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इस कंपनी के चेयरमैन ने बताया 2030 का प्लान, कहा- 70 फीसदी ग्रीन एनर्जी का करेंगे इस्तेमाल
वैश्विक स्तर पर तेजी से बदलाव हो रहे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) व मशीन लर्निंग के इस दौर में भारत का ग्रोथ रेट और तेजी से बढ़ेगा. भारत विश्वगुरु बनने की राह पर है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने शनिवार को कहा कि समूह 2030 तक 70 प्रतिशत हरित ऊर्जा की ओर बढ़ जाएगा. वह जमशेदपुर में जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे जहां उन्हें सामाजिक और औद्योगिक शांति के लिए सर जहांगीर गांधी पदक से सम्मानित किया गया.
टाटा इलेक्ट्रॉनिक कार के मार्केट में लाएगा क्रांति
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखर ने कहा कि टाटा ग्रुप ग्रीन एनर्जी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. लिथियम आयन बैटरी बनाने के लिए 20 गीगावॉट की गीगाफैक्टरी शुरू की गयी है. भारत सेमीकंडक्टर के मामले में पूरी तरह दूसरे देशों से किए गए आयात पर निर्भर है. आने वाले समय में भारत में सेमीकंडक्टर की अच्छी खपत होने वाली है. फिलहाल इलेक्ट्रिक कारों की मार्केट हिस्सेदारी के मामले में टाटा मोटर्स भारत में सबसे आगे है. उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप ने लक्ष्य तैयार किया है कि 2030 तक 70 फीसदी ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल किया जाएगा.
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72,000 रोजगार पैदा होगा
एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा ग्रुप गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के 91,000 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित चिप मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और असम में 27,000 करोड़ रुपये की चिप असेंबली लगा रहा है. आने वाले सालों में इन प्लांट्स से लगभग 72,000 रोजगार पैदा होगा. इतना ही नहीं, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सेमीकंडक्टर प्लांट धीरे-धीरे चिप की आपूर्ति करके चरणबद्ध तरीके से सभी क्षेत्रों को सेवाएं देंगे.
विश्वगुरु बनने की राह पर है भारत
टाटा संस के चेयरमैन ने इसके साथ ही कहा कि वैश्विक स्तर पर तेजी से बदलाव हो रहे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) व मशीन लर्निंग के इस दौर में भारत का ग्रोथ रेट और तेजी से बढ़ेगा. भारत विश्वगुरु बनने की राह पर है. जियो पॉलिटिकल परिस्थिति ऐसी बन रही है जिसमें ग्रीन एनर्जी, सेमी कंडक्टर चिप, टेलीकॉम, डिफेंस से लेकर कई अन्य क्षेत्र ऐसे होंगे जिसमें विश्व के कई देशों की भारत पर निर्भरता रहेगी.
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