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कोर्ट के फैसले के बाद लोढ़ा बंधुओं के बीच विवाद सुलझा, जानें किन मुद्दों पर बनी सहमति?
मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों ने अपने-अपने ब्रांड और व्यावसायिक सीमाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर दिया है. लोढ़ा बंधुओं का यह कदम परिवार और कारोबार दोनों की स्थिरता की दिशा में एक अहम पहल है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
रियल एस्टेट दिग्गज लोढ़ा बंधुओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद का आज अंत हो गया है. दरअसल, हाई कोर्ट की दखल के बाद रियल एस्टेट सेक्टर की दो जानी-मानी हस्तियां अभिषेक लोढ़ा और अभिनंदन लोढ़ा के बीच चल रहा पारिवारिक और कारोबारी विवाद आखिरकार 14 अप्रैल, 2025 को समाप्त हो गया है. दोनों पक्षों और उनकी संबंधित कंपनियों ने पारिवारिक मध्यस्थता के तहत सभी लंबित मुद्दों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा लिया है. आइए जानते हैं ये विवाद क्या था?
ब्रांड अधिकारों को लेकर बनी स्पष्ट सहमति
आधिकारिक बयान के अनुसार, मैक्रोटेक डेवलपर्स लिमिटेड (MDL), जिसे अभिषेक लोढ़ा संचालित करते हैं, "लोढ़ा" और "लोढ़ा ग्रुप" ब्रांड नामों का मालिक बना रहेगा और इनका विशेष उपयोग का अधिकार उसी के पास होगा.
वहीं दूसरी ओर, अभिनंदन लोढ़ा की फर्म “हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा (HOABL)” ब्रांड का स्वतंत्र रूप से स्वामित्व रखती है. दोनों ब्रांडों के बीच अब कोई संबंध नहीं रहेगा, और यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि अभिनंदन का लोढ़ा ग्रुप, MDL या अभिषेक के अन्य व्यवसायों में कोई दावा या हिस्सेदारी नहीं है.
बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई मध्यस्थता
इस विवाद को सुलझाने में बॉम्बे हाईकोर्ट की अहम भूमिका रही. कोर्ट ने 31 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरवी. रवींद्रन को इस मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया था. उन्हें पांच सप्ताह के भीतर समाधान निकालने का निर्देश दिया गया था. सफल समाधान के बाद, दोनों भाइयों ने न्यायमूर्ति रवींद्रन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण रहा. इसके साथ ही उन्होंने परिवार के बुजुर्गों और शुभचिंतकों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने इस समाधान प्रक्रिया में सहयोग किया.
5000 करोड़ के मुकदमे से शुरू हुआ था विवाद
लोढ़ा बंधुओं के बीच यह विवाद साल 2023 के अंत या 2024 की शुरुआत में सार्वजनिक रूप से सामने आया था. इस विवाद की शुरुआत तब मानी जाती है जब मैक्रोटेक डेवलपर्स लिमिटेड (MDL) के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक लोढ़ा ने अपने छोटे भाई अभिनंदन लोढ़ा पर आरोप लगाया कि वे ‘लोढ़ा’ और ‘लोढ़ा ग्रुप’ ब्रांड का अनधिकृत रूप से उपयोग कर रहे हैं. इसके तहत उन्होंने उसकी कंपनी हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा (HOABL) के खिलाफ 5000 करोड़ रुपये का मुकदमा दायर किया था. यह मामला एक बड़े पारिवारिक और ब्रांड अधिकार के टकराव का रूप ले चुका था, लेकिन अब इसे आपसी सहमति और समझौते के जरिए समाप्त कर दिया गया है.
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