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Sahara के निवेशकों के लिए बड़ा दिन, लॉन्च हुआ 'सहारा रिफंड पोर्टल'
किसी जमाने में सहारा समूह इतना ज्यादा फेमस था कि लोगों ने आंख मूंदकर उसकी निवेश योजनाओं में पैसा लगा दिया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
यदि आपने सहारा (Sahara) में निवेश किया था, तो आज आपके लिए शुभ दिन हो सकता है. सहारा के करीब 10 करोड़ निवेशकों को बड़ी खुशखबरी मिल गई है. केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने आज यानी 18 जुलाई को 'सहारा रिफंड पोर्टल' (Sahara Refund Portal) लॉन्च किया है, जिसकी मदद से सहारा के उन निवेशकों के पैसे वापस मिलेंगे जिनकी निवेश अवधि पूरी हो चुकी है. इस पोर्टल पर सहारा निवेशकों को रिफंड से जुड़ी हर एक जानकारी दी जाएगी. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह कार्रवाई की जा रही है.
10 करोड़ निवेशक परेशान
सहारा इंडिया की को-ऑपरेटिव सोसाइटीज में निवेश करने वाले 10 करोड़ निवेशकों के पैसे फंसे हुए हैं. इसमें उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है. पैसे वापस नहीं मिलने पर निवेशकों ने सरकार से हस्तक्षेप की अपील की थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिक दायर की गई. कोर्ट ने निर्देश दिया था कि सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं के बकाया के भुगतान के लिए 'सहारा-सेबी रिफंड अकाउंट' से 5000 करोड़ रुपए सेंट्रल रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज (CRCS) में ट्रांसफर किए जाएं. डिपॉजिटर्स को ये पैसा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज आर सुभाष रेड्डी की निगरानी लौटाना है.
इनके निवेशक ही कर सकेंगे आवेदन
सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के निवेशक ही रिफंड के लिए आवेदन कर सकेंगे. पोर्टल पर इस विषय पर सभी जानकारी मौजूद होगी. लिहाजा, पहले निवेशकों को यह जांचना होगा कि उन्होंने कहां निवेश किया था, यदि उन्होंने उपरोक्त 4 में से किसी को-ऑपरेटिव सोसाइटी में निवेश किया था और उनके निवेश की अवधि पूरी हो चुकी है, तो वह रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं.
कभी हर तरफ था जलवा
एक समय में सहारा देश की बड़ी प्राइवेट कंपनियों में शुमार थी, जिसके 11 लाख से ज्यादा कर्मचारी थे. रियल एस्टेट से लेकर मीडिया तक कई सेक्टर्स में सहारा समूह का कारोबार फैला हुआ था. करीब 11 सालों तक सहारा टीम इंडिया का स्पॉन्सर भी रही, लेकिन बाद में उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई. समूह के मालिक सुब्रत रॉय पर सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इंडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (SHICL) में नियमों के खिलाफ लोगों से पैसे निवेश करवाने का आरोप लगा. इस मामले में उन्हें जेल तक जाना पड़ा. सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय को निवेशकों को 24400 करोड़ रुपए लौटाने को कहा था, तब से लेकर आज तक ये केस जारी है.
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