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जिस सवाल पर घिरे महाराष्ट्र के CM, उसका जवाब वेदांता के चेयरमैन ने दिया  

पहले ऐसी खबरें थीं कि वेदांता और फॉक्सकॉन का सेमीकंडक्टर प्लांट महाराष्ट्र में लगेगा, लेकिन बाजी गुजरात मार गया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

वेदांता (Vedanta) और फॉक्सकॉन (Foxconn) के गुजरात में लगने वाले सेमीकंडक्टर प्लांट को लेकर महाराष्ट्र में राजनीति शुरू हो गई है. विपक्ष भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सवाल पूछ रहा है कि आखिर ये कैसे संभव हो गया. यदि महाराष्ट्र में प्लांट लगता, तो राज्य को न केवल आर्थिक फायदा होता बल्कि स्थानीय युवाओं को भी रोजगार मिलता. बता दें कि वेदांता और फॉक्सकॉन 1.54 लाख करोड़ रुपए का निवेश करके ये प्लांट लगाएंगी. इसे सेमीकंडक्टर के मामले में भारत के आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.   

विपक्ष पूछ रहा सवाल
पहले ऐसी खबरें थीं कि वेदांता और फॉक्सकॉन का यह प्लांट महाराष्ट्र में लगेगा, लेकिन बाजी गुजरात मार गया. विपक्ष इसे बड़े अवसर का हाथ से जाना बताते हुए शिंदे सरकार को घेर रहा है. उससे सवाल पूछ रहा है कि आखिर ऐसा कैसे हो गया? अब इस सवाल का जवाब खुद वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने दिया है. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के बजाए गुजरात को क्यों चुना गया.

सलाह के आधार पर फैसला
अनिल अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो साल के दौरान हम कई राज्यों की सरकारों और केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे थे. हमें सभी सरकारों से शानदार सपोर्ट भी मिला. इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें की गईं. महाराष्ट्र की तरफ से अच्छा ऑफर भी मिला, लेकिन पेशेवर और स्वतंत्र सलाह के आधार पर हमने गुजरात को चुना.

इन राज्यों को किया था शॉर्टलिस्ट 
अग्रवाल ने कहा कि प्लांट के लिए स्थान का चयन एक वैज्ञानिक और वित्तीय प्रक्रिया है, जिसमें कई साल लग जाते हैं. हमारी कंपनी ने इस बारे में 2 साल पहले काम शुरू कर दिया था. हमारे एक्सपर्ट की एक टीम ने गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों को शॉर्टलिस्ट किया था. जिसमें से हमें गुजरात ज्यादा अनुकूल लगा. वेदांता चेयरमैन ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र ने प्रतिस्पर्धी पेशकश देकर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ने का प्रयास किया, लेकिन पेशेवर और स्वतंत्र सलाह के आधार पर हमने गुजरात को चुना.

महाराष्ट्र का भी रखेंगे ख्याल
उन्होंने आगे कहा, 'जब हम जुलाई में महाराष्ट्र सरकार से मिले, तो उन्होंने प्रतिस्पर्धी ऑफर देकर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ने की कोशिश की. हालांकि हमें तो किसी एक ही जगह से शुरूआती करनी थी, इसलिए हमने पेशेवर और स्वतंत्र परामर्श के आधार पर गुजरात को चुना. महाराष्ट्र के विषय में उन्होंने कहा कि हम एक अखिल भारतीय इकोसिस्टम तैयार करेंगे और हम महाराष्ट्र में भी निवेश करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं. आने वाले समय में हमारे गुजरात के ज्वाइंट वेंचर के इंटीग्रेशन के लिए महाराष्ट्र अहम रहेगा.
 


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