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अब UN ने कहा और बेहतर हो रही है भारत की आर्थिक हालत, 2025 में इतनी रह सकती ग्रोथ रेट
भारत की तेज ग्रोथ को लेकर मूडीज से लेकर एडीबी और आइएमएफ भी बेहतर अनुमान जता चुके हैं. उन सभी का मानना है कि 2025 में भारत की ग्रोथ और बेहतर हो सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
दुनियाभर में भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सभी जगह सकारात्मक अनुमान लगाए जा रहे हैं. हर एजेंसी का मानना है कि भारत की जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े इस बार 7 प्रतिशत के आसपास रह सकते हैं. इसी कड़ी में यूनाइटेड नेशन की ओर से जारी की गई रिपोर्ट WESP (world Economic Situation and Prospects) में भारत की ग्रोथ को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गई है. रिपोर्ट कहती है कि 2024 में भारत की ग्रोथ रेट 6.9 प्रतिशत की ग्रोथ रेट रहेगी तो वहीं 2025 में ये ग्रोथ रेट 6.6 प्रतिशत रह सकती है.
इस ग्रोथ के लिए क्या कारण देती है रिपोर्ट?
यूनाइटेड नेशन की रिपोर्ट कहती है कि भारत की इस ग्रोथ के पीछे जो सबसे बड़ा कारण नजर आ रहा है वो है बाजार में लोगों के निवेश करने की ताकत, निजी खपत में दिखाई देने वाला लचीलापन. यही नहीं यूएन का अनुमान है कि अभी मर्चेंडाइज सेक्टर में भारत के प्रोडक्ट की अच्छी डिमांड बनी हुई है जिसकी आगे भी बने रहने की संभावना है. यही नहीं फॉर्मास्यूटिकल और कैमिकल सेक्टर के एक्सपोर्ट की भी स्थिति बेहतर बनी हुई है. सबसे दिलचस्प बात ये है कि यूएन का ये अनुमान तब आया है जब कुछ दिन पहले ही महंगाई दर के आंकड़े सामने आए हैं और ये अप्रैल 2023 के 6.2 प्रतिशत के मुकाबले इस साल अप्रैल में 4.5 प्रतिशत रहे हैं. ये दर आरबीआई की टारगेट दर के बीच है.
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Moody’s के अनुमान के बाद आया है यूएन का बयान
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर इससे पहले Moody’s अपना अनुमान जता चुका है. Moody’s के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था की रफ्तार 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है. जबकि जानकारों का ये भी मानना है कि मजबूत डिमांड के कारण भारत में लेबर बाजार के इंडीकेटर मजबूत बने हुए हैं. वहीं सरकार वित्तीय घाटे को भी कम करने और कैपिटल इंवेस्टमेंट को बढ़ाने की तैयारी में जुटी हुई है.
बाकी देशों को लेकर क्या कहती है रिपोर्ट?
यूनाइटेड नेशन की रिपोर्ट में दूसरे देशों की स्थिति को लेकर भी अनुमान जताया गया है. रिपोर्ट कहती है कि श्रीलंका और पाकिस्तान की स्थिति में पहले से सुधार हुआ है.भारत की तेज इकोनॉमिक ग्रोथ और बेहतर भविष्यवाणी के साथ समूचे साउथ एशिया में इकोनॉमिक स्थिति सही रहने की संभावना है. क्षेत्रीय देशों की ग्रोथ रेट 5.8 प्रतिशत तक रहने का अनुमान जताया गया है. जनवरी में इसके 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था. वहीं यूएन की रिपोर्ट में 2025 में दुनिया की इकोनॉमिक ग्रोथ 2.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है जबकि जनवरी में ये 2.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
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