होम / बिजनेस / वंदे भारत मेट्रो से लेकर रेलवे में होने वाले बड़े बदलावों तक, सामने आई हर एक डिटेल
वंदे भारत मेट्रो से लेकर रेलवे में होने वाले बड़े बदलावों तक, सामने आई हर एक डिटेल
रेल हादसों को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. उन्होंने संसद को रेलवे की आगे की योजना के बारे में जानकारी दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
रेलवे में आने वाले समय में कई बड़े बदलाव होने वाले हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को संसद में इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आम लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक एक्सप्रेस-मेल ट्रेन में कम से कम 4 जनरल कोच लगाई जाएंगी. अमृत भारत ट्रेन के बारे में बताये हुए वैष्णव ने कहा कि गरीबों को सस्ते में यात्रा कराने वाली ये ट्रेन फिलहाल मालदा से बरेली, दरभंगा से दिल्ली के लिए चलाई जा रही है. भविष्य में ऐसी और ट्रेनें पटरी पर दौड़ेंगी.
यहां चलेगी वंदे भारत मेट्रो
रेल मंत्री ने कहा कि 'अमृत भारत' में 22 कोच होती हैं, जिनमें आधे स्लीपर और आधे जनरल डिब्बे हैं. इनमें मिलने वाली सुविधाएं किसी भी अन्य सामान्य श्रेणी की ट्रेनों से बेहतर हैं. इन गाड़ियों को काफी पसंद किया जा रहा है. इसलिए ऐसी 50 ट्रेनें चलाने का फैसला लिया गया है. अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत के बारे में बताते हुए कहा कि इन ट्रेनों के जरिए देश के लगभग सभी राज्यों को कवर किया जा चुका है. अब हमारी योजना है कि 150 किलोमीटर तक के दायरे में पड़ने वाले दो बड़े शहरों के बीच वंदे भारत मेट्रो चलाने की है. इसकी टेस्टिंग हो चुकी है. विकसित देशों में इस तरह की ट्रेनें काफी प्रचलित हैं.
सुरक्षा के लिए कवच
उन्होंने बताया कि लंबी दूरी की यात्रा के लिए वंदे भारत स्लीपर को भी डिजाइन किया गया है. पहली ट्रेन तैयार हो गई है और उसकी टेस्टिंग पर काम चल रहा है. इस ट्रेन के शुरू होने से लोगों का सफर बहुत आरामदायक हो जाएगा. रेल मंत्री ने सुरक्षित सफर के प्लान के बारे में भी संसद को बताया. अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा बेहद संवेदनशील मुद्दा है. हम पहले ही 'कवच' लॉन्च कर चुके हैं और अब उसके विस्तार पर हमारा फोकस है.
राजनीति भी कर बैठे मंत्री
हालांकि, रेलमंत्री इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने से नहीं चूके, उन्होंने ट्रेन हादसों का ठीकरा कांग्रेस के सिर फोड़ते हुए कहा कि ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन की व्यवस्था दुनिया में 1970 के दशक में शुरू हो गई थी, लेकिन कांग्रेस अपने 50 साल के शासन में इस पर काम नहीं कर पाई. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने इसकी शुरुआत की. वैष्णव ने कहा कि कवच को 2019 में इंटरनेशनल मान्यता मिली. पहले राउंड में 3000 किलोमीटर नेटवर्ट पर फोकस किया गया और अब इसके विस्तार पर काम कर रहे हैं.
टैग्स