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अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ का भारत के निर्यात पर नहीं पड़ेगा ज्यादा असर: SBI रिपोर्ट

अमेरिका द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा के बावजूद, SBI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के निर्यात पर इसका असर बहुत मामूली रहेगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

अमेरिका ने हाल ही में भारत समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा की है. इसका मतलब है कि भारत जितना अमेरिका से शुल्क लेता है, उतना ही शुल्क अमेरिका भारत से लेगा. इस फैसले पर भारतीय रिजर्व बैंक (SBI) ने एक रिपोर्ट पेश की है, जिसमें कहा गया है कि इस बदलाव का भारतीय निर्यात पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.

टैरिफ वृद्धि से निर्यात पर मामूली असर होगा 
एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका द्वारा 15-20 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाए जाने से भारतीय निर्यात में केवल 3 से 3.5 प्रतिशत की गिरावट आएगी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस गिरावट को आसानी से बढ़े हुए निर्यात लक्ष्यों के जरिए पूरा किया जा सकता है, यानी अधिक निर्यात करके इस नुकसान की भरपाई की जा सकती है.

निर्यात के विभिन्न रास्ते 
रिपोर्ट के अनुसार, भारत इस स्थिति का सामना करने के लिए अपने निर्यात को विभिन्न देशों में भेज सकता है. साथ ही, उत्पादों की गुणवत्ता को बेहतर बनाकर और नए व्यापारिक रास्तों की तलाश करके भी इस असर को कम किया जा सकता है. अगर अमेरिका से व्यापार में किसी प्रकार की रुकावट आती है, तो भारत दूसरे देशों के साथ व्यापार बढ़ाकर इस नुकसान की भरपाई कर सकता है. इसके अलावा, बेहतर और महंगे उत्पाद बनाकर भी भारत मुनाफा बढ़ा सकता है. 

एकल निर्भरता कम करना  
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, जहां वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत के कुल निर्यात का 17.7 प्रतिशत हिस्सा गया था. हालांकि, भारत अब किसी एक बाजार पर अपनी निर्भरता कम करने के प्रयास कर रहा है और विभिन्न देशों के साथ व्यापार बढ़ा रहा है. यूरोप, मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों के साथ व्यापार बढ़ाकर भारत अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत कर रहा है, जिससे निर्यात में स्थिरता आएगी. इस रणनीति से यदि किसी एक देश में समस्या आती है, तो अन्य देशों के साथ व्यापार जारी रखा जा सकेगा और निर्यात में रुकावट नहीं आएगी.

निर्यात से अधिक कमाई का लक्ष्य
भारत अपने निर्यात में मूल्यवर्धन पर अधिक ध्यान दे रहा है. कच्चे माल के बजाय, अब तैयार माल और महंगे उत्पादों का निर्यात बढ़ाया जा रहा है. इससे न केवल निर्यात से होने वाली कमाई बढ़ेगी, बल्कि टैरिफ बढ़ोतरी का असर भी कम होगा, क्योंकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बने रहेंगे.

नए व्यापार मार्ग और परिवहन लागत में कमी  
एसबीआई रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत यूरोप, मध्य पूर्व और अमेरिका को जोड़ने वाले वैकल्पिक व्यापार मार्गों पर काम कर रहा है. इससे परिवहन लागत कम होगी और कार्यक्षमता में सुधार होगा। इस आपूर्ति श्रृंखला के नए ढांचे से वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत की अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्थिति मजबूत होगी.

 


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