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UPI यूजर्स दें ध्यान! अब QR कोड शेयर करके विदेश में भुगतान नहीं होगा संभव, जानें वजह
NPCI के इस नए नियम का उद्देश्य UPI के अंतरराष्ट्रीय उपयोग को अधिक सुरक्षित और नियंत्रित बनाना है. हालांकि इससे विदेश यात्रा करने वालों के लिए पेमेंट प्रक्रिया थोड़ी दिक्कत हो सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अगर आप यूपीआई (UPI) से लेन-देन करते हैं और अक्सर विदेश यात्रा पर जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. दरअसल, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक नया सर्कुलर जारी किया है, जो अंतरराष्ट्रीय UPI भुगतान प्रणाली को प्रभावित करेगा. इस सर्कुलर के अनुसार अब QR कोड शेयर करके विदेश में भुगतान करना संभव नहीं होगा. यह नया नियम 4 अप्रैल 2025 से लागू हो चुका है. तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
QR कोड से भुगतान पर प्रतिबंध
NPCI के निर्देशों के अनुसार, अब 'QR शेयर एंड पे' फीचर UPI ग्लोबल P2M (पर्सन टू मर्चेंट) लेन-देन के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा. Payer PSP (पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर) को यह सुनिश्चित करना होगा कि पेयर का UPI ऐप QR कोड को पहचान सके. इसका सीधा अर्थ है कि यदि आप विदेश में किसी दुकानदार से कोई वस्तु खरीदते हैं और वह QR कोड भेजता है, तो आप उसे सेव कर लेने के बाद स्कैन करके भुगतान नहीं कर पाएंगे.
किन देशों में स्वीकार किया जाता है UPI
NPCI की वेबसाइट के अनुसार, वर्तमान में सात देशों – फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और भूटान में भारत का UPI आधारित QR पेमेंट सिस्टम स्वीकार किया जा रहा है. इन देशों में आप डायरेक्ट QR कोड स्कैन करके पेमेंट कर सकते हैं.
भारत में नियम क्या कहते हैं?
भारत में ‘QR शेयर एंड पे’ फीचर अभी भी मान्य है, लेकिन इसकी एक सीमा निर्धारित है. घरेलू लेनदेन में P2M (पर्सन टू मर्चेंट) ट्रांजेक्शन के लिए QR कोड से अधिकतम 2,000 रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है. अगर व्यापारी NPCI के साथ रजिस्टर्ड नहीं है, तो इस सीमा का पालन अनिवार्य है. यह सीमा पहले से लागू थी, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में इसे और कड़ा कर दिया गया है.
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