होम / बिजनेस / PLI Scheme की के लिए दोबारा भरे जाएंगे आवेदन, सरकार ने जारी की डेडलाइन

PLI Scheme की के लिए दोबारा भरे जाएंगे आवेदन, सरकार ने जारी की डेडलाइन

केवल नए आवेदक और मार्च, 2023 तक की निवेश अवधि चुनने वाले एवं अपना निवेश बढ़ाने की मंशा रखने वाले मौजूदा लाभार्थी ही इसके पात्र होंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

केंद्र सरकार ने व्हाइट गुड्स (AC और LED लाइट) के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के लिए आवेदन विंडो को 15 जुलाई से 12 अक्टूबर तक 90 दिनों की टेन्योर के लिए फिर से खोल दिया है. इस विस्तार का मकसद संभावित निवेशकों को योजना से लाभ उठाने का एक और अवसर प्रदान करना है. वर्तमान में, व्हाइट गुड्स के लिए पीएलआई योजना के तहत 55 आवेदकों को लाभार्थियों के रूप में चुना गया है, जिसमें कुल 6,962 करोड़ के निवेश के लिए कमिटेड हैं. कई प्रमुख कंपनियां पहले ही AC के लिए कंपोनेंट के निर्माण में निवेश कर चुकी हैं, जिनमें डाइकिन, वोल्टास, हिंडाल्को, अंबर, पीजी टेक्नोप्लास्ट, ईपैक, मेट्यूब, एलजी, ब्लूस्टार, जॉनसन हिताची, पैनासोनिक, हायर, मिडिया, हैवेल्स, आईएफबी, निडेक, लुकास, स्वामीनाथन और ट्राइटन वाल्व्स जैसे नाम शामिल हैं.

15 जुलाई से शुरू होगा आवेदन
 
बयान के मुताबिक, प्रस्तावित तीसरे दौर में स्वीकृत आवेदक अधिकतम तीन साल के लिए पीएलआई के तहत पात्र होंगे. केवल नए आवेदक और मार्च, 2023 तक की निवेश अवधि चुनने वाले एवं अपना निवेश बढ़ाने की मंशा रखने वाले मौजूदा लाभार्थी ही इसके पात्र होंगे. वहीं जिन मौजूदा लाभार्थियों ने मार्च, 2022 तक की निवेश अवधि का विकल्प चुना है और प्रस्तावित तीसरे दौर में उच्च निवेश श्रेणी में जाना चाहते हैं, वे अधिकतम दो वर्षों के लिए ही प्रोत्साहन राशि पाने के हकदार होंगे. इसके साथ ही कारोबार में तरलता बनाए रखने, बेहतर कार्यशील पूंजी प्रबंधन और लाभार्थियों की परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए अब पीएलआई की तिमाही दावा प्रसंस्करण की प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया गया है.

कौन-कौन सी कंपनियां शामिल?

कई प्रमुख कंपनियां पहले ही एयर कंडीशनर (AC) के लिए कंपोनेंट के निर्माण में निवेश कर चुकी हैं, जिनमें डाइकिन, वोल्टास, हिंडाल्को, अंबर, पीजी टेक्नोप्लास्ट, ईपैक, मेट्यूब, एलजी, ब्लूस्टार, जॉनसन हिताची, पैनासोनिक, हायर, मिडिया, हैवेल्स, आईएफबी, निडेक, लुकास, स्वामीनाथन और ट्राइटन वाल्व्स जैसे नाम शामिल हैं. LED लाइट कंपोनेंट के लिए डिक्सन, आरके लाइटिंग, राधिका ऑप्टो, सूर्या, ओरिएंट, सिग्निफाई, क्रॉम्पटन ग्रीव्स, स्टोव क्राफ्ट, कॉस्मो फिल्म्स, हेलोनिक्स, चेनफेंग, फुलहम, एडसन इन्वेंट्रोनिक्स और लूकर जैसी कंपनियों ने निवेश किया है. 7 अप्रैल, 2021 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से स्वीकृत, व्हाइट गुड्स के लिए पीएलआई योजना का मकसद एसी और एलईडी कंपोनेंट्स के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है.

क्या है योजना का मकसद? 

