताह में केवल 5 दिन ही कामकाज होगा.
इस तरह होगा बदलाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक कर्मचारी यूनियनों द्वारा सभी शनिवारों को साप्ताहिक अवकाश घोषित करने की मांग को 28 जुलाई की बैठक में बैंक इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने स्वीकार कर लिया है. इस प्रस्ताव को अब मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेज दिया है. अगर वित्त मंत्रालय भी इसे मंजूरी दे देता है तो बैंक सप्ताह में सिर्फ पांच दिन ही चालू रहेंगे और बैंकर्स को पहले और तीसरे शनिवार को काम नहीं करना पड़ेगा. बता दें कि मौजूदा व्यवस्था के रविवार के अलावा बैंक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं.
नहीं प्रभावित होगा कामकाज
5-डेज वर्किंग के प्रस्ताव के अमल में आने के बाद बैंकों में 45 मिनट अधिक कामकाज किया जाएगा. ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) ने भरोसा दिलाया है कि 5-डेज वर्किंग से बैंकों का कामकाज प्रभावित नहीं होगा, क्योंकि सप्ताह में 5 कार्यदिवस की समयावधि में 45 मिनट तक बढ़ोतरी की जा सकती है. वहीं, माना जा रहा है कि सरकार को इस प्रस्ताव से कोई आपत्ति नहीं है और जल्द ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से इसे हरी झंडी मिल सकती है. गौरतलब है कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से 5-डेज वर्किंग और सैलरी बढ़ाने की मांग करते आ रहे हैं.
LIC का दिया हवाला
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि बीते कुछ समय में काम का बोझ काफी बढ़ गया है. जब LIC सहित कई कंपनियां हफ्ते में 5 दिन कामकाज की पॉलिसी अपना रही हैं, तो बैंकों में भी इसे अमल में लाया जा सकता है. पिछले साल बैंक यूनियनों की तरफ से सरकार के सामने काम के घंटे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था. इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) को लिखे पत्र में ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) ने इस प्रस्ताव के संबंध में बताते हुए कहा था कि रोजाना काम के घंटे को करीब आधा घंटा बढ़ाकर हफ्ते में 5 दिन काम की पॉलिसी लागू की जा सकती है. यानी बैंकों के कामकाज का समय आधा घंटा पहले शुरू किया जा सकता है, इससे हफ्ते में 5 दिन की नीति से कोई नुकसान नहीं होगा.
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