होम / बिजनेस / Apple ने Goldman Sach से बनाई दूरी, इस वजह से खत्म किया रिश्ता

Apple ने Goldman Sach से बनाई दूरी, इस वजह से खत्म किया रिश्ता

सबसे बड़ी बात ये है कि एप्‍पल कार्ड के लिए गोल्‍डमैन सैक्‍स को प्रति कार्ड 350 डॉलर की ज्‍यादा राशि खर्च करनी पड़ी थी. इसके कारण उसे नुकसान का सामना उठाना पड़ा था. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

मोबाइल फोन से लेकर दूसरे उपकरण बनाने वाली टेक कंपनी Apple ने अपनी क्रेडिट कार्ड की साझेदारी को खत्‍म करने का फैसला लिया  है. एप्‍पल क्रेडिट कार्ड एक तरह का वर्चुअल क्रेडिट कार्ड है. जिसे एप्‍पल ने गोल्‍डमैन सैक्‍स के साथ मिलकर 2019 में लॉन्‍च किया था. लेकिन अब कुछ कारणों के चलते एप्‍पल ने गोल्‍डमैन सैक्‍स के साथ अपनी साझेदारी को खत्‍म करने का फैसला लिया है. एप्‍पल ने इस बारे में गोल्‍डमैन को सूचित कर दिया है. 

क्‍या है ये पूरा मामला? 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एप्‍पल और गोल्‍डमैन के बीच 2019 में एक क्रेडिट कार्ड को लेकर साझेदारी हुई थी. इस साझेदारी के तहत जारी किए गए इस क्रेडिट कार्ड से एप्‍पल के प्रोडक्‍ट को (Buy Now Pay Later) की सुविधा पर लिया जा सकता था.  एप्‍पल क्रेडिट कार्ड के जरिए उपभोक्‍ता एप्‍पल फोन, एप्‍पल वॉच खरीद सकते हैं. इस कार्ड में न तो कोई नंबर है, न ही सीवीवी है और न ही एक्‍सपॉयरी दी हुई है. 

क्‍या है इस साझेदारी के टूटने की वजह? 
दरअसल मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि गोल्‍डमैन सैक्‍स को 3 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. इसमें 1 बिलियन का नुकसान उसके अकेले एप्‍पल के कारण हुआ है. इस नुकसान के कारण गोल्‍डमैन सैक्‍स अब एप्‍पल कार्ड सहित दूसरे तरह के कर्ज से बाहर निकलने की तैयारी कर रहा है. हालांकि ये आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं है, लेकिन गोल्‍डमैन सैक्‍स एप्‍पल के साथ साझेदारी करके नाखुश है. इससे पहले इस साल की शुरुआत में गोल्‍डमैन सैक्‍स ने एप्‍पल के साथ मिलकर एक बचत खाते की शुरुआत की थी, जिसे लेकर ग्राहकों का जबरदस्‍त उत्‍साह देखने को मिला था. 

गोल्‍डमैन सैक्‍स ने ग्राहकों के लिए खर्च किया था ज्‍यादा 
गोल्‍डमैन सैक्‍स का कर्ज देने के मामले में प्रवेश बहुत ज्‍यादा फलदायी नहीं रहा है. गोल्‍डमैन सैक्‍स को इसके लिए 3 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था. इसमें 1 बिलियन का नुकसान अकेले एप्‍पल कार्ड के कारण हुआ. सबसे बड़ी बात ये है कि गोल्‍डमैन सैक्‍स ने एप्‍पल कार्ड के उपयोगकर्ताओं के लिए 350 डॉलर की अधिक राशि खर्च की थी, जिससे 2022 में उसे 1.2 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ.  

 

ये भी पढ़ें : किस डील की बदौलत 3% उछले Zomato Ltd के Shares, क्या है पूरा मामला?
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

ऊर्जा संकट और ईंधन के बढ़ते दामों के बीच EV बना नया विकल्प, छोटे शहरों में तेज मांग

उद्योग जगत के आंकड़ों के अनुसार टियर-2 शहरों में ईवी की पैठ करीब 10.7% और टियर-3 शहरों में लगभग 8.7% तक पहुंच चुकी है, जो टियर-1 शहरों के मुकाबले बहुत पीछे नहीं है.