यह योजना फाइनेंशियल ईयर 2021-22 से फाइनेंशियल ईयर 2025-26 तक की पांच साल की अवधि के लिए है. इस योजना का कुल परिव्यय 6,238 करोड़ रुपये है. यह योजना भारत में बेचे जाने वाले और ग्लोबल मार्केट में निर्यात किए जाने वाले सामानों पर आधार वर्ष की तुलना में बढ़ोतरी करने वाले कारोबार पर पात्र कंपनियों को पांच साल की अवधि के लिए 4-6% का प्रोत्साहन प्रदान करती हैं. इस योजना का मकसद संपूर्ण वैल्यू चेन में AC और LED लाइटों के लिए कंपोनेंट्स के मैन्युफैक्चरिंग में निवेश को प्रोत्साहित करना है, जिसमें वे कंपोनेंट भी शामिल हैं, जो वर्तमान में भारत में पर्याप्त मात्रा में निर्मित नहीं होते हैं.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज फिर बनेगा फाइनेंशियल हब, CSE को पुनर्जीवित करने की कवायद शुरू

राज्य सरकार का मानना है कि एक्सचेंज के दोबारा शुरू होने से कोलकाता को एक बार फिर पूर्वी भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी.

3 hours ago

JSW Infra का ₹7,503 करोड़ का QIP लॉन्च, विस्तार और कर्ज घटाने पर कंपनी का बड़ा दांव

फंड जुटाने की इस योजना में 6,555 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 947.7 करोड़ रुपये के शेयर प्रमोटर समूह की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे जाएंगे.

4 hours ago

₹4.38 लाख करोड़ का बजट, 'विकसित बांग्ला' पर बड़ा दांव, इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग को मिलेगी रफ्तार

राज्य सरकार 'पश्चिम बंगाल निवेश ढांचा' लागू करने की तैयारी में है, जिसके तहत औद्योगिक क्लस्टरों और कॉरिडोर के जरिए निवेश आकर्षित किया जाएगा.

5 hours ago

कमजोर मॉनसून से बढ़ सकती है महंगाई की मार, आर्थिक विकास की रफ्तार पर भी मंडरा रहा खतरा: RBI

आरबीआई की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता की अगुवाई में तैयार रिपोर्ट में कहा गया है कि कमजोर मॉनसून कृषि उत्पादन, खाद्य कीमतों और आर्थिक गतिविधियों पर असर डाल सकता है.

7 hours ago

क्रेड के संस्थापक कुणाल शाह मेटा से जुड़े, व्हाट्सऐप के ग्लोबल हेड की जिम्मेदारी संभालेंगे

Meta ने CRED में किया बड़ा निवेश, कंपनी की वैल्यू 4.5 अरब डॉलर पहुंची

7 hours ago


बड़ी खबरें

मार्केटिंग का सबसे बड़ा बदलाव, अब क्रिएटर्स बन रहे हैं रणनीतिक बिजनेस पार्टनर

भारत में डिजिटल खरीदारी अब काफी हद तक विजुअल, मोबाइल-केंद्रित और क्रिएटर-आधारित हो चुकी है, जिसे 49.1 करोड़ से अधिक सक्रिय सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और ई-रिटेल के तेज विस्तार से बल मिला है.

2 hours ago

LiLLBUD ने जुटाए ₹6 करोड़, भारत के अर्ली लर्निंग मार्केट में बढ़ाए कदम

इस फंडिंग राउंड में CRED के संस्थापक कुणाल शाह और Shadowfax के सीईओ अभिषेक बंसल समेत कई एंजेल निवेशकों ने भी निवेश किया है.

41 minutes ago

कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज फिर बनेगा फाइनेंशियल हब, CSE को पुनर्जीवित करने की कवायद शुरू

राज्य सरकार का मानना है कि एक्सचेंज के दोबारा शुरू होने से कोलकाता को एक बार फिर पूर्वी भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी.

3 hours ago

मार्केटप्लेस के पीछे का खेल: डिजिटल उपभोक्ता शोषण का नया चेहरा

डिजिटल कॉमर्स की असली सफलता केवल बिक्री बढ़ाने में नहीं, बल्कि पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखने में निहित है.

7 minutes ago

SKF India में बड़ा नेतृत्व बदलाव, मानसा नागराजू बनीं IT और डिजिटलीकरण प्रमुख

मानसा नागराजू, भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व क्षेत्र की डिजिटल रणनीति संभालेंगी.

5 hours ago