40 minutes ago

अडानी एयरपोर्ट बिजनेस पर विदेशी निवेशकों की नजर, 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार बड़े ग्लोबल निवेशकों का एक समूह अडानी ग्रुप के एयरपोर्ट कारोबार में निवेश को लेकर बातचीत कर रहा है. इस निवेश की कुल वैल्यू करीब 1.3 बिलियन डॉलर यानी 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है.

1 hour ago

ट्रंप-शी बैठक से दुनिया को राहत के संकेत, अमेरिका-चीन ने तनाव घटाने पर बनाई सहमति

बैठक का सबसे बड़ा नतीजा यह रहा कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को “रणनीतिक स्थिरता” के दायरे में बनाए रखने पर सहमति जताई. इसका मतलब है कि अब अमेरिका और चीन सीधे टकराव बढ़ाने के बजाय बातचीत और नियंत्रित प्रतिस्पर्धा की नीति अपनाएंगे.

4 hours ago

महंगाई का बड़ा झटका: पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा, कई शहरों में 3 रुपये से ज्यादा बढ़े दाम

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब महंगाई के आंकड़ों में भी दिखने लगा है. अप्रैल महीने में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और नेचुरल गैस की कीमतों में तेजी के कारण थोक महंगाई कई साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई.

4 hours ago

कल बाजार में रही जोरदार तेजी, आज इन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर

गुरुवार को सेंसेक्स 789.74 अंक की बढ़त के साथ 75,398.72 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 277 अंक चढ़कर 23,689.60 के स्तर पर पहुंच गया था.

5 hours ago


बड़ी खबरें

अडानी एयरपोर्ट बिजनेस पर विदेशी निवेशकों की नजर, 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार बड़े ग्लोबल निवेशकों का एक समूह अडानी ग्रुप के एयरपोर्ट कारोबार में निवेश को लेकर बातचीत कर रहा है. इस निवेश की कुल वैल्यू करीब 1.3 बिलियन डॉलर यानी 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है.

1 hour ago

ऊर्जा संकट और ईंधन के बढ़ते दामों के बीच EV बना नया विकल्प, छोटे शहरों में तेज मांग

उद्योग जगत के आंकड़ों के अनुसार टियर-2 शहरों में ईवी की पैठ करीब 10.7% और टियर-3 शहरों में लगभग 8.7% तक पहुंच चुकी है, जो टियर-1 शहरों के मुकाबले बहुत पीछे नहीं है.

40 minutes ago

ट्रंप-शी बैठक से दुनिया को राहत के संकेत, अमेरिका-चीन ने तनाव घटाने पर बनाई सहमति

बैठक का सबसे बड़ा नतीजा यह रहा कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को “रणनीतिक स्थिरता” के दायरे में बनाए रखने पर सहमति जताई. इसका मतलब है कि अब अमेरिका और चीन सीधे टकराव बढ़ाने के बजाय बातचीत और नियंत्रित प्रतिस्पर्धा की नीति अपनाएंगे.

4 hours ago

सिर्फ 7 मिनट में फेफड़ों के कैंसर का इलाज, भारत में लॉन्च हुई दुनिया की पहली सबक्यूटेनियस इम्यूनोथेरेपी टिसेंट्रिक एससी

कंपनी का कहना है कि इस नई थेरेपी से मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में कम समय बिताना पड़ेगा. साथ ही बार-बार लंबे सफर और उपचार से जुड़े अप्रत्यक्ष खर्चों में भी कमी आएगी.

4 hours ago

कल बाजार में रही जोरदार तेजी, आज इन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर

गुरुवार को सेंसेक्स 789.74 अंक की बढ़त के साथ 75,398.72 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 277 अंक चढ़कर 23,689.60 के स्तर पर पहुंच गया था.

5 hours ago